उन्नाव और कठुआ की घटनाओ पर ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप
के बाद और चुप्पी तोड़ने के बाद उन्होंने मामले पर अपनी नाराजगी प्रकट करने
हुए इसे देश के लिए शर्मनाक करार दिया और अपराधियों को बख्शे नहीं जाने की
बात कही । उन्होंने कहा था "मैं देश को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि कोई
अपराधी बख्शा नहीं जाएगा। न्याय होगा। हमारी बेटियों को इंसाफ मिलेगा"
और
शर्मनाक बात है संयुक्त राष्ट्र संघ महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कठुआ
में आठ वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले को भयावह करार
दिया। उन्होंने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों को कानून के
दायरे में लाए जाने की उम्मीद जाहिर की है।
गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने
कहा , ‘मैंने बच्ची के साथ बलात्कार के इस जघन्य अपराध की मीडिया रिपोर्ट
देखी हैं। हमें उम्मीद है कि अधिकारी अपराधियों को कानून के दायरे में
लाएंगे ताकि बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में उन्हें सजा
दी जाए।’
महबूबा
सरकार के दोनों मंत्री लाल सिंह और प्रकाश चंद्र गंगा ने 4 मार्च को कथुआ
में हिंदू एकता मंच द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कथित तौर पर
मामले में आरोपी .आदमी की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध
किया। दबाव में आने के बाद दोनों नेताओं ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
कठुआ में 08 वर्ष की बच्ची के साथ गैंग रेप बरबस ही निर्भया की याद दिलाती है., वैसे तो गैंग रेप की बढ़ती घटनाओ से न तो देश के वाशिंदो ने सबक लिया और न ही राजनितिक पार्टियों ने एकजुटता दिखाकर कोई ठोस कानून बनाने की पहल की है, नतीजतन घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। गुजरात में भी एक ८ वर्षीय बच्ची के साथ बलत्कार क्र मरने की घटना आयी है. हमारा देश इन बच्चियों की बद्दुआओं से पतन के गर्त में चला जायेगा. उनके हृदय से निकली चीख उन राजनेताओं के कानो तक नहीं आती जो उनके नाम पर राजनीति करते है. उनको प्रभावित नहीं करती है जो धर्म का सहारा लेकर आरोपियों का पक्ष लेते है.
खानाबदोश बकरवाल मुस्लिम समुदाय की एक बच्ची 10 जनवरी को अपने घर के पास से लापता हो गई थी और एक सप्ताह बाद उसका शव उसी इलाके में मिला था। 8 साल की बच्ची के साथ गांव के ही एक मंदिर में एक सप्ताह तक उसके साथ छह लोगों ने बलात्कार किया। पीड़िता की हत्या करने से पहले नशीला पदार्थ देकर उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया था। इस घटना के बाद से पूरे भारत में रोष देखने को मिला।
असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा देखिये कि एक बैंक प्रबंधक प्रबंधक विष्णु नंदकुमार ने फेसबुक पर लिखा था, 'अच्छा
हुआ वह मर गई नहीं तो कल वह भारत के खिलाफ बम लेकर आ सकती थी।' अतः केरल के कोच्चि में एक प्राइवेट बैंक ने कठुआ में आठ वर्षीय मासूम के साथ गैंगरेप और मर्डर को सही ठहराने वाले अपने एक सहायक प्रबंधक को नौकरी से निकाल दिया है।
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