कार्यक्रम की मूल भावना की सराहना करने के लिए प्रधानमंत्री 14 अप्रैल को बीजापुर की यात्रा करेंगे, आयुष्मान भारत के अंतर्गत स्वास्थ्य व स्वस्थ जीवन केंद्र का शुभारंभ करेंगे।
प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल, 2018 को बीजापुर, छत्तीसगढ़ की यात्रा
करेंगे। वे एक पंचायत स्थित जंगल विकास हब का दौरा करेंगे और स्थानीय लोगों
से बातचीत करेंगे। यह पंचायत एक आदर्श पंचायत के रूप में उभरा है। पंचायत
के लोगों तथा जिला प्रशासन के स्थानीय अधिकारियों को ‘बदलाव के चैम्पियन’
का नाम दिया गया है। वामपंथी उग्रवाद का केंद्र होने तथा विषम परिस्थितियों
के वाबजूद विशेषकर 5 जनवरी, 2018 को लांच हुए आकांक्षी जिला कार्यक्रम के
संदर्भ में इनका प्रदर्शन बेहतर रहा है।
प्रधानमंत्री
इस पंचायत में आयुष्मान भारत कार्यक्रम के एक घटक- स्वास्थ्य व स्वस्थ
जीवन केंद्र-का उद्घाटन करेंगे। 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के बीजापुर से
राष्ट्र एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाएगा- प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा के आधार का
निर्माण। इस स्वास्थ्य सुविधा की पहुंच घर-घर तक होगी। इस प्रकार एक मजबूत
स्वास्थ्य प्रणाली विकसित होगी।
आयुष्मान
भारत के दो मिशन हैं:- पहला, स्वास्थ्य व स्वस्थ जीवन केंद्रों के एक
नेटवर्क का निर्माण ताकि आम लोगों तथा समुदायों की पहुंच प्राथमिक
स्वास्थ्य सुविधाओं तक हो। दूसरा, भारत की 40 प्रतिशत आबादी को स्वास्थ्य
बीमा उपलब्ध कराना ताकि सर्वाधिक जरूरतमंद लोगों को द्वितीयक और तृतीयक
स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
कई
मायनों में बीजापुर युवा राष्ट्र की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।
वामपंथी उग्रवाद की पृष्ठभूमि में राज्य के समक्ष कई चुनौतियां हैं, पंरतु
अल्पावधि में ही राज्य ने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा आजीविका के लिए
अवसरो के निर्माण में आश्चर्यजनक प्रगति की है। बीजापुर जिले को बेहतर
प्रदर्शन करने वाले जिलों की सूची में पांचवा स्थान मिला है। जिले में एक
बड़े अस्पताल का निर्माण किया गया है। इस अस्पताल के लिए देश के विभिन्न
भागों से डॉक्टरों का चयन किया गया है। जिले में नक्सल प्रभावित बच्चों के
लिए पोर्टेबल कैबिन में स्कूल चलाए जा रहे हैं। आजीविका के अवसरों के
निर्माण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। ये उपाय सहयोगी-संघवाद की भावना को
दर्शाते हैं। यदि केंद्र, राज्य और जिला प्रशासन एक टीम के रूप में कार्य
करे तो तेजी से बदलाव किया जा सकता है तथा 2022 तक नये भारत के निर्माण का
लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री
की बीजापुर यात्रा से देश के सुदूर हिस्से के लोगों की आकांक्षाओं को
प्रोत्साहन मिलेगा। वे भारत की विकास गाथा के हिस्सेदार बनेंगे।
आकांक्षी जिले : एक बार में एक जिले से भारत का परिवर्तन
आकांक्षी
जिला कार्यक्रम में भारत के 15 प्रतिशत आबादी को शामिल किया गया है।
प्रशासन के दृष्टिकोण से यह एक अनोखा कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम सर्वाधिक
गरीब लोगों को सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत तेज विकास के मार्ग पर चल रहा है। मानव विकास सूचकांक को बेहतर बनाने
तथा विकास के संदर्भ में राज्यों और जिलों के अंतर को कम करने की आवश्यकता
है। इसे पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री ने जनवरी, 2018 में आकांक्षी जिला
कार्यक्रम की शुरूआत की थीं।
इस
कार्यक्रम का लक्ष्य 28 राज्यों के 115 जिलों में तेजी से परिवर्तन लाना
है। इस कार्यक्रम के तीन आयाम हैं:- केंद्र और राज्य की योजनाओं का संयोग,
केंद्र, राज्य तथा जिला अधिकारियों के मध्य सहयोग तथा जिलों के बीच
प्रतिस्पर्धा।
अपरसचिव
स्तर के अधिकारी को प्रत्येक जिले के लिए केंद्रीय प्रभारी अधिकारी नामित
किया गया है। केंद्र सरकार ने राज्य नोडल और प्रभारी अधिकारियों की
नियुक्ति की है। नीति आयोग के सीईओ के अंतर्गत एक सशक्त समिति का गठन किया
गया। फीडबैक के आधार पर प्रभारी अधिकारी अपने अनुभव तथा अनुशंसाएं साझा
करते हैं। इसके बाद सशक्त समिति जरूरी संशोधन करती है।
आकांक्षी जिला सूचकांक के निर्माण के लिए निम्न मापदंडों को आधार बनाया गया है:-
स्वास्थ्य
और पोषण (13 सूचक, 30 प्रतिशत भारिता), शिक्षा (8 सूचक, 30 प्रतिशत
भारिता), कृषि और जलस्रोत (10 सूचक, 20 प्रतिशत भारिता), वित्तीय समावेश और
कौशल विकास (10 सूचक, 10 प्रतिशत भारिता) और आधारभूत संरचना (7 सूचक, 10
प्रतिशत भारिता)।
जिलों
का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया गया है तथा राज्यों की क्षमता को
ध्यान में रखा गया है। 50 जिलों को 12 मंत्रालयों में बांटा गया है। नक्सल
उग्रवाद से प्रभावित 35 जिले गृह मंत्रालय को आवंटित किये गये हैं, जबकि 30
जिले नीति आयोग को आवंटित किए गए हैं। जिलों के प्रदर्शन को भारत में
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों के साथ मिलान किया जाएगा। विकास की
गतिविधियों को वास्तविक समय के आधार पर दर्ज किया जाएगा। इसके लिए एक डैश
बोर्ड का निर्माण किया गया है। कार्यक्रम के महत्वपूर्ण परिणाम निम्न
होंगे:-
- विकास गतिविधियों का राज्यों में तेजी से विस्तार
- एक महत्वपूर्ण रणनीति के तहत जिलों के मध्य सहयोगी प्रतिस्पर्धा
- सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाने का अवसर
1
अप्रैल, 2018 से जिलों ने आंकड़ों को दर्ज करना प्रारंभ कर दिया है।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति को दिखाने के लिए इन जिलों की
एक डेल्टा सूची तैयार की गई है। मई, 2018 के पश्चात यह सूची प्रत्येक महीने
प्रदर्शित की जाएगी।
इस
पहल से भारत उन देशों में शामिल हो जाएगा, जो योजना के निर्माण के लिए
बड़े पैमाने पर आंकड़ों का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए दक्षिण कोरिया का
स्वास्थ्य व कल्याण मंत्रालय अपने कल्याणकारी योजनाओं के लिए विभिन्न
एजेंसियों से आंकड़े संग्रह करता है। इसी प्रकार जापान सरकार प्राकृतिक
आपदाओं से बचाव के लिए आंकड़ों का उपयोग करती है। आंकड़ों के पैमाने के
आधार पर भारत का आकांक्षी जिला कार्यक्रम विश्व में अनूठा है, क्योंकि
इसमें आबादी के एक बड़े हिस्से के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य रखा गया है।
यह
कार्यक्रम देश के प्रत्येक भाग में एकसमानविकास लाएगा। इस कार्यक्रम की
निगरानी तथा इसका प्रशासन वास्वतिक समय पर दर्ज किए गए आंकड़ों के आधार पर
किया जाएगा।
यह
कार्यक्रम एक प्रतिस्पर्धी संघवाद का उदाहरण है। इस कार्यक्रम से भारत के
प्रत्येक कोने में समन्वय बढ़ेगा। इस पहल को जमीनी स्तर पर टाटा ट्रस्ट,
पिरामल फाउंडेशन, आईटीसी, एल एंड टी जैसी कंपनियों का समर्थन मिला है। बिल
एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन तथा आईडीइनसाइट जैसी संस्थाएं सर्वेक्षण का काम
करेगी।
एक
पारदर्शी, समावेशी और उत्तरदायी भारत के निर्माण के लिए नीति आयोग तथा सभी
संबद्ध मंत्रालय राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस परियोजना
के लिए एक समर्पित टीम है। आशा है कि भारत सरकार के विजन के आधार पर यह पहल
भारत के विकास के परिदृश्य को बदल देगा।
नीति
आयोग का फोकस है मानव विकास सूचकांक में भारत के स्थान में सुधार करना,
नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना तथा सभी के लिए समावेशी विकास
सुनिश्चित करना। यदि इन जिलों को निर्धारित मानदंडों तक नहीं लाया जाता है,
तो भारत तेजी से विकास करने में सक्षम नहीं होगा। इस पहल से एकसमान विकास
के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आकांक्षी जिलों में बदलाव
प्रधानमंत्री का विजन है। नया भारत 2022 विजन को प्राप्त करने के लिए यह एक
महत्वपूर्ण कदम है।
.png)

एक टिप्पणी भेजें