Halloween party ideas 2015

 रुद्रप्रयाग:
 (भूपेंद्र भंडारी)

तिलवाड़ा, रुद्रप्रयाग की विरोजा फैक्ट्री बर्बाद होकर , किस प्रकार नीलामी के मुहाने पर आ खड़ी हुई है?
 इसका बडा उदाहरण तिलवाडा की विरोजा फ़ैक्टरी में साफ देखने को मिल रहा है। वर्ष 1977 में तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार की यह बडी इकाई आज इस तरह खण्डहर बन चुकी है कि नीलामी के बाद इससे चन्द रुपयों का ही राजस्व मिल पायेगा ,जबकि कभी इस संस्थान में सैकडों युवकों को रोजगार मिलता था ,तो सरकार के खजाने में भी अच्छी  बढ़ोतरी होती थी।
पूर्व प्रधान विक्रम भण्डारी का कहना है कि वर्ष 1977 में तिलवाडा की विरोजा फ़ैक्टरी को एक बडे व्यावसायिक उपक्रम के रुप में जाना जाता था। तिलवाडा के स्थानीय पांच गावों ने उस दौरान रोजगार को लेकर अपनी जमीनें सरकार को दान दी थी जिसके ऐवज में स्थानीय युवकों को रोजगार भी दिया गया था। यहां पर पूरे क्षेत्र का लीसा आता था जिसके जरिये कोलतार व विरोजा तैयार किया जाता था। लेकिन बाद में फ़ैक्टरी प्रबन्धन की लापरवाहियों के चलते फ़ैक्टरी घाटे में जाने लगी और कर्मचारियों की छंटनी भी शुरु हो गयी। आलम यह है वर्षों पूर्व फ़ैक्टरी  बन्द हो चुकी है और अब यहां की भरी भरकम मशीनरी सडने की कगार पर है।

 वहीं रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चैधरी का कहना है कि पूरी वस्तुस्थिति को समझने के बाद फ़ैक्टरी के परिसर से जनपद के हेतु क्या कुछ खाका तैयार किया जा सकता है इसके लिए सरकार से वार्ता करेंगे।

 गढवाल आयुक्त  दिलीप जावलकर ने फ़ैक्टरी का निरीक्षण कर गढवाल मण्डल विकास निगम के अधिकारियों को जमकर लताड लगाई। उन्होने स्वीकारा कि भारी भरकम मशीनरी का समय पर आक्शन किया जाता तो बहुत अच्छा राजस्व की प्रप्ति सरकार को होनी थी मगर अब अधिकाशं सामग्री सड चुकी है। साथ परिसर का भी सदुपयोग होता जिससे रोजगार भी बढ़ता व राजस्व भी मिलता।

 स्थानीय बेरोजगारों को आज भी सरकार से आस थी कि फ़ैक्टरी को पुर्नजीवित किया जाता जिससे कि फ़ैक्टरी रोजगार का एक बडा जरिया बनती या फिर यहां कुछ दूसरी व्यावसायिक इकाई खोली जाती जो कि जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होती मगर नीलामी के बाद तो यही कहा जा सकता है कि आखिर सरकार के पलायन आयोग के सदस्य पहाडों से पलायन रोकने के लिए ऐसी ही कार्य  योजनाएं तैयार कर रहे हैं ,जिससे पलायन रोकने के बडे उद्यम महज नीलाम होते जा रहे हैं और पहाडों से बदस्तूर पलायन जारी है। 

एक टिप्पणी भेजें

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.