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 केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के


साथ ही चारधाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, जहां राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु सुगम और सुरक्षित दर्शन कर सकें।


केदारनाथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या* 
25.04.2026

पुरुष   - 21035
महिला -   9993
बच्चे    -     132 
विदेशी पुरुष   - NIL
विदेशी महिला - NIL
विदेशी बच्चे    - NIL
दैनिक योग  - *31160*
सम्पूर्ण योग *124782*

*नोट -  दिनांक 25 अप्रैल 2026 की सायं 5 बजे तक की संख्या)*

 *यात्रा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग*।


केदार सभा के अध्यक्ष श्री राजकुमार तिवारी ने कहा कि केदारनाथ जी के कपाट खुले हुए तीसरा दिन है। साथ ही भगवान भैरवनाथ जी के कपाट भी खुल गए हैं। उन्होंने बताया अब तक करीब 1 लाख 10 हजार लोगों ने भगवान श्री केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं। वर्तमान समय में केदारनाथ धाम में व्यवस्थाएं बिल्कुल ठीक हैं। प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कुछ अराजक तत्व द्वारा धाम को बदनाम किया जाना बेहद निंदनीय है। 


केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य श्री उमेश चंद्र पोस्ती ने कहा कि बीकेटीसी एवं जिला प्रशासन के नेतृत्व में अब तक करीब 1 लाख 10 हजार लोगों ने बाबा केदार के दर्शन कर लिए हैं। उन्होंने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोग असत्य और भ्रामक खबरें फैला रहे हैं। उन्होंने देश-विदेश के श्रद्धालुओं से निश्चिंत होकर केदारनाथ धाम आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन, सब मिलकर दिन रात व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। केदारनाथ में किसी तरह की अव्यवस्थाएं नहीं है। मंदिर में दर्शन के लिए यात्रियों के लिए टोकन व्यवस्था की गई है। जिससे जल्दी दर्शन हो रहे हैं। 


केदार सभा के सदस्य श्री संजय तिवारी ने सभी श्रद्धालुओं का केदारनाथ में स्वागत करते हुए कहा कि अब बाबा भैरवनाथ के कपाट भी खुल गए हैं। उन्होंने कहा शासन, प्रशासन, केदार सभा एवं स्थानीय लोगों द्वारा केदारनाथ आने वाले यात्रियों के ठहरने , दर्शन और खाने के लिए बेहतर व्यवस्था की गई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया में केदारनाथ धाम के बारे में चल रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं की गई है।

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

CM Dhami, honeyobtained, paytribute to Hemwati nandan ji


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।


इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री सौरभ बहुगुणा, श्री खजान दास, विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में  प्रदेशभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया तथा कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया।


मुख्यमंत्री ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आर्थिक सहायता से संबंधित विभिन्न मामलों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को आमजन के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है, ताकि जनता को त्वरित राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई  सरकार और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान होता है, बल्कि शासन की कार्यप्रणाली में भी निरंतर सुधार होता है। 



इस अवसर पर उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य में प्रभावी एवं दूरदर्शी फिल्म नीति लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र सौंपते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखंड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों एवं युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।


 जन जागरण अभियान समिति के तत्वाधान में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने राज्य सरकार द्वारा संचालित 15 उत्कृष्ट योजनाओं पर आधारित आकर्षक पोस्टर तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। छात्राओं ने इन योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को मिल रहे लाभ के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें समाज और शासन से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशील भी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं युवा विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।


इस अवसर पर आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, अपर सचिव  श्री जे.सी कांडपाल, अपर आयुक्त गढ़वाल श्री उत्तम सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद थे।



 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री आवास परिसर में इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया ।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में। उन्होंने निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स की स्थापना के लिए एक प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने  कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौन  पालन को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा तथा इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने इसे स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।


इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी श्री दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में वर्षभर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन के निर्माण की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधारोपण अभियान चलाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को भी स्थायी रूप से बढ़ावा देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

 बागेश्वर:


*रिवर्स माइग्रेशन और आधुनिक कृषि से बदल रही उत्तराखंड के सुदूर जनपद बागेश्वर की तस्वीर* 

 

reverse migration uttarakhand


उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लंबे समय से पलायन एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन बागेश्वर जनपद में अब यह प्रवृत्ति सकारात्मक दिशा में बदलती दिखाई दे रही है। “रिवर्स माइग्रेशन” के माध्यम से युवा और किसान अपने गांवों की ओर लौटकर आधुनिक तकनीकों के साथ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। जनपद में विभिन्न योजनाओं से जुड़े सैकड़ों युवाओं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।


जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के लगातार प्रयासों के चलते जनपद में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, विभागीय योजनाओं एवं प्रशिक्षण से जोड़ने का कार्य प्रभावी ढंग से किया गया है। उद्यान, कृषि एवं मत्स्य विभाग के समन्वित प्रयासों से किसानों को 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर पॉलीहाउस, आधुनिक उपकरण एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप सलीगांव के मनोज कोरंगा जैसे युवाओं ने एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर 3 पॉलीहाउस, 3 मत्स्य तालाब एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित की है, जिससे वे प्रतिवर्ष 3 से 4 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा 4-5 स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं।


इसी क्रम में गरुड़ ब्लॉक के चंद्रशेखर पांडे द्वारा लगभग 2 हेक्टेयर भूमि पर जैविक एवं औषधीय खेती करते हुए तुलसी, लेमनग्रास, अश्वगंधा एवं रोजमेरी जैसे उत्पाद उगाए जा रहे हैं। ‘हिम नेचुरल’ ब्रांड के माध्यम से वे इनका विपणन कर 7 से 8 लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। वहीं किसान दान सिंह द्वारा ‘आत्मा योजना’ एवं ‘आरकेवीवाई’ के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर वर्मी कंपोस्ट, लाइन बुवाई एवं आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए उत्पादन में 30-40 प्रतिशत तक वृद्धि तथा लागत में उल्लेखनीय कमी लाई गई है।


महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मन्यूड़ा गांव की हंसी शाह ने 38 नाली भूमि पर वैज्ञानिक खेती को अपनाते हुए मोटे अनाज एवं सब्जियों का उत्पादन शुरू किया है। उन्हें कृषि विभाग द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान पर उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनकी वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। वर्तमान में वे 40 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण एवं प्रेरणा देकर उन्हें भी स्वरोजगार से जोड़ रही हैं।


जनपद में कीवी उत्पादन भी तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बनकर सामने आया है। वर्ष 2022-23 से पूर्व जहां कीवी का क्षेत्रफल मात्र 5-8 हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर लगभग 80 हेक्टेयर हो गया है। वर्तमान में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में फल उत्पादन हो रहा है, जिससे कुल उत्पादन 100-110 क्विंटल से बढ़कर 1100 क्विंटल से अधिक हो गया है। इस क्षेत्र से जुड़े किसानों की संख्या 40-50 से बढ़कर 350 से अधिक हो चुकी है, जिससे कुल आय 13-14 लाख रुपये से बढ़कर 1.5 से 1.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ ही ‘कुटकी’ जैसी जड़ी-बूटी की खेती 46 हेक्टेयर क्षेत्र में 350 महिलाओं द्वारा की जा रही है, जिससे लगभग 70 लाख रुपये की आय अर्जित हुई है।



 देहरादून :

मॉक ड्रिल



आज रात्रि एयर अटैक की सूचना प्राप्त होने पर जनपद में निर्धारित मानकों के अनुसार त्वरित कार्यवाही की गई। सूचना मिलते ही जनपद के शहरी क्षेत्रों में ब्लैक आउट लागू किया गया। शहर के चार स्थानों घंटाघर, डील रायपुर, आराघर तथा आईएसबीटी क्षेत्र में बमबारी की सूचना प्राप्त हुई।



आपदा कन्ट्रोलरूम में रात्रि 10ः05 बजे पुलिस कन्ट्रोलरूम से एयर अटैक की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र सक्रिय कर दिया गया तथा इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।
जिलास्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी स्थापित कर दूरसंचार, मोबाइल, वायरलेस एवं हॉटलाइन माध्यमों से सत्त संपर्क बनाए रखा गया। सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी कंट्रोलरूम में तैनात होकर स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग करते रहे। सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर्स को भी सक्रिय कर राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया।
आपदा कन्ट्रोलरूम में पुलिस कन्ट्रोलरूम से एयर अटैक की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र सक्रिय कर दिया गया तथा इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया।  प्रभावित क्षेत्रों में रात्रि 10ः05 बजे से 10ः35 बजे तक पूर्ण ब्लैक आउट सुनिश्चित किया गया। आईएसबीटी में रात्रि 10ः34 पर बम धमाका होने से भवन क्षतिग्रस्त होने की  सूचना प्राप्त हुई थी  जिसमें 04 मृतक हैं 06 गंभीर घायल हुए और 05 सामान्य घायल हैं। घायलों को  एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार हेतु दून चिकित्सालय भेजा गया। बमबारी के दौरान दुश्मन द्वारा बम गिराए गए आराघर पर गिरे 10ः36 बजे आराघर में बम गिरने की सूचना प्राप्त हुई बम फटा नही है तत्काल एक्सप्लोसिव ऑर्डिनेंस डिस्पोजल (ईओडी) टीम द्वारा खोज कर सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अर्द्धसैनिक बलों, स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा रहा है।
घंटाघर क्षेत्र में बमबारी के कारण निकटवर्ती बस्ती की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है तथा विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है, जिसकी बहाली हेतु संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही जारी है। डील रायपुर एवं आराघर क्षेत्रों में बमबारी के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या विशेष क्षति की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उक्त सभी स्थलों पर मॉक ड्रिल सकुशल सम्पन्न हुई।
सभी स्थलों पर सिविल डिफेंस के वॉलिंटियर तैनात थे जिनमें घंटाघर में 52, आराघर में 52, आईएसबीटी में 36 तथा डील रायपुर में 12 वालिंटियर्स तैनात रहे।  
भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी, समन्वय एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है, ताकि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

 : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउण्ड, देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री, हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जन आक्रोश पदयात्रा में भी शामिल हुए। 

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था। परंतु लोकसभा में संख्या बल के कारण बिल पारित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा विपक्ष ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति का अधिकार छिनने का काम किया है। उन्होंने कहा देश की नारी, अन्याय के विरुद्ध अवश्य आवाज उठाएगी क्योंकि अब नारी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है। 


मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री द्वारा देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विपक्ष ने विफल करके देश के साथ महा पाप किया है।मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति को नए भारत के निर्माण का आधार माना है। महिलाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, एवं जन धन योजना द्वारा करोड़ों बहनों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, स्टार्टअप योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाने,  लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को आगे बढ़ने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएँ आगे आ रही हैं।  आदिवासी समाज की बेटी, देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंची हैं। केंद्रिय मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया है। 


मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए   सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में  समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है। इसके साथ राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं। 


इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती आशा नौटियाल, श्रीमती रेनू बिष्ट, श्रीमती रुचि भट्ट, श्रीमती दीप्ति रावत, श्रीमती नेहा जोशी, हिमानी, रश्मि रस्तोगी एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद थी।



मुख्यमंत्री धामी बोले, हिमालयी राज्य आपसी सहयोग और अनुभवों से करें नीति निर्माण* 


*मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों से समन्वय और नीति निर्धारण परिषद की  बैठक सम्पन्न* 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों के मध्य आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने, साझा चुनौतियों के समाधान हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के लिए समेकित रणनीति तैयार करने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक परिस्थितियाँ समान होने के कारण आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रभावी नीति निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि जिन हिमालयी राज्यों में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे कार्य हुए हैं, उन कार्यों का विस्तृत अध्ययन बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में राज्य में अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृति सम्पन्नता एवं जैव विविधता की दृष्टि  से महत्वपूर्ण राज्य है। हिमालय और औषधियों के संरक्षण के क्षेत्र में राज्य में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। जल स्रोंतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय और पर्यावरण सरंक्षण के क्षेत्र में  जो संस्थान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनका भी निरंतर सहयोग लिया जाए। हिमालयी राज्यों की विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हिमालयी राज्यों के विशेषज्ञों के साथ बैठक समय-समय पर बैठकों और विचार गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाए। बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन,  पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाये जायेंगे। 


मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों को दूर करने के लिए हिमालयी राज्य कैसे एकीकृत रूप में कार्य कर सकते हैं, इस दिशा में प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को हिमालय से फायदा होगा। हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने के लिए हमें इस क्षेत्र में कार्य करने वाले राष्ट्रीय संस्थानों का भी नियमित सहयोग लेना होगा। 


हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद के सदस्य एवं विधायक श्री किशोर उपाध्याय ने कहा कि हिमालय एवं मध्य हिमालय क्षेत्र की अद्यतन वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिकि स्थिति का अध्ययन होना चाहिए। हिमालयी नदियों के जल स्तर और प्रवाह का आंकलन करना भी जरूरी है। सदस्य एवं पूर्व डीजीपी श्री अनिल रतूड़ी ने कहा कि हिमालयी राज्यों को संगठित रूप से कार्य कर हिमालयी से संबंधित सभी सम्पदाओं और लोगों की आजीविका को बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। आचार्य डॉ. प्रशांत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए ज्वाइंट टास्क फोर्स बननी चाहिए। हिमालयी राज्यों की चुनौतियां लगभग एक जैसे होती हैं, इनके लिए मिलकर बेहमर नीति निर्धारण की दिशा में कार्य होने चाहिए। डॉ. जी.एस. रावत ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य होने चाहिए। पद्मश्री श्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि बुग्यालों का संरक्षण बहुत जरूरी है। जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं। 


इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव श्री शैलेश बगौली, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।



देहरादून, 24 अप्रैल 2026


रिश्वत लेने के आरोप में डोईवाला के प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये तत्काल प्रभाव से प्रभारी बीईओ के निलम्बन प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है, शीघ्र ही शासन स्तर से निलम्बन आदेश जारी कर दिये जायेंगे। डाॅ. रावत ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार व अनुशासनहीनता कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। 


सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, बावजूद इसके कतिपय कर्मचारी विभाग की छवि को धूमिल करने से बाज नहीं आ रहे हैं, ऐसे कार्मिकों खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। डाॅ. रावत ने कहा कि हाल ही में विजिलेंस टीम द्वारा डोईवाला में तैनात प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारी को उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभाग में ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें साथ ही छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं आमजन से फीडबैक लेकर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाएं। उन्होंने कहा कि विभाग के अंतर्गत किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी



 

देहरादून 24-04-2026



*श्रद्धालुओं को सहूलियत और संस्कृति को मिलेगा राष्ट्रीय मंच*


*सचिव आवास व राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने लिया अयोध्या अतिथि गृह निर्माण स्थल का किया विस्तृत जायजा, अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए सख्त निर्देश* 



देश की धार्मिक राजधानी अयोध्या में उत्तराखंड सरकार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। अयोध्या-फैजाबाद हाईवे पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह अब हकीकत का रूप लेता दिख रहा है। लगभग 54,000 (चव्वन हजार) वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह विशाल परिसर उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना बनेगा। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के स्थल निरीक्षण के बाद परियोजना के क्रियान्वयन ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे साफ है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट सोच और परिणामोन्मुख कार्यशैली दिखाई देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की जो रणनीति बनाई है, यह परियोजना उसी की एक मजबूत कड़ी है। चारधाम यात्रा को बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं से जोड़ने के बाद अब सरकार अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी उत्तराखंड की पहचान स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना गुणवत्ता, आधुनिकता और तय समयसीमा के मानकों पर खरी उतरे। सचिव आवास-राज्य संपित्त जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट सौंपेंगें। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम राकेश चन्द्र तिवारी, राज्य संपत्ति विभाग से डॉ विनीता सिंह, वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी मुन्ना सिंह सहित संबधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


*रणनीतिक लोकेशन, आसान पहुंच*

प्रस्तावित अतिथि गृह की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। श्रीराम मंदिर से करीब 6.60 किलोमीटर और फैजाबाद शहर से 6.40 किलोमीटर की दूरी इसे अत्यंत सुविधाजनक बनाती है। अयोध्या एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी सुलभ बनाती है। वहीं लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क इसे धार्मिक पर्यटन का अहम केंद्र बना सकता है। देहरादून और नई दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक प्रमुख पड़ाव होगा।


*आम श्रद्धालुओं को बड़ी राहत*

इस परियोजना की खासियत यह है कि इसे केवल वीआईपी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती दरों पर ठहरने की व्यवस्था इस योजना को जन-हितैषी बनाती है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलेगा। इससे अयोध्या यात्रा के दौरान ठहरने की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।


*सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा परिसर*

सरकार की योजना इस अतिथि गृह को केवल ठहरने तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में विकसित करने की है। यहां लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक उत्सव और सरस मेले जैसे आयोजन किए जाएंगे। इससे उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा। साथ ही विवाह समारोह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भी यह परिसर उपयोगी साबित होगा, जिससे राजस्व के नए अवसर भी बनेंगे।


*पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा*

अयोध्या में तेजी से बढ़ते धार्मिक पर्यटन के बीच यह परियोजना उत्तराखंड के लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित हो सकती है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच उत्तराखंड की मौजूदगी इस अतिथि गृह के माध्यम से और मजबूत होगी। यह पहल “धार्मिक पर्यटन” और “संस्कृति कनेक्ट” के मॉडल को आगे बढ़ाते हुए राज्य के पर्यटन उद्योग को अप्रत्यक्ष रूप से नई गति देगी।


*गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर*

स्थल निरीक्षण के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड की छवि से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।


*ड्रीम प्रोजेक्ट से बनेगा सांस्कृतिक सेतु - डॉ. आर. राजेश कुमार* 

डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार अयोध्या में बनने वाला उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और प्रभावी कार्ययोजना का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि उत्तराखंड को देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित करेगी। यह अतिथि गृह केवल एक इमारत नहीं बल्कि उत्तराखंड और अयोध्या के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा। यहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड की परंपराओं और संस्कृति को भी राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

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