Halloween party ideas 2015

 माँ चंद्रघंटा की कृपा से अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं, दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है तथा विविध प्रकार की दिव्य ध्वनियाँ सुनाई देती हैं। ये क्षण साधक के लिए अत्यंत सावधान रहने के होते हैं।: 

Chandraghanta maa third navratri 








पिण्डजप्रवरारुढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता | प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता ||



माँ का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। इनके मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। इनके शरीर का रंग स्वर्ण के समान चमकीला है। इनके दस हाथ हैं। इनके दसों हाथों में खड्ग आदि शस्त्र तथा बाण आदि अस्त्र विभूषित हैं। इनका वाहन सिंह है। इनकी मुद्रा युद्ध के लिए उद्यत रहने की होती है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से साधक के समस्त पाप और बाधाएँ विनष्ट हो जाती हैं। इनकी आराधना सद्यः फलदायी है। माँ भक्तों के कष्ट का निवारण शीघ्र ही कर देती हैं। इनका उपासक सिंह की तरह पराक्रमी और निर्भय हो जाता है। इनके घंटे की ध्वनि सदा अपने भक्तों को प्रेतबाधा से रक्षा करती है। इनका ध्यान करते ही शरणागत की रक्षा के लिए इस घंटे की ध्वनि निनादित हो उठती है।
माँ का स्वरूप अत्यंत सौम्यता एवं शांति से परिपूर्ण रहता है। इनकी आराधना से वीरता-निर्भयता के साथ ही सौम्यता एवं विनम्रता का विकास होकर मुख, नेत्र तथा संपूर्ण काया में कांति-गुण की वृद्धि होती है। स्वर में दिव्य, अलौकिक माधुर्य का समावेश हो जाता है। माँ चंद्रघंटा के भक्त और उपासक जहाँ भी जाते हैं लोग उन्हें देखकर शांति और सुख का अनुभव करते हैं।

माँ के आराधक के शरीर से दिव्य प्रकाशयुक्त परमाणुओं का अदृश्य विकिरण होता रहता है। यह दिव्य क्रिया साधारण चक्षुओं से दिखाई नहीं देती, किन्तु साधक और उसके संपर्क में आने वाले लोग इस बात का अनुभव भली-भाँति करते रहते हैं।



हमें चाहिए कि अपने मन, वचन, कर्म एवं काया को विहित विधि-विधान के अनुसार पूर्णतः परिशुद्ध एवं पवित्र करके माँ चंद्रघंटा के शरणागत होकर उनकी उपासना-आराधना में तत्पर हों। उनकी उपासना से हम समस्त सांसारिक कष्टों से विमुक्त होकर सहज ही परमपद के अधिकारी बन सकते हैं।

हमें निरंतर उनके पवित्र विग्रह को ध्यान में रखते हुए साधना की ओर अग्रसर होने का प्रयत्न करना चाहिए। उनका ध्यान हमारे इहलोक और परलोक दोनों के लिए परम कल्याणकारी और सद्गति देने वाला है।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में तृतीय दिन इसका जाप करना चाहिए।



    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


 हे माँ! सर्वत्र विराजमान और चंद्रघंटा के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। या मैं आपको बारंबार प्रणाम करता हूँ। हे माँ, मुझे सब पापों से मुक्ति प्रदान करें।




 

ऋषिकेश : 



चकजोगीवाला क्षेत्र में एक बार फिर गुलदार की चहलकदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया है। बड़कोट रेंज से सटे इस इलाके में बुधवार देर रात गुलदार देखे जाने की घटना सामने आई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रधान मेहर सिंह असवाल के खेतों में गुलदार घुस आया था। इसी दौरान खेत में मौजूद निराश्रित पशु के शोर की आवाज सुनकर पास ही रहने वाले लक्की असवाल छत पर चढ़ गए और जोर-जोर से शोर मचाया। शोर सुनते ही गुलदार घबरा गया और शिकार को छोड़कर खेत से भाग निकला। यह पूरी घटना वीडियो में भी कैद हुई है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व भी इसी क्षेत्र में गुलदार ने ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल के घर के आंगन से एक कुत्ते को उठा लिया था। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

चकजोगीवाला ग्राम प्रधान मोहर सिंह असवाल ने कहा  कि क्षेत्र में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों के चलते बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

 



 *सीएम धामी ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश* 


 *जनसभा से पहले रूट डायवर्जन और सुविधाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट* 


उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नैनीताल जनपद के एमबी इंटर कॉलेज, हल्द्वानी में शनिवार, 21 मार्च को एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के  रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह प्रतिभाग करेंगे।



माननीय रक्षा मंत्री के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम एवं आयोजन की तैयारियों के दृष्टिगत  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को हल्द्वानी पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस, काठगोदाम में अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



बैठक में आयुक्त कुमाऊं मंडल श्री दीपक रावत ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी दी। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने एमबी इंटर कॉलेज मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनसभा में आने वाले लोगों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पेयजल, साफ-सफाई एवं शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।



मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि शहर की जनता एवं बाहरी आगंतुकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पूर्व में ही रूट डायवर्जन प्लान तैयार कर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।



इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद श्री अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी श्री बंशीधर भगत, लालकुआं से श्री मोहन सिंह बिष्ट, नैनीताल से श्रीमती सरिता आर्या, रामनगर से श्री दीवान सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, प्रदेश महामंत्री श्री तरुण बंसल, दायित्वधारी डॉ. अनिल कपूर (डब्बू), श्री शंकर कोरंगा, श्रीमती शांति मेहरा, श्री दिनेश आर्य, श्री दीपक मेहरा सहित आईजी कुमाऊं श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

डोईवाला : 




डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हिमालयन अस्पताल के आसपास इन दिनों स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती नजर आ रही है। अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल स्टोरों के आसपास कूड़े के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित रूप से नहीं आ रही है। कई बार एक-दो दिन तक कूड़ा नहीं उठता, जिससे कचरा जमा होकर पहाड़ बन जाता है। वहीं जब सफाई कर्मी पहुंचते भी हैं, तो कूड़ा पूरी तरह नहीं उठाया जाता और सड़क किनारे व दुकानों के पास बिखरा रह जाता है।क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा आसपास के खाली प्लॉटों में खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है। इन स्थानों पर अब कूड़े के बड़े ढेर जमा हो चुके हैं, जो धीरे-धीरे पूरे इलाके को गंदगी में तब्दील कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नगरपालिका इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई करती नजर नहीं आ रही।यह स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि मामला एक बड़े अस्पताल क्षेत्र से जुड़ा है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और उनके परिजन आते-जाते हैं। गंदगी और कूड़े के बीच रहना उनके स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।

मेडिकल स्टोरों के बाहर पड़ा कूड़ा आवारा पशुओं द्वारा इधर-उधर फैलाया जा रहा है, जिससे समस्या और विकराल होती जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी तेज हो गई है।क्षेत्रवासियों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि

कूड़ा उठाने की व्यवस्था को नियमित किया जाये,

खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई हो,

तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाये,अस्पताल क्षेत्र में साफ-सफाई की निगरानी बढ़ाई जाये |

देहरादून ;

five cabinet ministers added to uttarakhand cabinet


   राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तराखण्ड सरकार के मंत्रिपरिषद के नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने विधायक श्री खजान दास, श्री मदन कौशिक, श्री भरत सिंह चौधरी, श्री प्रदीप बत्रा एवं श्री राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की शपथ दिलाई।


   शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्या, श्री गणेश जोशी एवं श्री सौरभ बहुगुणा, सांसद श्री महेन्द्र भट्ट और श्री नरेश बंसल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन द्वारा किया गया।

                                                           

     

 या देवी सर्वभू‍तेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।


ब्रह्मचारिणी माँ की नवरात्र पर्व के दूसरे दिन पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है। यह जानकारी भविष्य पुराण से ली गई हे।


दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलु |

 देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा  

SECOND Brahamcharini navratri,2024 march


इस दिन साधक कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने के लिए भी साधना करते हैं। जिससे उनका जीवन सफल हो सके और अपने सामने आने वाली किसी भी प्रकार की बाधा का सामना आसानी से कर सकें।


माँ दुर्गाजी का यह दूसरा स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनन्तफल देने वाला है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता।

माँ ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से उसे सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। दुर्गा पूजा के दूसरे दिन इन्हीं के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन ‘स्वाधिष्ठान ’चक्र में शिथिल होता है। इस चक्र में अवस्थित मनवाला योगी उनकी कृपा और भक्ति प्राप्त करता है।
 

इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन अभी शादी नहीं हुई है। इन्हें अपने घर बुलाकर पूजन के पश्चात भोजन कराकर वस्त्र, पात्र आदि भेंट किए जाते हैं।

प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य यह श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इसे कंठस्थ कर नवरात्रि में द्वितीय दिन इसका जाप करना चाहिए।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

कुबुद्धि हावी रहेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विवाद से दूर रहें। कुसंगति से बचें। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। निवेश शुभ रहेगा। भाग्य का साथ रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी।

Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

मान-सम्मान मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। किसी मांगलिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड में सोच-समझकर हाथ डालें। जल्दबाजी न करें। समय अनुकूल है।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। समय का अपव्यय होगा। दूर से दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। विवाद से क्लेश होगा। काम में मन नहीं लगेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति विशेष से अनबन हो सकती है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। धनार्जन होगा।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

शत्रु शांत रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। घर में प्रतिष्ठित अतिथियों का आगमन हो सकता है। व्यय होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आय बनी रहेगी। दुष्‍टजनों से दूर रहें। चिंता तथा तनाव रहेंगे।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। रोजगार प्राप्ति सहज ही होगी। व्यावसायिक यात्रा से लाभ होगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। निवेशादि शुभ रहेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। किसी बड़ी समस्या का हल प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। ऐश्वर्य पर खर्च होगा। मान-सम्मान मिलेगा। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति पर अंधविश्वास न करें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। शुभ समाचार मिल सकता है। शारीरिक कष्ट संभव है। अज्ञात भय रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। चिंता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। मित्रों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

आराम का समय मिलेगा। आशंका-कुशंका रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबारी नए अनुबंध हो सकते हैं, प्रयास करें। आय में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

यात्रा मनोनुकूल लाभ देगी। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। थकान महसूस होगी। किसी के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। कोर्ट व कचहरी के काम अनुकूल रहेंगे। धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। पूजा-पाठ में मन लगेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। प्रसन्नता रहेगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

आज मान-सम्मान के योग बनेंगे। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शारीरिक शिथिलता रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। किसी अपने का व्यवहार प्रतिकूल रहेगा। पार्टनरों से मतभेद हो सकते हैं। नौकरी में अपेक्षानुरूप कार्य न होने से अधिकारी की नाराजी झेलना पड़ेगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

कष्ट, भय व चिंता का वातावरण बन सकता है। विवेक से कार्य करें। समस्या दूर होगी। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति मनोनुकूल बनेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। कारोबारी लाभ में वृद्धि होगी। नौकरी में शांति रहेगी। सहकर्मियों का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।


www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.