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 ‘समान कार्य, समान वेतन’ के रूप में सीएम धामी ने दर्ज की एक और उपलब्धि 

उपनल कर्मियों की वर्षों पुरानी लंबित मांग को सीएम धामी ने पूरा किया 

upnal  workers permanent GO released



उपनल कर्मियों को दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर समान कार्य के बदले समान वेतन दिए जाने का शासनादेश जारी होने के साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है।

उपनल कर्मी अपनी विभिन्न मांगों के लिए लंबे समय से आंदोलनरत थे, इस बीच कई सरकारें बदली। आखिरकार अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उपनल कर्मियों को दस साल की सेवा पूरी करने पर समान कार्य के बदले समान वेतन मिलने का शासनादेश जारी हो गया है। यह उपलल कर्मियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के हजारों लोगों के भविष्य से जुड़े एक और जटिल विषय का समाधान कर दिया है। जिससे ना सिर्फ विभागों की कार्य दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि उपनल कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित हो गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, भू कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे वर्षों पुरानी लंबित मांगों पर ठोस कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं। 


उपनलकर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन प्रदान कर दिया गया है। सरकार कार्मिक हितों के लिए पहले दिन से ही प्रतिबद्ध है। हम प्रदेश हित में हर जटिल मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार हैं। 

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

---मुख्यमंत्री ने किया लोकतंत्र सेनानी सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीमती देवकी काण्डपाल पत्नी स्व० जयदत्त काण्डपाल, कुसुमखेडा, हल्द्वानी, नैनीताल को दिनांक 17.05.2023 से ₹ 20 हजार प्रतिमाह लोकतंत्र सम्मान पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

 


*मुख्यमंत्री ने किया अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 योजना के अन्तर्गत नगर निगम हरिद्वार के वार्ड नं. 59 सीतापुर सरोवर में वाटर बॉडी रिजुविनेशन योजना हेतु ₹ 1.68 करोड, सिंचाई विभाग के अन्तर्गत विकासखण्ड रायपुर बांदल नदी में नहर के शीर्ष पर जल संरक्षण एवं संवर्द्धन कार्य हेतु ₹ 2.19 करोड, बीजापुर नहर के हैड का सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु ₹ 5.00 करोड तथा उत्तराखण्ड पेयजल निगम के अन्तर्गत लोहाघाट टाउन पम्पिंग पेयजल योजना हेतु  ₹ 84.45 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान है।


*मुख्यमंत्री ने प्रदान किया विभिन्न विकास योजनाओं का अनुमोदन*


मुख्यमंत्री ने डॉ० भीमराव अम्बेडकर रा० बालक छात्रावास कण्डोली, देहरादून में अनुरक्षण कार्य हेतु ₹ 46.56 लाख, राजा बाबू पब्लिक इण्टर कॉलेज आसफग्रान्ट हरिद्वार को हाईस्कूल (कक्षा 09 से 10) हेतु ₹ 2.00 लाख तथा इण्टरमीडिएट (कक्षा 11 से 12 तक) हेतु ₹ 3.00 लाख कुल ₹ 5.00 लाख का आवर्तक सहायता अनुदान/टोकन अनुदान तथा हर्ष पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, मूलदासपुर माजरा, हरिद्वार को प्रोत्साहन धनराशि के रूप में ₹ 1.00 लाख प्रतिवर्ष की आवर्तक सहायता अनुदान/टोकन अनुदान की स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।


मुख्यमंत्री द्वारा जिला कारागार, देहरादून में वर्तमान भूमिगत विद्युत केबल एवं पैनल को बदलकर समुचित क्षमता की आर्मरड केबल व पैनल स्थापित किये जाने हेतु ₹ 85.22 लाख स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।


मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत अखुली ग्राम पंचायत में सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु ₹ 54.80 लाख, विधानसभा क्षेत्र धारचूला में जोशागाँधी नगर से कोटाखड़िक इमला ट्रैक रूट/अश्वमार्ग (टीएसपी) के निर्माण हेतु अवशेष धनराशि ₹ 30.55 लाख तथा विधानसभा क्षेत्र पिथौरागढ़ के विकासखण्ड मूनाकोट के अन्तर्गत ग्राम सभा घुर्चू तोक पंतरा से अखुली तोक बुर्गर तक सम्पर्क मार्ग निर्माण हेतु ₹ 83.93 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

 मीनस मार्ग पर क़वानु के पास हिमाचल रोडवेज की बस 100 मीटर गहरी खाई में दुर्घटनाग्रस्त, SDRF ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन* 



आज दिनांक 03 फरवरी 2026 को हिमाचल रोडवेज की बस HP66A-2588, जो नेरवा से पौंटा की ओर जा रही थी, कुवाणु–मीनस मोटर मार्ग पर अनियंत्रित होकर लगभग 100 मीटर गहरी खाई में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना प्राप्त होते ही SDRF की टीमें पोस्ट चकराता, त्यूणी एवं डाकपत्थर से तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू कार्य प्रारंभ किया गया।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में 35–36 यात्री सवार थे, जिनमें से अब तक 03 व्यक्तियों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि 11–12 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को विकासनगर अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया है।


दुर्घटनास्थल राजस्व क्षेत्र में स्थित है, जहां SDRF एवं पुलिस बल द्वारा संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए वाहिनी मुख्यालय जौलीग्रांट में सेनानायक SDRF श्री अर्पण यदुवंशी द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।


पूर्व में जारी सूचना में त्रुटिवश 04 व्यक्तियों के मृत होने की जानकारी दी गई थी। उक्त के संबंध में संशोधन किया जाता है कि दुर्घटना में कुल 03 व्यक्तियों की ही मृत्यु हुई है।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि बस चालक सुरक्षित है। अन्य सभी तथ्यों में कोई परिवर्तन नहीं है।

 बस दुर्घटना अपडेट:- घटनास्थल से प्राप्त जानकारी के अनुसार 03 लोगों की मृत्यु हो गयी है। 

 *मृतकों का विवरण:-*

 1- यास्मीन बेगम w/o नेक मोहम्मद उम्र 46 वर्ष ग्राम - क्यारला नेरवा (HP)

2-  रिचा w/o बिरेंद्र उम्र 30 वर्ष,  ग्राम- विज़मल, नेरवा (HP)

3- धन बहादुर,  ग्राम क्यारला नेरवा (HP)

 डीजीपी उत्तराखंड की अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई-लेवल समीक्षा बैठक

लैंड फ्रॉड मामलों में समयबद्ध और पारदर्शी कार्यवाही के निर्देश, सीओ की प्रारम्भिक होगी अनिवार्य**सिविल मामलों में हस्तक्षेप करने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध होगी कठोर कार्यवाही

पुलिस कर्मियों के भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति के तहत सतर्कता विभाग करे सख्त कार्यवाही- डीजीपी*



*पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ* की अध्यक्षता में आज सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में एक *महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा गोष्ठी* आयोजित की गई। बैठक में पुलिस मुख्यालय के *वरिष्ठ अधिकारियों सहित गढ़वाल एवं कुमाऊँ रेंज प्रभारी सहित समस्त जनपदों, STF के वरिष्ठ/पुलिस अधीक्षक* सम्मिलित हुए।


बैठक में वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून व्यवस्था की स्थिति, विवेचनाओं एवं जनशिकायतों के निस्तारण की व्यापक समीक्षा कर विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किये गये।


*पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा जारी प्रमुख निर्देश-*

◼️ हाल ही में जनपद देहरादून के ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही बरतने पर *एम्स चौकी प्रभारी SI साहिल वशिष्ट* को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। साथ ही कोतवाली नगर, देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर *खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी SI प्रद्युम्न नेगी* को भी निलम्बित किया गया है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की संवेदनशीलता के दृष्टिगत दोनों प्रकरणों की *जांच SP Crime श्रीमती विशाखा अशोक भदाणे* को सौंपी गयी है। घटना में अन्य कर्मियों द्वारा शिथिलता बरते जाने की *07 दिवस* के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।


◼️ जनपद हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयन्ती पर दो पक्षों में हुए संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में गंभीर लापरवाही पर *हल्का प्रभारी चुड़ियाला SI सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित* कर पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम, हरिद्वार श्री जितेन्द्र मेहरा को सौंपी गयी है। साथ ही घटना में अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही बरते जाने की 07 दिवस के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया है।


◼️ जनपद ऊधमसिंहनगर के सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि सम्बन्धी मामले में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध आरोपों के दृष्टिगत *भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड)* के मामलों में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु अनिवार्य रूप से *क्षेत्राधिकारी (सीओ)* स्तर पर समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्राधिकारी द्वारा पारदर्शी जांच करते हुए स्पष्ट रूप से सिविल अथवा क्रिमिनल प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा। तदोपरान्त ही अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

साथ ही *लम्बित भूमि संबंधी मामलों की पुलिस मुख्यालय से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।*


◼️ माननीय मुख्यमंत्री जी के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस महानिदेशक द्वारा *सतर्कता विभाग से भ्रष्ट आचरण करने वाले पुलिस कर्मियों* को चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्यवाही में तेजी लाने के लिए कहा गया है।

बैठक में *महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा- श्री अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक/निदेशक विजिलेंस, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन श्री ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम- श्रीमती विम्मी सचदेवा, पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊँ परिक्षेत्र- श्रीमती रिधिम अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार श्री कृष्ण कुमार वी.के., पुलिस महानिरीक्षक, साइबर श्री नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, अभिसूचना एवं सुरक्षा-श्री करन सिंह नगन्याल, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र श्री सदानन्द दाते, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री सुनील कुमार मीणा, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक- श्री योगेन्द्र रावत,  श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण* उपस्थित रहे।



आज का राशिफल

दिनाँक - 03 फरवरी,2026

दिन मंगलवार

rashifal today  03 feb 2026


मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा।

कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।

राशि फलादेश


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।


*दर्द में डूबी मां-बेटी, कैंसर पीडित पति की सांसे बचाने को बेची कुछ जमीन, उसकी मौत पर विधवा से हड़प ली पूरी संपत्ति, प्रशासन की कार्रवाई तय*

*अपनों की प्रताड़ना झेल रहीं विधवाएं, 85 वर्षीय कम
ला देवी, 80 वर्षीय कांता देवी और पुष्पा देवी की करूण पुकार पर प्रशासन सख्त, भरण पोषण में वाद दर्ज*

*सड़क किनारे नालियां मलबे से बंद, गंदे पानी की समस्या पर नगर निगम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*जनता दरबार में एडीएम ने सुनी लोगों की फरियाद, कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण*


देहरादून :




जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)  के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जनसामान्य द्वारा भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा से क्षतिपूर्ति सहायता, आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों से संबंधित 190 शिकायतें/समस्याएं दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 

जनता दरबार में आज मानव पीड़ा, अन्याय और सामाजिक संवेदनहीनता की मार झेल रहे अनेक नागरिकों की करुण कहानियाँ सामने आईं। निराश्रित, असहाय एवं पीड़ित जनों ने अपनी व्यथा प्रशासन के समक्ष रखी, जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


80 वर्षीय असहाय विधवा कांता देवी ने आंखों में आंसू लिए अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके दोनों पुत्रों ने उन्हें घर से बेघर कर दिया है। उनकी स्वयं की भूमि पर उन्हें झोपड़ी तक बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस गंभीर प्रकरण में एसडीएम सदर को भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत वाद दायर कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


डोईवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विधवा कमला देवी तथा चंद्रबनी निवासी विधवा पुष्पा देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा मारपीट कर घर से निकाल देने और उनकी संपत्ति अपने नाम करने की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में भी भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत वाद पंजीकृत करने के निर्देश दिए गए।


कांवली निवासी उमा देवी ने अपने पति एवं ससुराल पक्ष पर संपत्ति के अधिकार से वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए अपने बच्चों के नाम संपत्ति दर्ज कराने की मांग रखी, जिस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


प्राइवेट अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने के पश्चात संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन उनकी स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा है और इस दुःख की घड़ी में परिजनों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में समुचित उपचार की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए।


डोईवाला निवासी 56 वर्षीय विधवा सुनीता देवी अपनी छोटी बालिका के साथ जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कैंसर पीड़ित पति के इलाज हेतु उन्होंने डोईवाला में स्थित एक बीघा भूमि विक्रय की थी, किंतु पति की मृत्यु के उपरांत संबंधित व्यक्ति ने उनकी सम्पूर्ण भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया। इस प्रकरण में एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच कर पीड़िता को भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए।


उददीवाला निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग विक्रम सिंह ने पैतृक निजी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की, वहीं भाऊवाला निवासी दिलवर सिंह ने अपनी निजी भूमि से कब्जा हटवाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत भीतरली में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।


सहस्रधारा निवासी विकास कुमार ने पारिवारिक आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए अपने बच्चे की विद्यालय फीस माफ कराने की विनम्र अपील की, जिस पर संबंधित विभाग को आवश्यक परीक्षण कर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार के दौरान कोटि कनासर क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की चारदीवारी, जोथीं क्षेत्र में पुलिया की मरम्मत तथा अतिवृष्टि के कारण आवासीय भवनों के नीचे सुरक्षात्मक कार्य न किए जाने की शिकायतें प्रस्तुत की गईं। उक्त मामलों में संबंधित उप जिलाधिकारी को स्थलीय जांच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

 

लालतप्पड़ माजरीग्रांट निवासी प्यारेलाल द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-07 में अधिग्रहित भूमि एवं भवन का वर्तमान सर्किल दर के अनुसार मुआवजा दिए जाने की मांग रखी गई, जिस पर संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

डीएल रोड चौक से नालापानी रोड, रिस्पना तक सड़क किनारे नालियों में बजरी एवं कीचड़ जमा होने के कारण सड़क पर गंदा पानी भरने, आवासीय भवनों की दीवारों में सीलन तथा जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई कराने के निर्देश दिए गए।


इसी क्रम में डोरन खास, सहस्रधारा रोड स्थित शिवाया एन्क्लेव सोसाइटी में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण  को जांच कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, डीपीओ जितेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।          

              


*यूएलएमएमसी की ओर से पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन*

देहरादून:



हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते भूस्खलन जोखिम और सुरक्षित विकास की चुनौती को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र द्वारा हिंदू कुश-हिमालय क्षेत्र में आपदा-सक्षम विकास विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण एवं वित्तीय प्रशासन अनुसंधान संस्थान, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, जहां भूस्खलन, भारी वर्षा और भूकंपीय गतिविधियों के कारण निरंतर खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन की प्रक्रियाओं और जोखिम को वैज्ञानिक रूप से समझने, सुरक्षित और टिकाऊ अवसंरचना विकसित करने तथा सड़कों, पुलों और जलापूर्ति जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक और लचीले इंजीनियरिंग समाधान अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों और संस्थानों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना, जोखिम आकलन की प्रक्रियाओं में सुधार लाना और आपदा के बाद पुनर्बहाली तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है। 

नॉर्वे के भू-तकनीकी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा हिमालयी परिस्थितियों के अनुरूप ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी उपायों तथा उपग्रह आधारित तकनीकों के माध्यम से जोखिम मानचित्रण पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अवसर पर भूस्खलन विशेषज्ञ डॉ. हाकोन हेयर्डल ने कहा कि हिमालय जैसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का स्वरूप लगातार बदलता रहता है, ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन, बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव साझा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से ही हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित विकास संभव है। बता दें कि डॉ. हकोन हेयर्डल ने दुनिया भर से 32 वर्षों की भूस्खलन विशेषज्ञता और बड़े भूस्खलन जोखिम मानचित्रण और न्यूनीकरण परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।

विश्व बैंक के प्रतिनिधि श्री अनुप करण्थ ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तराखण्ड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद राज्य में आपदा पुनर्बहाली, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए निरंतर सहयोग किया जा रहा है।  प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों द्वारा हरिद्वार स्थित मनसा देवी भूस्खलन क्षेत्र का क्षेत्रीय भ्रमण किया गया, जहां वास्तविक हिमालयी परिस्थितियों के आधार पर जोखिम विश्लेषण, न्यूनीकरण उपायों और स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणालियों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया। 

कार्यशाला में यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, यूएसडीएमए के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के प्रमुख सलाहकर डाॅ. मोहित पूनिया आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में नेपाल एवं भूटान के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ ही भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, यूप्रिपेयर परियोजना, उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। 



कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य

हिमालयी क्षेत्रों में भूस्खलन के कारणों और जोखिम को बेहतर ढंग से समझना।

रेखीय विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाना।

भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण के लिए मानकीकृत और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना।

विभिन्न संस्थानों के बीच अनुभव साझा करना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना।

राज्य एवं विभागीय स्तर पर आपदा जोखिम प्रबंधन की क्षमता को मजबूत करना।

लोक निर्माण विभाग सहित रेखीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

सड़कों, पुलों और जलापूर्ति प्रणालियों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ डिजाइन को प्रोत्साहित करना।

ढलान स्थिरता, मृदा सुदृढ़ीकरण, सॉइल नेलिंग, जल निकासी जैसे उपायों की जानकारी देना।

उपग्रह आधारित तकनीकों और भू-स्थानिक आंकड़ों के उपयोग को बढ़ावा देना।

स्थानीय स्तर पर प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करना।

 सीएम धामी के सख्त निर्देश: कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं

दिल्ली एक्सप्रेसवे के बाद पर्यटन उछाल को लेकर सरकार अलर्ट

 लैंड फ्रॉड पर बनेगा सख्त कानून, दोषियों को नहीं मिलेगी राहत *नशा मुक्ति को जन आंदोलन बनाएगी सरकार

मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100% क्रियान्वयन अनिवार्य”


 *अभियोजन व्यवस्था पर सीएम धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस और प्रशासन का प्रत्येक विभाग आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करे।



आज सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन प्रबंधन, राजस्व, नशा मुक्ति, अभियोजन, कारागार सुधार एवं जनशिकायत निवारण से जुड़े विषयों पर गहन समीक्षा की।



बैठक में मुख्य सचिव सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। इसे देखते हुए पर्यटकों के लिए होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियाँ समयबद्ध रूप से पूरी की जाएँ। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।


पुलिस व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि  थाना चौकिया सहित धरातल पर वर्क कल्चर में तत्काल सुधार किया जाए। आम आदमी के साथ मानवीयता, संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने लैंड फ्रॉड के मामलों पर कठोर कानून बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


अपराध नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन भी आवश्यक है। पुलिस और प्रशासन के सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए।


राजस्व व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजस्व के वैकल्पिक स्रोत बढ़ाए जाएँ, सब्सिडी योजनाओं के आउटकम का मूल्यांकन किया जाए और राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर स्पष्ट किया कि राज्य में शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर त्वरित और गंभीर संज्ञान लिया जाए। कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।


जनशिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन जिलों में सुनिश्चित किया जाए। योजनाएँ केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। योजनाओं का नियमित भौतिक सत्यापन हो तथा गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।



मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए कि आपराधिक मामलों की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित न रखी जाए। रात्रि गश्त को और अधिक सघन किया जाए तथा निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाए, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा की जाएगी।

अभियोजन व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए। अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाए।

कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बंदियों के लिए स्किल डेवलपमेंट, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मानवाधिकारों के सख्त पालन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी-नालों एवं सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, लेखपाल, पटवारी की जवाबदेही तय की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों और ऐसे अतिक्रमण को संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर गठित समितियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने 1905 हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा कर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 6 माह में विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक जनपद के गांवों को 100 प्रतिशत योजनाओं से संतृप्त किया जाए।


डिजिटल गवर्नेंस को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे केवल औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर लागू किया जाए।


चारधाम यात्रा की तैयारियों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपदों में संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।


लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी तक प्रारंभ किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में फिल्म “जलमभूमि” के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक श्री के राम नेगी एवं पूरी फिल्म टीम को शुभकामनाएँ एवं बधाई दीं।


उल्लेखनीय है कि यह फिल्म 6 फरवरी को  रिलीज होने जा रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि “जलमभूमि” जैसी फिल्में समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती हैं और सिनेमा के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को मजबूती मिलती है।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, विविध भौगोलिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण के कारण फिल्म निर्माण के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्म नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत फिल्म निर्माताओं को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से त्वरित अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है, जिससे फिल्म निर्माताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग पर सब्सिडी, स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को रोजगार के अवसर, तथा स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के माध्यम से राज्य को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म नीति का उद्देश्य केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तराखंड में वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म और फीचर फिल्मों के निर्माण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 मुख्यमंत्री ने फिल्म की सफलता की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भविष्य में भी सिनेमा और रचनात्मक उद्योगों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी।कार्यक्रम में विधायक श्री दुर्गेश लाल भी उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान से प्रदेशभर में प्रभावी सुशासन की मिसाल


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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसुनवाई का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से सरकार स्वयं जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

दिनांक 02 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इस अभियान के अंतर्गत कुल 548 जनसेवा शिविर (कैंप) आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से आमजन की भागीदारी और विश्वास में निरंतर वृद्धि देखने को मिल रही है।

 *अब तक की प्रमुख उपलब्धियाँ* 

इस जनोन्मुखी पहल के अंतर्गत अब तक कुल 4,33,581 नागरिकों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से केवल आज ही 5,398 लोगों ने कैंपों में पंजीकरण कराया। यह आंकड़ा प्रदेश की जनता के सरकार पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष बल देते हुए अब तक कुल 42,594 शिकायतों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। वहीं 28,721 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर संबंधित विभागों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

 *योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया गया कि कैंपों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिले। अब तक—

61,054 नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया |

2,37,950 लोगों को अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुँचाया गया |

यह अभियान विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है, जहाँ पहले सरकारी सेवाओं तक पहुँचना कठिन था।

 *सुशासन की दिशा में मजबूत कदम* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान इसी सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें संवाद, समाधान और संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में भी इस अभियान को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड को सुशासन, सेवा और संवेदनशीलता का आदर्श राज्य बनाया जा सके।


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