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 *प्रदेश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में मुख्यमंत्री के निर्देशों के मिल रहे हैं सकारात्मक परिणाम*


solar plant in DIPR uttarakhand


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में हरित ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव दिख रहे हैं। देहरादून स्थित उत्तराखंड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने रिंग रोड, 6 नंबर पुलिया, रायपुर स्थित मुख्यालय में 70 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किया है। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव पहले ही महीने में दिखाई दिया, जब अप्रैल 2026 में विभाग का बिजली बिल घटकर मात्र ₹1700 रह गया। पूर्व में विभाग को कमर्शियल टैरिफ के तहत प्रतिमाह लगभग ₹1 लाख 20 हजार बिजली बिल के रूप में भुगतान करना पड़ता था। यह सोलर पावर प्लांट उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अधिकरण (उरेडा) द्वारा विशेष व्यवस्था के तहत विभाग में नि:शुल्क स्थापित किया गया है। उत्पादित बिजली को उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड से जोड़ा गया है, जिससे निर्बाध एवं स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में यह पहल ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग बंशीधर तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने एवं सरकारी विभागों में इसके अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना तथा प्रधानमंत्री सौर स्वरोजगार योजना राज्य में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन 1000 मेगावाट की सीमा को पार कर चुका है। सूचना विभाग के निदेशालय में स्थापित 70 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट इसी दिशा में एक प्रभावी पहल है।

श्री तिवारी ने बताया कि एमडीडीए द्वारा आईएसबीटी परिसर में 100 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया गया है तथा अन्य कार्यालयों में भी इस दिशा में कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त सिटी फॉरेस्ट पार्क में पंप एवं स्ट्रीट लाइट्स का संचालन भी सोलर ऊर्जा के माध्यम से किया जा रहा है।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल स्थापित कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में सहभागी बनें।


*बिना नक्शा स्वीकृति बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई, प्राधिकरण ने दिया सख्त संदेश*


देहरादून:

MDDA map not apprpved



राजधानी में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए हरभजवाला और सिमला बाईपास क्षेत्र में कई व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को शहर में अनियोजित विकास और नियमों की अनदेखी पर कड़ा संदेश माना जा रहा है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति और स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 


*दो स्थानों पर एक साथ कार्रवाई*

एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने हरभजवाला क्षेत्र में असरफ अली द्वारा निर्मित की जा रही लगभग छह दुकानों को सील किया। जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के किया जा रहा था। वहीं सिमला बाईपास रोड स्थित तेलपुर चौक के निकट आभास कुबेर चांद द्वारा व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाए जा रहे लगभग नौ कमरों के निर्माण को भी सील कर दिया गया। दोनों मामलों में निर्माणकर्ताओं को पहले नोटिस जारी कर जवाब देने का अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई।


*नोटिस के बाद भी नहीं माने निर्माणकर्ता*

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माणकर्ताओं के खिलाफ पहले चालानी कार्रवाई की गई थी और उन्हें कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद संयुक्त सचिव गौरव चटवाल ने नियमानुसार सीलिंग के आदेश जारी किए। आदेशों के अनुपालन में सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता मुनेष राणा और अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कार्रवाई संपन्न कराई गई।


*शहर के नियोजित विकास पर फोकस*

एमडीडीए का कहना है कि अवैध निर्माण केवल भवन उपनियमों का उल्लंघन नहीं हैं, बल्कि वे शहर के सुनियोजित विकास के लिए भी गंभीर चुनौती बनते हैं। ऐसे निर्माणों के कारण यातायात व्यवस्था, जल निकासी तंत्र, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही वजह है कि प्राधिकरण लगातार निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की पहचान कर रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है।


*नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत*

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य बिना स्वीकृति के नहीं किया जा सकता। लोगों को समय-समय पर नोटिस और जागरूकता के माध्यम से नियमों की जानकारी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी रखने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने की अपील की।


*अभियान आगे भी रहेगा जारी*

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस देकर मौका दिया जाता है, लेकिन अनदेखी होने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई अपरिहार्य हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी में कानूनसम्मत और नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा।

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अवस्थापना विकास, पेयजल व्यवस्था तथा जनसुविधाओं के विकास से संबंधित योजनाओं के लिए ₹ 29.10 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल सके।


मुख्यमंत्री ने आवास विभाग के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के नीलकंठ में बहुमंजिला पार्किंग निर्माण कार्य हेतु ₹ 48.82 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही प्रथम किश्त के रूप में ₹ 19.53 करोड़, जनपद अल्मोड़ा में विधानसभा सोमेश्वर के अन्तर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभाओं में सुचारू पेयजल उपलब्ध कराये जाने हेतु 38 इण्डिया मार्क-II हैण्डपम्प स्थापित किये जाने हेतु ₹ 1.36 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में ₹ 50 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री द्वारा जनपद टिहरी गढ़वाल की हिण्डोलाखाल पम्पिंग पेयजल योजना के अन्तर्गत विद्युत यांत्रिक कार्य हेतु ऊर्जा दक्ष पम्पों के क्रय की योजना के लिए ₹ 9.73 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति के साथ योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रथम किश्त के रूप में ₹ 3.89 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है।


मुख्यमंत्री ने नगर निगम पिथौरागढ़ क्षेत्रान्तर्गत वार्ड नेडा बस्ते में देवभूमि रजत जयंती पार्क निर्माण कार्य हेतु ₹ 9.81 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति के साथ ही कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम द्वारा प्रस्तावित अस्थायी प्रकृति के 10 मरम्मत कार्यों हेतु ₹ 3.21 करोड़ की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।


*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, अवस्थापना सुविधाओं के साथ जनसुविधाओं के विकास के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।विकास योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन होने से प्रदेश की जनता को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।*


- *मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली SIR  को लेकर जिलाधिकारियों की बैठक* 

- *फील्ड विजिट के दौरान आईडी कार्ड पहनकर ही जाएं BLO- सीईओ*

- *BLA नियुक्त करने को लेकर राजनैतिक दलों से पुनः बैठक करें जिलाधिकारी- सीईओ*


देहरादून;

SIR


मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में  गुरुवार को आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के दृष्टिगत सचिवालय में सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। 


बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी SIR को लेकर जनपदों की तैयारियों और प्रशिक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की तैनाती शत प्रतिशत नहीं हुई है वहां जिलाधिकारी तत्काल राजनैतिक दलों से इस सम्बंध में बैठक कर बीएलए की तैनाती करवाएं। इसके अतरिक्त जहां बीएलए की तैनाती हो गई है वहां बीएलए का भी प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डाॅ पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए जिन जनपदों में बड़ी आवासीय सोसायटीज हैं वहां नोडल अफसर तैनात कर कैंम्प लगाने हेतु रोस्टर तैयार किए जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बीएलओ हाउस टू हाउस विजिट के दौरान अनिवार्य रुप से ईसीआई का आईडी कार्ड पहनकर ही क्षेत्र में जाए।  


बैठक में प्रशिक्षण माॅड्यूल का भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जनपदों के गणना प्रपत्र के प्रिंटिंग, लाॅजिस्टिक एवं डिस्टिव्यूशन प्लान का भी फीडबैक लिया। 

इस दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल रुप से जुड़े रहे।


आज दिनाँक 21 मई 2026 को नैनीताल के भवाली बाईपास क्षेत्र में एक दर्दनाक वाहन दुर्घटना में कार के गहरी खाई में गिर जाने से पांच लोगों की मृत्यु हो गई। सूचना प्राप्त होते ही SDRF उत्तराखंड की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रेस्क्यू अभियान चलाया।



आज समय 13:18 बजे आपदा कंट्रोल रूम नैनीताल से SDRF पोस्ट नैनीताल को सूचना प्राप्त हुई कि भवाली बाईपास के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर लगभग 60 मीटर गहरी खाई में गिर गया है। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई।


घटनास्थल पर पहुंचने पर ज्ञात हुआ कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन XEV 9E (UP 32 QU 1874) था, जिसमें कुल पांच लोग सवार थे। वाहन गहरी खाई में गिरकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था तथा सभी लोग वाहन के अंदर गंभीर रूप से घायल अवस्था में फंसे हुए थे।


SDRF टीम द्वारा स्थानीय पुलिस व स्थानीय लोगों के सहयोग से अत्यंत विषम परिस्थितियों में त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाते हुए सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।


मृतकों का विवरण:-


1. भूपेंद्र सिंह चुफाल, 48 वर्ष, निवासी- खटीमा, उधमसिंहनगर


2. सीमा चुफाल पत्नी भूपेंद्र सिंह चुफाल, 45 वर्ष


3. वासु चुफाल पुत्र भूपेंद्र सिंह चुफाल, 19 वर्ष


4. रावी चुफाल पुत्री भूपेंद्र सिंह चुफाल, 12 वर्ष


5. अनुज कुमार मिश्रा (वाहन चालक) पुत्र श्री रमा सागर मिश्रा, 33 वर्ष, निवासी- लखनऊ, उत्तर प्रदेश।


बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं


मदमहेश्वर/उखीमठ/रुद्रप्रयाग, 21मई


madhyamaheshwar door opened


द्वितीय केदार के नाम से विख्यात श्री मदमहेश्वर मंदिर के कपाट आज 21 मई  गुरुवार पूर्वाह्न  11.30 बजे कर्क लग्न में श्रद्धा, भक्ति उल्लास एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत खोल दिए गए। कपाटोत्सव के अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था, इस दौरान  सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान मदमहेश्वर के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।


कपाट खुलने के अवसर पर अपने जारी संदेश में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान मदमहेश्वर का आशीर्वाद सभी भक्तों पर बना रहे। वहीं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि श्री मदमहेश्वर यात्रा हेतु समिति के स्तर पर व्यापक तैयारियां की गयी है।



जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि भगवान मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली 19 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर से प्रथम पड़ाव श्री राकेश्वरी मंदिर के लिए रवाना हुई थी। 20 मई को डोली हकहकूकधारियों के गांव गौंडार पहुंची तथा आज प्रातः गौंडार से प्रस्थान कर श्री मदमहेश्वर धाम पहुंची आज  निर्धारित तिथि 21 नवंबर पूर्वाह्न समय  11.30 बजे भगवान मदमहेश्वर जी के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल गये।


यह भी ज्ञातव्य है कि 19 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से समारोह पूर्वक रावल भीमाशंकर लिंग तथा श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी बिजेंद्र बिष्ट ने भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह डोली को प्रस्थान कराया था। श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी बिजेंद्र बिष्ट ने बताया कि आज 1135 श्रद्धालु श्री मदमहेश्वर धाम दर्शन को पहुंचे है।



कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत  पुजारी शिवशंकर लिंग ने विधिवत पूजा-अर्चना एवं कपाट खुलने की प्रक्रिया संपन्न कराई। इस दौरान भगवान महेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप प्रदान किया इससे पहले भगवान मदमहेश्वर जी की चलविग्रह डोली ने भंडार कक्ष तक अवलोकन को पहुंची । 


 इस अवसर पर मंदिर समिति  सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान, दानीदाता दिनेश कानोड़िया,डोली प्रभारी  किशन त्रिवेदी, वीरेश्वर भट्ट,विशेश्वर भट्ट, दिनेश पंवार गणेश सेमवाल प्रकाश पंवार सहित स्थानीय हकहकूकधारी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 *जिले के एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन, पुलिस एवं फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई, आग पर पाया काबू* 


*अस्पताल में फंसे मरीजों को सुरक्षित निकाला; अस्पताल में भर्ती मरीजों को अन्य चिकित्सालय में किया शिफ्ट;*


देहरादून:





आज प्रातः लगभग 09:35 बजे जिला आपदा कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई कि रिस्पना पुल से आगे आईएसबीटी मार्ग स्थित निजी चिकित्सालय पैनिसिया अस्पताल में आग लग गई है। 

सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, फायर सर्विस, एसडीआरएफ एवं अन्य संबंधित राहत एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं तथा संयुक्त राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।


प्राथमिक जानकारी के अनुसार अस्पताल में आग लगने की घटना शॉर्ट सर्किट के कारण हुई प्रतीत हो रही है। घटना के समय अस्पताल में कुल 14 मरीज भर्ती थे। सूचना मिलते ही फायर सर्विस एवं पुलिस टीमों द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया गया।


राहत एवं बचाव कार्य के दौरान अस्पताल में फंसे सभी सात व्यक्तियों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर निकटवर्ती अस्पतालों में उपचार हेतु स्थानांतरित किया गया। अस्पताल में भर्ती सभी 14 मरीजों एवं अन्य घायलों  को सुरक्षित रूप से नजदीकी चिकित्सालय में शिफ्ट कर दिया गया है।


फायर सर्विस, एसडीआरएफ एवं जिला पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा अस्पताल परिसर में व्यापक सर्चिंग अभियान चलाया गया तथा आग पर पूर्ण रूप से नियंत्रण प्राप्त कर लिया गया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल परिसर को खाली कराते हुए पूरे क्षेत्र को नियंत्रित किया गया।


प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार घटना में वीरवती (66 वर्ष) नामक महिला की दम घुटने के कारण मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त कुल 16 व्यक्ति घायल हुए हैं, जिनमें अस्पताल में भर्ती मरीज, उनके परिजन तथा राहत एवं बचाव अभियान में शामिल पुलिस एवं फायर सर्विस कर्मी सम्मिलित हैं। सभी घायलों का उपचार विभिन्न चिकित्सालयों में जारी है।


राहत अभियान के दौरान फायर सर्विस एवं पुलिस विभाग के तीन कर्मी भी घायल हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी घायलों की स्थिति पर  सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


घटना में अस्पताल भवन के कुछ हिस्सों, विशेषकर सीलिंग एवं आंतरिक संरचना को आंशिक क्षति पहुंची है। जिला प्रशासन द्वारा क्षति का आकलन कराने एवं घटना के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।


जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रभावित मरीजों एवं उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यक सुरक्षा एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।


जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।


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