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लरुद्रप्रयाग;
भूपेंद्र भंडारी

चाहे गरमी हो या बरसात रुद्रप्रयाग जनपद में पेयजल सकंट थमने का नाम नही ले रहा है। गरमी बढ़ते ही जहाॅ पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है वही बरसात में दूषित पेयजल से जनता परेशान है।  अगस्त्यमुनि में नलो से गन्दा पानी बह रहा है तो रतूड़ा व तल्ला नागपुर क्षेत्र की जनता एक एक बूंद पानी को तरस रही है। 

अगस्त्यमुनि  क्षेत्र मे पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए अलग सेे पेयजल योजना तैयार की गयी थी मगर उचित रखरखाव के अभाव मे करोडो की पेयजल योजना दो बूंद पानी तक  भी नहीं उगल पा रही है। विक्की आनन्द पूर्व छात्रसंघ ,अगस्त्यमुनि का कहना है कि जनता को  टैंकरों के सहारे ही पेयजल मुहैय्या हो पा रहा है जबकि नलों के द्वारा दूषित पेयजल उपभोक्ताओं के घरों में पहुॅच रहा है।
स्थानीय निवासी अगस्त्यमुनि, कुवॅर सजवाण का कहना है कि टैंकरों के जरिये भी दूषित पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। जिससे महामारी फैलने की पूरी आशंका है।

वही  दूसरी ओर जनपद मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूर रतूड़ा क्षेत्र में पेयजल को लेकर आहाकार मचा हुआ है। विजेन्द्र चैहान स्थानीय निवासी रतूड़ा, ने बताया कि जनता विभागीय गलतियों के चलते एक एक  बूंद पानी को तरस रही है। 

प्रेम  सिंह नेगी स्थानीय निवासी रतूड़ा ने आरोप लगाया कि गलत  संयोजन  दिये जाने से उपभोक्ताओं को दो बूंद पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में स्थानीय जनता का  आक्रोश कभी भी जलसंस्थान के दफ्तर पर फूट सकता है। 

गर्मी हो या बरसात हर समय जनता को पेयजल किल्लत से जूझना ही पड़ रहा है। ओर विभाग महज कागजों में  आंकड़ों को दर्शाकर  नियमित पेयजल आपूर्ति के दावे कर रहा है।

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