इस वर्ष प्रदेश में लगाए जाएंगे 01 करोड़ 50 लाख पौधे
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून के दौरान सभी जनपदों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए। सभी जिलाधिकारी अपने जनपद में किसी स्थान का चयन कर वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए 05 साल की कार्ययोजना बनायें, ताकि हर जिले में एक माॅडल तैयार हो सके। वृक्षारोपण के लिए अधिक से अधिक जन सहयोग लिया जाए एवं विषय विशेषज्ञों की राय ली जाए। जल स्रोतों के पुनर्जीवन व व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए जिलाधिकारी स्वयं जिम्मेदारी लें। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून एवं अल्मोड़ा से रिस्पना एवं कोसी नदी पर होने वाले वृक्षारोपण की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए अधिक से अधिक जन सहयोग लिया जाए।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि मानसून के दौरान सभी जनपदों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए। सभी जिलाधिकारी अपने जनपद में किसी स्थान का चयन कर वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए 05 साल की कार्ययोजना बनायें, ताकि हर जिले में एक माॅडल तैयार हो सके। वृक्षारोपण के लिए अधिक से अधिक जन सहयोग लिया जाए एवं विषय विशेषज्ञों की राय ली जाए। जल स्रोतों के पुनर्जीवन व व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के लिए जिलाधिकारी स्वयं जिम्मेदारी लें। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून एवं अल्मोड़ा से रिस्पना एवं कोसी नदी पर होने वाले वृक्षारोपण की तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इन नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिए अधिक से अधिक जन सहयोग लिया जाए।
वन
विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि इस वर्ष मानसून अवधि में 17560 हैक्टेयर
में कुल 01 करोड़ 50 लाख पौधे लगाये जायेंगे। उत्तरकाशी में 1135 हैक्टेयर
क्षेत्र में 10 लाख 55 हजार, चमोली में 1400 हैक्टेयर में 11 लाख 19 हजार,
टिहरी में 1860 हैक्टेयर में 19 लाख 22 हजार, देहरादून में 1260 हैक्टेयर
क्षेत्र में 10 लाख 26 हजार, पौड़ी में 2600 हैक्टेयर में 20 लाख 16 हजार,
रूद्रप्रयाग में 835 हैक्टेयर में 09 लाख 81 हजार व हरिद्वार में 596
हैक्टेयर में 05 लाख 46 हजार पौधे लगाये जायेंगे। जबकि नैनीताल में 1627
हैक्टेयर में 11 लाख 68 हजार, उधमसिंह नगर में 1375 हैक्टेयर में 09 लाख 64
हजार, अल्मोडा में 1496 हैक्टेयर में 11 लाख 15 हजार, बागेश्वर में 896
हैक्टेयर मेें 07 लाख 78 हजार, पिथौरागढ में 1634 हैक्टेयर में 16 लाख 47
हजार व चंपावत में 715 हैक्टेयर में 05 लाख 62 हजार पौधे लगाये जायेंगे।
बैठक
मे अपर मुख्य सचिव डाॅ.रणवीर सिंह, प्रमुख वन संरक्षक श्री जयराज, सचिव
अमित नेगी, अपर सचिव श्री सविन बंसल, सहित अन्य वरष्ठि अधिकारी उपस्थित थे।
आपदा की स्थिति से निबटने हेतु संचार व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए: मुख्यमंत्री
आपदा की स्थिति को दृष्टि में रखते हुए ,मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि तहसील
स्तर तक ड्रोन कैमरा उपलब्ध करवाए जाएं। आपदा की स्थिति में कम्यूनिकेशन
बाधित न हो। रेस्पान्स टाईम पर विशेष ध्यान दिया जाए। आपदा प्रबंधन संबंधी
प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए, मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों व
शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फें्रसिंग के माध्यम से आपदा
से निटने की तैयारियों की समीक्षा की। आवश्यक उपकरणों की खरीद कर ली जाए।
इसमें धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सभी
जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को
किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। इसके
लिए सभी आवश्यपक प्रबंध पहले ही सुनिश्चित कर लिए जाएं। आकस्मिक
परिस्थितियों में कम्यूनिकेशन टूटना नहीं चाहिए। रेस्पान्स टाईम सबसे
महत्वपूर्ण है। जल्द से जल्द घटना स्थल तक पहुंचना और प्रभावितों को राहत
उपलब्ध करवाने की व्यवस्था हो। चिन्हित आश्रय स्थलों पर भोजन, पेयजल,
कैरोसीन, दवाईयां व अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित हो। राशन की
क्वालिटी समय-समय पर चैक कर ली जाए। 15 जून तक सभी बाढ़ चैकियों को
क्रियाशील कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्धसैन्य बलों के
साथ भी समन्वय स्थापित किया जाए। सेना से भी आपदा की स्थिति में पूरा
सहयोग मिलेगा। इस संबंध में सेना प्रमुख से उनकी बात हुई है। प्रचार
माध्यमों से बाहर से आने वाले पर्यटकों को आगाह किया जाए कि वे नदियों के
समीप न जाएं। कन्ट्रोल रूम 24X7संचालित हों। मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक
प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण
पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सभी
जिलाधिकारियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि संवेदनशील
भूस्खलन क्षेत्रों में वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं। वर्षा से बाधित
होने वाले मार्गों को कम से कम समय में खोला जा सके, इसके लिए जेसीबी,
के्रन व मानव संसाधनों को संवेदनशील स्थानों पर पहले से ही तैनात किया जा
रहा है। जगह जगह बनाए जाने वाले आश्रय स्थलों पर भोजन, पेयजल, कैरोसीन,
दवाईयां व अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों व
कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। माॅक ड्रिल
भी समस-समय पर आयोजित की जाती है।
मुख्य
सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के
देहरादून आगमन के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में 21 जून 2018 को अंतरराष्ट्रीय
योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योग प्रदर्शन किया जाएगा। इस लिहाज से मुख्य
सचिव ने विभागीय सचिवों, कार्यालयाध्यक्षों के साथ मंगलवार को सचिवालय में
बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि
बिना पास के किसी को भी एफआरआई में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए सभी लोग
ऑफ लाइन या ऑनलाइन पंजीकरण करा लें, जिससे कि समय से उनका पास बन सके।
मुख्य सचिव ने बिजली, पानी, सड़क, सफाई, शौचालय, पार्किंग, प्रकाश आदि सभी
व्यवस्थाओं को परखा। ताकीद किया कि सभी सम्बंधित विभाग फूलप्रूफ इंतेजाम
मुकम्मल कर लें।
सचिव आयुष श्री आर.के. सुधांशू ने बताया कि
कार्यक्रम स्थल के बाहर 16 पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग स्थल
पर भी 10 यूनिट के 50 शौचालय, 3000 लीटर के 40 टैंकर की व्यवस्था की गई है।
नगर निगम देहरादून द्वारा सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। कार्यक्रम
स्थल के एंट्री पॉइंट, एग्जिट पॉइंट, जन सुविधाओं के साइनेज जगह जगह लगाए
जा रहे हैं। 25 एम्बुलेंस की तैनाती के अलावा मेडिकल पोस्ट भी बनाये जा रहे
हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के लिए 1000 बसों की व्यवस्था की गई
है। मांग के अनुसार रूट चार्ट बना लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि 18
जून को ग्रुप लीडर्स और नोडल के साथ रिहर्सल किया जाएगा। फुल रिहर्सल 19
जून को होगा। बैठक में कार्यक्रम स्थल का लेआउट भी प्रस्तुत किया गया।
सेक्टर और ब्लॉक में स्थल का विभाजन किया गया है। कोशिश की जाएगी कि एक
ब्लॉक में एक ही संस्थान के प्रतिभागी रहें। ग्रुप लीडर और उप ग्रुप लीडर
द्वारा प्रतिभागियों की देखरेख की जाएगी। आयोजन स्थल पर डिजिटल एलईडी लगाई
जाएगी। सभी एंट्री पॉइंट पर सीसीटीवी लगाए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने
विभिन्न योग संस्थानों के साथ अलग से बैठक की। भारत स्वाभिमान, आर्ट ऑफ
लिविंग, शांतिकुंज, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी, परमार्थ निकेतन, भारतीय योग
संस्थान, गुरुकुल कांगड़ी, लायंस क्लब, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, इंटरनेशनल
नेचुरोपैथी आर्गेनाईजेशन और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों को परिवहन और
अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी। पंजीकरण के बारे में विस्तार से समझाया
गया।
बैठक में डीजीपी अनिल रतूड़ी, निदेशक आइटीडीए अमित सिन्हा,
डीएम देहरादून मुरुगेशन, एसएसपी निवेदिता कुकरेती, भारत सरकार आयुष
मंत्रालय के संयुक्त सचिव रंजीत कुमार, उपसचिव वासव रेड्डी सहित अन्य
अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून:
प्रमुख
सचिव, गृृह आनन्द बर्द्धन द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों,
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों व अभियोजन अधिकारियों के साथ वीडियोे
क्राॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से पुलिस व राजस्व क्षेत्र में बढ़ते अपराधो पर
अंकुश लगाने, सी0एम0 माॅनिटरिंग डैश बोर्ड ‘उत्कर्ष‘ से सम्बन्धित
के0पी0आई0, अपराध/कानून व्यवस्था एवं जनपदों में आपराधिक मामलों की समीक्षा
की गई।
उन्होंने वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में सभी जिलाधिकारियों
को अवगत कराया कि सी0एम0 डैश बोर्ड में के0पी0आई0 से सम्बन्धित सूचना में
माह अगस्त से जनपदों का नाम भी प्रकाशित होगा इसलिये अपराध व कानून की
स्थिति की समीक्षा अपने-अपने जनपदों में शीर्ष प्राथमिकता पर की जाय।
प्रमुख
सचिव द्वारा जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित
किया गया कि जनपदों में हत्या, लूट, अपहरण तथा बलात्कार के गम्भीर
प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही करने तथा छोटे बच्चो की मिसिंग से सम्बन्धित
घटनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। सीनियर सिटीजन एवं कमजोर/आरक्षित
व्यक्तियों के विरूद्ध होने वाले अपराधो से सख्ती से निपटा जाय। पुलिस
अधिकारियों को वाहन दुर्घटना कम किये जाने के विषय में उच्चतम न्यायालय
द्वारा पारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी रूप से अनुपालन करने के भी निर्देश
उन्होंने दिये।
राज्य में चल रही चारधाम यात्रा व्यवस्था में
पुलिस एवं प्रशासन को और अधिक सजकता बरतने तथा निकट भविष्य में शुरू होने
वाली काॅवड़ यात्रा का सुचारू संचालन कराये जाने के निर्देश भी प्रमुख सचिव
गृह द्वारा दिये गये। उन्होंने ईद के अवसर पर प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था
सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये, तथा सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस
अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा की कि वे समय-समय थानों का निरीक्षण करते
हुये आवश्यक सुधार हेतु निर्देश निर्गत करें तथा जिलाधिकारियों को राजस्व
क्षेत्र में होने वाले अपराधों, जो कि गम्भीर प्रकृृति के हों तथा जिन्हे
पुलिस को हस्तान्तरित किया जाना हो, को तत्काल पुलिस को हस्तान्तरित किये
जाने को कहा।
उन्होंने वीडियो काॅन्फ्रेसिंग में गैंगस्टर एक्ट
एवं गुण्डा एक्ट के अन्तर्गत भी प्रभावी कार्यवाही किये जाने, पसारा
अधिनियम के अन्तर्गत बिना लाईसेन्स के संचालित निजी सुरक्षा ऐजेंसी पर
आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये गये तथा यह भी अपेक्षा
की गयी कि वे अपने जनपदों से सम्बन्धित आपराधिक अभियोजनों की गम्भीरता को
देखते हुये उनकी प्राथमिकता निर्धारित करते हुये समय-समय पर समीक्षा करें
एवं जिन वादों में अभियुक्त रिहा हो रहे हैं, की भी समीक्षा करते हुये
अपील/रिविजन दाखिल करने की कार्यवाही समय से की जाय।
राष्ट्रीय
मानव अधिकार आयोग के लम्बित प्रकरणों से सम्बन्धित सूचना प्राथमिकता के
आधार पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को प्रेषित किये जाने के निर्देश
उन्होंने दिये। सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस
अधीक्षकों को मानसून का समय निकट होने के दृृष्टिगत यह निर्देश दिये गये कि
मानसून से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी
अभी से पूर्ण कर ली जाय।
प्रमुख सचिव द्वारा साक्षी संरक्षक
योजना के विषय में समस्त जिला मजिस्टेªटों से अपने-अपने सुझाव शासन को
ई-मेल के माध्यम से भेजने हेतु निर्देशित किया गया।
वीडियो
काॅन्फ्रेसिंग में अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, अशोक
कुमार, अपर सचिव गृृह, अजय रौतेला, विम्मी सचदेवा रमन, अपर पुलिस
महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, पुष्पक ज्योति आदि सम्मिलित रहे।
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