Halloween party ideas 2015

 


गंगा बैराज पर आज उस समय ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब एक प्राइवेट कंपनी द्वारा सी-प्लेन की सफल ट्रायल लैंडिंग की गई। यह पहल राज्य में हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार लगातार राज्य में आधुनिक परिवहन सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है। सीएम धामी की दूरदर्शी सोच और प्रयासों का ही परिणाम है कि आज ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में सी-प्लेन सेवा की संभावनाएं साकार होती नजर आ रही हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, सी-प्लेन सेवा शुरू होने से चारधाम या


त्रा, एडवेंचर टूरिज्म और वीकेंड ट्रैवल को बड़ा बूस्ट मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अब कम समय में सीधे ऋषिकेश और आसपास के प्रमुख स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


सरकार की योजना है कि भविष्य में इस सेवा को टिहरी झील, नैनीताल झील और अन्य जलाशयों तक भी विस्तार दिया जाए, जिससे उत्तराखंड देश का प्रमुख सी-प्लेन डेस्टिनेशन बन सके।


यह ट्रायल न केवल तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि यह संकेत भी दे गया कि आने वाले समय में उत्तराखंड में हवाई पर्यटन का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।


अत्याचारी और षड्यंत्रकारी राजनीति का सामना कर हम बने हैं सबसे बड़ी पार्टी!* 

 *वर्तमान झूठ, प्रपंच की राजनीति, पार्टी द्वारा सहे अत्याचारियों के सामने कुछ भी नही!* 

देहरादून :

BJP foundation day 2026 CM Dhami



भाजपा परिवार ने 27 में जीत की हैट्रिक के प्रण के साथ अपना स्थापना दिवस हर्षौल्लास से मनाया। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, जिस अत्याचारी और षड्यंत्रकारी विपक्षी माहौल के मध्य भी हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बने हैं, उसके सामने तो आज की झूठ और भ्रम की राजनीति कुछ भी नही है।


पार्टी प्रदेश कार्यालय में हुए मुख्य समारोह में प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट एवं प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार की उपस्थित में स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस 47वे स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी ध्वज फहराया गया और कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को बधाई दी । उद्घोष और मिष्ठान वितरित करने के साथ सभी वक्ताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन के सफर की विस्तार से चर्चा की।


इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्री भट्ट ने सर्वप्रथम संगठन निर्माण में बलिदानी और तपस्वी कार्यकर्ताओं को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ऐसे अनगिनत कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण से ही 1952 में दो सीट से शुरू हमारा सफर आज लगातार तीन बार केंद्र की सरकार बनाने के साथ निरंतर जारी है। पार्टी और देश को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं ने अतुलनीय प्रताड़ना सही हैं, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तो कश्मीर को देश से जोड़े रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। आपातकालीन में जब हम उतनी बड़ी राजनीतिक ताकत भी नहीं थे,तब भी लोकतंत्र की आजादी के लिए हमारे हजारों कार्यकर्ताओं ने यातनाएं झेली। देश के विकास और संस्कृति के संरक्षण के लिए हमारी सरकारें प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं। उत्तराखंड में भी बद्रीनाथ, केदारनाथ समेत अनेकों धार्मिक स्थलों का विकास और पुनरोद्धार भी हमारी राष्ट्रवादी संस्कृति का परिचायक है। 


उन्होंने कहा कि भाजपा जिस तरह की अत्याचारी एवं षड्यंत्रकारी राजनीति का सामना करते हुए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनी है, वर्तमान परिस्थितियां तो कुछ भी नही हैं। आज विपक्ष लाख झूठ और भ्रम फैलाए, लेकिन भाजपा के संकल्प और समर्पण को तोड़ नहीं सकता है। हम सभी इस स्थापना दिवस में प्रण ले रहे हैं कि अगला स्थापना दिवस 27 के चुनावों में हैट्रिक के साथ मनाएंगे 


इस मौके पर प्रदेश महामंत्री संगठन श्री अजेय कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्थापना दिवस हम सबके लिए बहुत गर्व का विषय है, जिससे हमे नई ऊर्जा सृजित कर देश समाज को आगे बढ़ाने में जुटना है। चरावेति चरावेति के सिद्धांत पर काम करते हुए हमें आने वाले दिनों में बूथ स्तर पर संवाद आगे बढ़ाना है। जो राजनैतिक हित के अधिक देशहित और सामाजहित की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। हम दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हैं, लिहाजा हमारी जिम्मेदारी भी सबसे अधिक है, इसी भाव के साथ हमे स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना है। बूथ स्तर पर पार्टी ध्वजारोहण के साथ संवाद बैठक करनी है, जिसमें प्राथमिक एवं सक्रिय कार्यकर्ता भागेदारी करेंगे। विचार गोष्ठी हो, स्वच्छता कार्यक्रम हो, जागरूकता अभियान हो, प्रदर्शनी या अन्य कार्यक्रम हों, सभी में अधिक से अधिक जनसहभागिता को सुनिश्चित करवाना है। 


इस अवसर पर राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, टिहरी सांसद महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह, कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री श्री कुंदन परिहार, श्रीमती दीप्ति रावत, श्री तरुण बंसल, महापौर श्री सौरभ थपलियाल, विधायक श्री उमेश काऊ, सरकार में दायित्वधारी श्री विनोद सुयाल, श्री हेमराज बिष्ट, श्री सुभाष बड़थ्वाल, श्री गीता राम गौड़, शादाब शम्स, प्रदेश मंत्री श्री आदित्य चौहान, श्रीमती नेहा जोशी, प्रदेश कार्यालय सचिव श्री जगनमोहन रावत, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता श्री मथुरा दत्त जोशी, श्रीमती कमलेश रमन, श्रीमती हनी पाठक समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 


मनवीर सिंह चौहान 

प्रदेश मीडिया प्रभारी 

भाजपा, उत्तराखंड

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड में पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु कदम उठाए जा रहे हैं*

- पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी

- उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है- आईओसीएल, उत्तराखंड

- सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में उत्तराखंड में 5 सीजीडी कंपनियां कार्य कर रही हैं


- नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है


- डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई


- मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति


- निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए

chardhaam yatra LPG faciality


- विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।


- नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्हें डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए प्रेरित किया गया है।


- चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी गई है- आईओसीएल, उत्तराखंड


सोमवार को सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आईओसीएल-उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग ने एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, तथा गलत सूचना का मुकाबला करने के उपाय को लेकर पत्रकार वार्ता की.


डिविजनल रिटेल सेल्स हेड, आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख क्षेत्रों पर अद्यतन जानकारी में नागरिकों को एलपीजी सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और आवश्यक न होने पर वितरकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.


डायवर्जन रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित एलपीजी डिलीवरी फरवरी 2026 में 53 प्रतिशत से बढ़कर कल 90 प्रतिशत हो गई. मार्च 2026 से अब तक 3.6 लाख कनेक्शनों में गैस कनेक्शन स्थापित होने और 3.9 लाख से अधिक नए पंजीकरण के साथ पीएनजी के विस्तार में गति है.


इस राज्य स्तरीय प्रेस वार्ता में बताया गया है कि भारत अपनी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की लगभग 80% जरूरत आयात के माध्यम से पूरी करता है। तेल कंपनियां केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, और पूरी स्थिति पर नजदीकी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की कमी न हो।


आईओसीएल, उत्तराखंड की तरफ से बताया गया कि चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती खपत को लेकर केंद्र सरकार को राज्य की तरफ मांग भेजी जा रही है.


एलपीजी (LPG) के संदर्भ में, भारत की लगभग 60% आवश्यकता आयात से पूरी होती है। सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता पर चल रही हैं और एलपीजी उत्पादन को बढ़ाया गया है। उत्तराखंड राज्य में उपभोक्ताओं को लगातार एलपीजी आपूर्ति की जा रही है, लेकिन वर्तमान में लगभग 6.97 दिनों का बैकलॉग है, जिसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में रिफिल बुकिंग करना है। लगभग 85% बुकिंग ऑनलाइन हो रही हैं और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का कार्यान्वयन भी 85% तक हो चुका है। घरेलू एलपीजी आपूर्ति औसतन 18 लाख प्रति माह है। मार्च में जहां प्रतिदिन लगभग 65,000 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही थी, वहीं वर्तमान में यह घटकर लगभग 56,000 प्रतिदिन (लगभग 85%) रह गई है। गैर-घरेलू एलपीजी की आपूर्ति औसतन 1.6 लाख प्रति माह है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर की आपूर्ति होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 2,600 प्रतिदिन (लगभग 55%) हो गई है। 5 किलोग्राम सिलेंडरों की आपूर्ति भी 800 प्रतिदिन से घटकर लगभग 250 प्रतिदिन रह गई है। डिलीवरी का समय शहरी क्षेत्रों में लगभग 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 दिन है। गैर-घरेलू आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, होटल/ढाबों, औद्योगिक कैंटीनों और फार्मा क्षेत्र को प्राथमिकता दी जा रही है। 


एक आंकड़े के मुताबिक उत्तराखंड में:

5 अप्रैल को 34,448 एलपीजी बुकिंग हुई. 

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,95,624 एलपीजी बुकिंग हुई. 

मार्च 2024 में 14,06,421 एलपीजी बुकिंग हुई. 


5 अप्रैल को 26,595 एलपीजी डिलीवरी हुई. 

29 मार्च से 4 अप्रैल तक 2,50,344 एलपीजी डिलीवरी हुई. 

मार्च 2024 में 11,25,546 एलपीजी डिलीवरी हुई. 


फिलहाल प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत प्रतिदिन लगभग 5,000 सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।


ईंधन आपूर्ति की स्थिति (पेट्रोल और डीजल) की बात करें तो पूरे राज्य में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध हैं। कुल 978 रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनमें IOC- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के 431, BPC- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 214, HPC- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के 254, RIL- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 28 और Nayara के 51 आउटलेट शामिल हैं। औसत उपलब्धता पेट्रोल (MS) के लिए लगभग 60,000 किलोलीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के लिए लगभग 75,000 किलोलीटर है। पेट्रोल में 2% और डीजल में 6% की वृद्धि दर्ज की गई है। रिटेल आउटलेट्स और टर्मिनलों दोनों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है।


सिटी गैस वितरण और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में राज्य में 5 CGD- सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिनमें देहरादून में GAIL Gas, उधम सिंह नगर में IOC-Adani Gas Pvt. Ltd., हरिद्वार में HNGPL और नैनीताल में HPCL शामिल हैं। राज्य में CNG, घरेलू PNG और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक PNG की आपूर्ति में कोई बाधा या प्रतिबंध नहीं है। इन कंपनियों द्वारा घरेलू PNG कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने, कम समय में अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने, सर्वे और संस्थागत कनेक्शन को प्राथमिकता देने, दैनिक प्रगति की निगरानी करने और अधिकतम जनहित के आधार पर प्राथमिकता तय करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। 1 मार्च से अब तक 1,388 PNG कनेक्शन दिए गए हैं, जिनमें से पिछले दिन 40 कनेक्शन जोड़े गए, और कुल उपभोक्ताओं की संख्या 35,589 हो गई है।


उत्तराखंंड में निगरानी और अनुपालन के तहत नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके। अब तक 5,681 निरीक्षण और 301 छापे मारे गए हैं, जिनके परिणामस्वरूप 16 एफआईआर दर्ज की गईं, 7 गिरफ्तारियां हुईं और 16 नोटिस जारी किए गए।


राज्य में वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरकों पर नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन निरीक्षण किए जा रहे हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMC) द्वारा 130 एलपीजी निरीक्षण और 259 रिटेल आउटलेट निरीक्षण किए गए हैं।


विशेष ध्यान जन-जागरूकता बढ़ाने और गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) को रोकने पर दिया जा रहा है। फर्जी खबरों का खंडन किया जा रहा है और सही जानकारी साझा की जा रही है। राज्य सरकार ने सहायता के लिए 112 और 1070 टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।


आईओसीएल-उत्तराखंड, राज्य स्तरीय समन्वयक, तेल उद्योग श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा- एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की खरीदारी घबराकर न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। उन्होंने डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करने, भीड़ से बचने, जहां संभव हो वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने और ऊर्जा की बचत करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया.

 भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना* के राशन कार्ड धारकों (अन्त्योदय एवं प्राथमिक परिवारों ) को अप्रैल-मई-जून माह का अग्रिम खाद्यान वितरण इसी महीने अर्थात् अप्रैल माह में किया जाएगा।



 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल का पानी का 31657 का बिल डीएम ने करवाया माफ; वन टाइम सेटलमेंट उपरान्त रू0 20170 राइफल फंड से जमा

डीएम का जनदर्शन त्वरित एक्शन; प्रभावी निस्तारण से जनमन का अपार विश्वास; उमड़ता जनसैलाब आज शिकायत 212 पार

देहरादून, :



जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जनता दर्शन में आज 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम संग जनमानस की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई की उनका पुत्र 12-13 वर्षों से लापता है तथा 02 पोतों की जिम्मेदारी उनपर है घर के पानी का बिल 31657 बिल आया है उन्होंने जिलाधिकारी से बिल माफी की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जल संस्थान द्वारा ब्याज की धनराशि रू0 11487, वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए शेष धनराशि 20170 रू0 रायफल फंड से जिला प्रशासन जल संस्थान के खाते में जमा कराई जा रही है।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पुत्र वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नही दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एएलसी को एफआईआर दर्ज कराने तथा लेबरकोर्ट में मामला दर्ज करते हुए 02 माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दम्पति नीलम अरोड़ा व उनके पति ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्रवधु द्वारा उनके घर में रहते हुये प्रार्थिनी एवं उसके पति के साथ अनावश्यक मारपीट करने, प्रताडित करने, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देते हैं जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में वाद भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति उनकी 02 पुत्रियां है जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लानपोषण में समस्या आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने रोशनी की दोनों पुत्रियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी भूमि से लगती हुई लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर कुछ व्यक्तियों द्वारा बंद कर दी गई है जिससे भूमिधरों की गेंहू की फसल में पानी नही लग पाने से फसल खराब हो रही है, नहर को जेसीबी लगाकर पूर्णतः क्षतिग्रस्त कर दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला, अधि.अभि लघु सिंचाई को तत्काल कार्यवाही कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजित सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

 मुख्यमंत्री वि





CM विवेकाधीन कोष पर बड़ा खुलासा: RTI में ₹6.65 करोड़ वितरण, ‘संपर्काधीन सिस्टम’ के आरोप; प्रभावशाली नामों को लाभ, गरीबों के साथ उपेक्षा का दावा


हल्द्वानी:


 उत्तराखंड में मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष—जो आपदा, बीमारी और आकस्मिक संकट से जूझ रहे जरूरतमंदों के लिए अंतिम सहारा माना जाता है—अब गहरे सवालों के घेरे में है। किसान मंच उत्तराखंड ने सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री की कर्मभूमि चंपावत और जन्मभूमि उधम सिंह नगर में ही इस कोष से बड़े पैमाने पर धनराशि का वितरण हुआ, जिसमें पारदर्शिता, पात्रता और निष्पक्षता को लेकर गंभीर शंकाएं पैदा होती हैं। संगठन ने इसे “विवेकाधीन नहीं, संपर्काधीन व्यवस्था” बताते हुए श्वेत पत्र और स्वतंत्र जांच की मांग की है।


नैनीताल रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय, संरक्षक पीयूष जोशी और प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लता बौड़ाई ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान केवल दो जिलों—चंपावत और उधम सिंह नगर—में ही कुल ₹6,65,37,000 की राशि वितरित की गई। इनमें चंपावत में 1,359 लाभार्थियों को ₹2,65,05,000 और उधम सिंह नगर में 2,142 लाभार्थियों को ₹4,00,32,000 दिए गए। कुल 3,501 लाभार्थियों के ये आंकड़े, मंच के अनुसार, अपने आप में कई सवाल खड़े करते हैं—क्या यह मात्र संयोग है कि इतनी बड़ी राशि मुख्यमंत्री के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव वाले इलाकों में केंद्रित रही, या इसके पीछे चयन की प्रक्रिया में कोई पक्षपात है?


किसान मंच का आरोप है कि इन आंकड़ों के भीतर एक “पैटर्न” दिखाई देता है, जहां कई मामलों में एक ही व्यक्ति को दो-दो और तीन-तीन बार तक ₹50,000 से ₹2,00,000 की सहायता दी गई, जबकि कई परिवारों के अलग-अलग सदस्यों को बार-बार लाभान्वित किया गया। इसके विपरीत, वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों को मात्र ₹3,000 से ₹5,000 तक देकर औपचारिकता पूरी किए जाने का आरोप लगाया गया, जिसे संगठन ने “गरीबों के साथ मजाक” और “संवेदनहीन व्यवस्था” की मिसाल बताया।


प्रेस वार्ता में मंच ने कई नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। किसान मंच के अनुसार भाजपा के पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हयात सिंह मेहरा को ₹40,000, उधम सिंह नगर के विपणन बोर्ड सदस्य संतोष कुमार अग्रवाल को ₹5,00,000, भाजपा कार्यकर्ता मुकेश शर्मा को ₹50,000, चंपावत के एक अज्ञात “अध्यक्ष” को ₹2,00,000, भाजपा कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद को ₹5,00,000 तथा टनकपुर के भाजपा नेता रोहित कुमार गुप्ता को ₹1,00,000 की सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त भाजपा कार्यकर्ता शांता बुटोला को ₹5,00,000 और रविंद्र सिंह को ₹50,000 दिए जाने का भी उल्लेख किया गया, जबकि उधम सिंह नगर के भाजपा प्रभारी संजीव नेगी का नाम भी लाभार्थियों में शामिल बताए जाने का दावा किया गया।


संगठन ने  बताया कि आरटीआई के माध्यम से पता चला कि एक अज्ञात व्यक्ति को ₹3,00,000 की सहायता दी गई, जबकि चंपावत में निवास करने वाले दो ऐसे व्यक्तियों, जिनके नाम के साथ “जिलाधिकारी” शब्द जुड़ा बताया गया, को क्रमशः ₹3,00,000 और ₹1,75,000 दिए गए। किसान मंच ने कहा कि यदि यह तथ्य सही है, तो यह मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष की पात्रता और नियमों पर सीधा प्रश्नचिह्न है और यह जानना आवश्यक है कि ऐसे व्यक्तियों को सहायता किस आधार पर स्वीकृत की गई।


इसके अलावा संगठन ने  आरटीआई का हवाला देते हुए खुलासा किया कि कि चंपावत के पूर्व भाजपा अध्यक्ष प्रकाश तिवारी के परिवार—रमेश तिवारी, प्रकाश तिवारी, हेमा तिवारी और दीपक तिवारी—को कई बार सहायता दी गई। साथ ही भाजपा से जुड़े कैलाश गहतोरी और महेश चंद्र गहतोरी को भी “भारी मात्रा” में लाभ मिलने की बात कही गई। मंच का कहना है कि इन उदाहरणों से यह संकेत मिलता है कि राहत कोष का लाभ सीमित दायरे में घूमता रहा, जबकि वास्तविक जरूरतमंद हाशिए पर रहे।


किसान मंच ने पारदर्शिता के मुद्दे को सबसे गंभीर बताते हुए कहा कि जब RTI के तहत आवेदन पत्र, अस्पताल बिल, वाउचर और इलाज से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो उन्हें “निजी जानकारी” बताकर देने से इनकार कर दिया गया। संगठन का सवाल है कि जब सार्वजनिक धन का उपयोग किया जा रहा है, तो उससे जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने में हिचक क्यों? मंच का कहना है कि जानकारी छिपाना स्वयं में कई बड़े सवालों को जन्म देता है।


इस पूरे विवाद को और गंभीर बनाते हुए किसान मंच ने भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके क्षेत्र के गरीबों की फाइलें लंबित हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों की फाइलें प्राथमिकता से पास की जा रही हैं। संगठन ने इसे “सत्ता के भीतर उठती आवाज” बताते हुए कहा कि यह केवल एक संगठन का आरोप नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर की वास्तविकता की झलक है।

प्रदेश अध्यक्ष किसान पुत्र कार्तिक उपाध्याय ने कहा, “यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं है, यह उन गरीब परिवारों के दर्द का मामला है जिन्हें राहत मिलनी चाहिए थी लेकिन वे सिस्टम से बाहर रह गए। मुख्यमंत्री की कर्मभूमि और जन्मभूमि में ही यदि इस तरह के सवाल उठ रहे हैं, तो पूरे प्रदेश की स्थिति पर गंभीर चिंतन की जरूरत है। हम इस लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे।”

संरक्षक पीयूष जोशी ने कहा, “मुख्यमंत्री विवेकाधीन राहत कोष गरीबों के लिए जीवनरेखा होता है, लेकिन जिस तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे यह व्यवस्था भरोसे के संकट में है। यदि सरकार को अपने काम पर विश्वास है तो उसे तुरंत श्वेत पत्र जारी कर पूरी सच्चाई सामने रखनी चाहिए, नहीं तो जिस प्रकार एक अध्यक्ष जो कि अज्ञात है वह एक जिलाधिकारी नाम के अज्ञात व्यक्ति को पैसा बांटा गया वैसे हर अध्यक्ष हर संस्था के अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष से लेकर तमाम अध्यक्षों को मुख्यमंत्री राहत को उससे पांच-पांच लाख रुपए बांटे जाएं उन्होंने कहा कि वह संबंध में सीएजी चीफ जस्टिस विजिलेंस सहित प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भी पत्र लिख जांच की मांगकरेंगे।”


प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लता बौड़ाई ने कहा, “जब एक गरीब इलाज के लिए भटकता है और उसे कुछ हजार रुपये देकर टरका दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर लाखों रुपये प्रभावशाली लोगों को दिए जाते हैं, तो यह केवल अनियमितता नहीं बल्कि संवेदनहीनता है। यह जनता के पैसे की बंदरबांट का मामला है।”




प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने हाल ही में रक्षा मंत्री द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को “धाकड़” और “धुरंधर” बताए जाने पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था पारदर्शी है, तो सरकार को बिना देरी किए इस कोष पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए और सभी तथ्यों को सार्वजनिक करना चाहिए।


किसान मंच ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा और मामला प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री तथा न्यायपालिका तक ले जाया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान किसान मंच के उपाध्यक्ष कमल तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।



अवधि: 2023-24 एवं 2024-25


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जिला              | लाभार्थी संख्या | कुल राशि (₹)

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चंपावत           | 1,359          | 2,65,05,000

उधम सिंह नगर     | 2,142          | 4,00,32,000

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कुल              | 3,501          | 6,65,37,000

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नाम                          | कथित पहचान           | राशि (₹)

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हयात सिंह मेहरा             | पूर्व राज्य मंत्री    | 40,000

संतोष कुमार अग्रवाल        | बोर्ड सदस्य          | 5,00,000

मुकेश शर्मा                 | भाजपा कार्यकर्ता     | 50,000

राजेंद्र प्रसाद             | भाजपा कार्यकर्ता     | 5,00,000

रोहित कुमार गुप्ता          | भाजपा नेता           | 1,00,000

शांता बुटोला               | भाजपा कार्यकर्ता     | 5,00,000

रविंद्र सिंह               | भाजपा कार्यकर्ता     | 50,000

अज्ञात “अध्यक्ष”           | —                    | 2,00,000

अज्ञात व्यक्ति              | —                    | 3,00,000

अज्ञात (चंपावत निवासी)     | —                    | 3,00,000

अज्ञात (चंपावत निवासी)     | —                    | 1,75,000

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एक ही परिवार को बार-बार लाभ (आरोप)


प्रकाश तिवारी परिवार (चंपावत):

- रमेश तिवारी

- प्रकाश तिवारी

- हेमा तिवारी

- दीपक तिवारी

(एकाधिक बार सहायता का आरोप)

 जनपद देहरादून, गहरी खाई में गिरे व्यक्ति का SDRF द्वारा किया गया, शव बरामद

  

SDRF recover 4 dead bodies

आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 को मध्य रात्रि में CCR जनपद देहरादून के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना राजपुर, चौकी आईटी पार्क क्षेत्रांतर्गत सहस्त्रधारा टूरिस्ट प्लेस के समीप एक व्यक्ति लगभग 200–250 मीटर गहरी खाई में गिर गया है। 


घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल SDRF टीम की आवश्यकता बताई गई, जबकि स्थानीय पुलिस बल पहले से ही मौके पर मौजूद था।


उक्त सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट सहस्त्रधारा से मुख्य आरक्षी संतोष रावत के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

SDRF टीम द्वारा अत्यंत विषम एवं दुर्गम परिस्थितियों में गहन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कठिन प्रयासों के बाद टीम ने खाई में गिरे व्यक्ति तक पहुंच बनाते हुए उसे बाहर निकाला। उक्त व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी थी।


SDRF टीम द्वारा उक्त व्यक्ति के शव को सावधानीपूर्वक खाई से बाहर निकालकर आवश्यक कार्यवाही हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मृतक की पहचान हेतु प्रयास किया जा रहा है।

ऋषिकेश में पूर्व में डूबे व्यक्तियों की सर्चिंग के दौरान दो शव बरामद


आज दिनांक 05/04/2026 को ऋषिकेश क्षेत्र में पूर्व में डूबे व्यक्तियों की सर्चिंग हेतु एसडीआरएफ टीम ढालवाला द्वारा सब-इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चीला बैराज क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया गया।

सर्चिंग के दौरान टीम को दो शव बरामद हुए। प्रथम शव की पहचान आयुष अम्बुज उम्र 25 पुत्र सुनील कुमार सलीमपुर बिहार के रूप में हुई, जिसकी पूर्व से तलाश की जा रही थी। शव को रेस्क्यू कर बाहर निकालने के पश्चात परिजनों द्वारा शिनाख्त किए जाने पर सिविल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

द्वितीय शव की पहचान अनिल बहुगुणा पुत्र स्वर्गीय प्रेमचंद बहुगुणा, निवासी मनीराम मार्ग, ऋषिकेश के रूप में हुई। उक्त शव को भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

 महादेव चट्टी के पास खौफनाक हादसा: 49 वर्षीय चालक की दर्दनाक मौत, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू 


आज दिनांक 05/04/2026 को  चौकी तीन धारा जनपद टिहरी गढ़वाल से सूचना मिली कि महादेव चट्टी के पास एक ट्रक गहरी खाई में गिर गया। सूचना मिलते ही पोस्ट ब्यासी एसडीआरएफ टीम उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

घटनास्थल पर पहुंचकर टीम द्वारा सड़क से लगभग 250 मीटर नीचे गहरी खाई में गिरे ट्रक तक पहुंच बनाई गई।  मौके पर व्यक्ति मृत पाया गया टीम द्वारा रोप रेस्क्यू तकनीक का उपयोग करते हुए शव को सुरक्षित रूप से खाई से निकालकर सड़क मार्ग तक लाया गया।

उक्त शव को आवश्यक कार्यवाही हेतु मौके पर उपस्थित जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया। शव की पहचान,मनोज उर्फ शीशपाल पुत्र अजेंदर सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।

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