Halloween party ideas 2015

 

पुलिस मुख्यालय, उत्तराखण्ड द्वारा पूर्व में *प्रदेश के समस्त जनपदों को माननीय न्यायाधीशों, माननीय न्यायालयों एवं न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराते हुए चिन्हित कमियों के त्वरित निराकरण हेतु निर्देश जारी किए गए थे।*

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इसी क्रम में *न्यायालय परिसरों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाने हेतु अतिरिक्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।* 


*जारी प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं—*

▪️ अपने-अपने जनपदों में स्थित समस्त न्यायालय परिसरों में पर्याप्त संख्या में पुलिस/पीएसी बल को मय आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ नियुक्त किया जाये।


▪️ मा० न्यायलयों के प्रवेश एवं निकासी द्वारों पर सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर पहचान पत्र के माध्यम से प्रवेश/निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये, ताकि कोई अनाधिकृत व्यक्ति मा० न्यायालय परिसरों में प्रवेश न कर सके।


▪️ मा० न्यायालय परिसरों में बैरियर लगाकर एक्सेस कन्ट्रोल की व्यवस्था तथा प्रवेश द्वारों पर मा० न्यायालयों में आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, जिस हेतु स्थानीय अभिसूचना इकाई व अन्य पुलिस बल को नियुक्त किया जाये।


▪️ मा० न्यायाधीशों एवं मा० न्यायालयों की सुरक्षा ड्यूटी में पूर्व से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को वर्तमान परिदृश्य में सुरक्षा संवेदनशीलता के प्रति सतर्क कर दिया जाये।


▪️ आतंकवादी घटनाओं, बम हमलों आदि के दृष्टिगत अपने-अपने जनपदों में Quick Response Team व यथासम्भव ATS की टीमों का भी न्यायालय परिसरों में नियुक्त किया जाये।


▪️ मा० न्यायालयों की कार्यवाही प्रारम्भ होने से पूर्व प्रातः काल में बम डिस्पोजल दस्ते एवं डॉग स्क्वाड से ए०एस० चैक की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।


▪️ मा० न्यायालय परिसर में लगे सी0सी0टी0वी0 कैमरों से मॉनिटरिंग की जाये।


▪️ मा० न्यायालय परिसरों में नियमित पैट्रोलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।


▪️ ड्यूटी में नियुक्त कार्मिकों की नियमित रुप से चैकिंग सुनिश्चित की जाये।


▪️ उपरोक्त धमकियों के दृष्टिगत समय-समय पर मा० न्यायालय परिसरों में मॉक ड्रील और आपातकालीन निकास योजना बनायी जाये।



लालतप्पड :


 लालतप्पड़ औद्योगिक क्षेत्र में स्थित यूरेका फोबर्स लिमिटेड एक बार फिर श्रमिक शोषण के आरोपों को लेकर विवादों में घिर गई है। कंपनी के खिलाफ श्रमिकों द्वारा शुरू किया गया धरना बृहस्पतिवार को नौवें दिन भी लगातार जारी रहा।

धरने पर बैठे श्रमिकों का कहना है कि नौ दिन बीत जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन और श्रम विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। प्रशासन की उदासीनता के चलते यह आंदोलन अब धीरे-धीरे जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।

इस दौरान कांग्रेस नेता मोहित उनियाल धरना स्थल पर पहुंचे और श्रमिकों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस श्रमिकों की इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ेगी। वहीं डोईवाला के सभासद संदीप नेगी ने प्रशासन और श्रम विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विभाग पूरी तरह मौन बैठा है और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

धरने को भाजपा युवा मोर्चा के भारत मनचन्दा ने भी समर्थन दिया। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने 16 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को हटाकर अपनी मानसिकता स्पष्ट कर दी है। कुशल श्रमिकों से काम तो लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें अकुशल श्रेणी का वेतन दिया जा रहा है।

श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि श्रम विभाग गूंगा-बहरा बना हुआ है, क्योंकि पांच महीने पहले की गई शिकायत पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इतना ही नहीं, जब मीडिया ने कंपनी प्रबंधन से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया तो प्रबंधन द्वारा पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगा है।

धरने में श्रमिक नेता पवन सिंह नेगी, ऋषि रावत, विमल सिंह, नरेश असवाल, सतीश, अमित, मोहित नेगी, पवन कुमार, मुकेश नौटियाल, निखिल लिंगवाल, संदीप सिंह, श्याम सिंह, अनिल, प्रकाश थापा सहित अनेक श्रमिक उपस्थित रहे।

अब सवाल यह है कि श्रमिकों की आवाज कब तक अनसुनी रहेगी और प्रशासन कब जागेगा।


उत्तराखंड ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य में स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता को 1 गीगावाट (1000 मेगावाट) से अधिक के स्तर पर पहुँचा दिया है। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार राज्य में कुल स्थापित सौर क्षमता लगभग 1027.87 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जो स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में सौर ऊर्जा क्षमता के 1 गीगावाट का आंकड़ा पार करने पर कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति उनकी स्पष्ट नीति का परिणाम है|मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने “आत्मनिर्भर भारत” और हरित ऊर्जा के जिस विजन को देश के सामने रखा, उसी से प्रेरित होकर उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य सरकार की सक्रिय पहल के समन्वय से आज हजारों युवाओं और स्थानीय उद्यमियों को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हुए हैं।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा|*


यह उपलब्धि विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से संभव हुई है, जिनमें ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर परियोजनाएं, ग्राउंड माउंटेड सोलर प्लांट, सरकारी भवनों पर सौर संयंत्र, कृषि क्षेत्र के लिए सोलर पंप, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर योजनाएं तथा कॉमर्शियल एवं औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।


राज्य की कुल स्थापित सौर क्षमता में प्रमुखतः ग्राउंड माउंटेड 397 मेगावाट, रूफटॉप सोलर पावर प्लांट (पीएम सूर्यघर) 241 मेगावाट, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना 137 मेगावाट, कॉमर्शियल नेट मीटरिंग 110 मेगावाट, कैप्टिव सोलर पावर प्लांट 51 मेगावाट, कनाल टॉप एवं कनाल बैंक पर 37 मेगावाट एवं सरकारी भवनों पर 26 मेगावाट सोलर पावर प्लांट शामिल हैं। वर्तमान में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 100 मेगावाट से अधिक क्षमता के संयंत्र, कैप्टिव सोलर पावर प्लांट के 30 मेगावाट तथा सरकारी भवनों पर 13.5 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ा है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।


इस ऐतिहासिक उपलब्धि में Uttarakhand Renewable Energy Development Agency (UREDA) का विशेष योगदान रहा है। UREDA ने राज्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन, जन-जागरूकता, तकनीकी मार्गदर्शन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन में अग्रणी भूमिका निभाई है। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों तक सौर ऊर्जा समाधान पहुँचाने के निरंतर प्रयासों ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।


राज्य में सौर ऊर्जा की बढ़ावा देने हेतु अनुकूल नीतिगत वातावरण, सब्सिडी प्रावधान, सरल अनुमोदन प्रक्रिया तथा निजी निवेश को प्रोत्साहन जैसी पहलों ने भी सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उत्तराखंड तेजी से देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।


सरकार ने भविष्य में भी सौर ऊर्जा क्षमता को और बढ़ाने, दूरस्थ क्षेत्रों में सौर समाधानों को प्रोत्साहित करने तथा आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह उपलब्धि सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है।

 मिल बन्दी की प्रथम सूचना

डोईवाला :








शुगर कम्पनी लिमिटेड, डोईवाला (देहरादून) को विभिन्न गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ना आपूर्ति करने वाले समस्त कृषकगणों एवं सर्व सम्बन्धित को सूचित किया जाता है कि आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तराखण्ड द्वारा वर्तमान पेराई सत्र 2025 - 26 हेतु इस चीनी मिल को मिल के अतिरिक्त 57 वाह्य गन्ना क्रय केन्द्र सुरक्षित / अभ्यर्पित किये गये थे। जिसके क्रम में जनपद - देहरादून की डोईवाला समिति के 05, देहरादून समिति के 21, जनपद - हरिद्वार की ज्वालापुर समिति के 06, इकबालपुर (रूड़की) समिति के 22, लक्सर समिति का 01 व हिमाचल प्रदेश की पांवटा समिति के 02 गन्ना क्रय केन्द्रों को संचालित किया गया था ।

मुख्य गन्ना प्रबन्धक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दिनांक 18.02.2026 में अवगत कराया गया है कि उपरोक्त क्रय केन्द्रों में से गन्ने की अत्यधिक कमी / सम्पूर्ण गन्ना क्रय करने के उपरान्त रूड़की समिति के 06 वाह्य गन्ना क्रय केन्द्रों, देहरादून समिति के 08 क्रय केन्द्रों को बन्द कर दिया गया है।

विगत कई दिनों से अन्य शेष संचालित वाह्य गन्ना क्रय केन्द्रों को फ्री करने के पश्चात् भी मिल को प्रतिदिन पेराई योग्य पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे स्पष्ट है कि अधिकांश कृषकों के पास गन्ना उपलब्ध नहीं है तथा क्षेत्र बहुत कम मात्रा में गन्ना अवशेष है जिसको मिल हित में अतिशीघ्र आपूर्ति करवाना आवश्यक है। अनुमान है कि संचालित गन्ना क्रय केन्द्रों तथा मिल गेट पर उपलब्ध अवशेष गन्ने की पेराई चीनी मिल दिनांक 23.02.2026 तक पूर्ण कर लेगी।

अतः इस चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करने वाले सभी कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि उनके पास चीनी मिल को आपूर्ति योग्य जो गन्ना उपलब्ध है, उसकी आपूर्ति चीनी मिल को दिनांक 23.02.2026 तक अनिवार्य रूप से करने का कष्ट करें।


 पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम ने इतिहास रच दिया है।

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यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि आम जनता तक सीधे शासन की पहुँच का सशक्त उदाहरण बन चुका है। रिकॉर्ड संख्या में लोग इससे लाभान्वित हुए हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकार की योजनाएं अब काग़ज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर हर नागरिक तक पहुँच रही हैं।*


यह कार्यक्रम सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा के संकल्प का जीवंत प्रतीक बन गया है।


जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’—

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन की सशक्त मिसाल के रूप में उभरकर सामने आया है। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक पहल भर नहीं, बल्कि शासन को सीधे आमजन तक पहुँचाने की प्रभावी कार्यशैली के रूप में स्थापित हुआ है।



‘ *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’—मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनसेवा का ऐतिहासिक अभियान* 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने की कार्यशैली का जीवंत उदाहरण है, जिसके माध्यम से प्रदेशभर में रिकॉर्ड स्तर पर नागरिकों को लाभान्वित किया गया है।

आज तक की प्रगति के अनुसार, प्रदेश में कुल 670 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों में अब तक 5,25,243 नागरिकों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं दर्ज कराई हैं तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया है। केवल आज ही प्रदेशभर में 9 कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,194 नागरिकों ने भाग लिया।


इस अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 50,506 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 33,461 शिकायतों का निस्तारण प्रभावी रूप से किया जा चुका है। यह आंकड़ा प्रशासन की त्वरित कार्यवाही और जवाबदेही को दर्शाता है।


इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए कुल 72,530 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अब तक 2,91,580 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा चुका है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। विशेष रूप से दूरस्थ, पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में लगाए गए कैंपों ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को समाप्त किया है।


‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम ने यह सिद्ध किया है कि सुशासन केवल एक विचार नहीं, बल्कि धरातल पर लागू की जाने वाली प्रतिबद्धता है। शिकायतों के त्वरित निस्तारण, प्रमाण पत्रों की उपलब्धता, योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और जनसंवाद की खुली व्यवस्था ने प्रदेशवासियों का विश्वास और अधिक मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और प्रत्येक नागरिक तक शासन की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और हर पात्र नागरिक को उसका अधिकार समयबद्ध रूप से प्राप्त हो।


उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की दिशा में यह अभियान एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में स्थापित हो चुका है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प को निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

 देहरादून:

मुख्यमंत्री ने दून हेलीड्रोम में एटीसी टावर के निर्माण हेतु प्रदान की ₹ 5.39 करोड की स्वीकृति*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद देहरादून के तरला नागल में दून हेलीड्रोम में एटीसी टावर के निर्माण हेतु ₹ 5.39 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*प्रदेश में संचालित जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के सफल आयोजन हेतु प्रदान की गई धनराशि ₹2.35 करोड की धनराशि*

मुख्यमंत्री ने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के सफल आयोजन हेतु जनपदों को विभिन्न प्रकार की व्यवस्थायें किये जाने हेतु कुल धनराशि ₹2.35 करोड राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*आपदा की दृष्टिगत् संचार उपकरणों के क्रय हेतु प्रदान की गई ₹ 10.66 करोड़ की धनराशि*

मुख्यमंत्री ने आपदा की दृष्टिगत् संचार व्यवस्था को उच्चीकृत किये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में आपदा प्रबन्धन विभाग को ₹ 10.66 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

*नगर निगम काशीपुर के तीन क्षेत्रों में 25 सीटर शौचालय के निर्माण हेतु प्रदान की गई ₹ 2.10 करोड की धनराशि*

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, काशीपुर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न 03 स्थानों-टांडा तिराहा पर 07 शीटर कुल धनराशि रू0 63.32 लाख, चैती तिराहे पर 09 शीटर कुल धनराशि 69.82 लाख तथा चैती मेला ग्राउण्ड पर 09 शीटर कुल धनराशि रू0 76.87 लाख के हाईटेक शौचालय निर्माण का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा तपोवन, टिहरी गढ़वाल में नगर पंचायत के कार्यालय भवन हेतु कुल ₹ 1.58 करोड के साथ ही विधानसभा क्षेत्र थराली के अन्तर्गत विकास खण्ड, देवाल के देवाल बाजार (टैक्सी) के समीप बहुमंजिला पार्किंग निर्माण किये जाने हेतु प्रथम चरण में ₹ 11.31 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

*मुख्यमंत्री ने किया मोटर मार्ग का नाम शहीद सूबेदार भवानीदत्त जोशी के नाम पर किये जाने का अनुमोदन*

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट के अन्तर्गत विकासखण्ड चौखुटिया में कुनीगाड-हिरूली बाजार से रामपुर-चौखुटिया मोटर मार्ग का नाम शहीद सूबेदार भवानीदत्त जोशी (सेना मेडल) मोटर मार्ग किये का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में आवास परिषद का बड़ा फैसला, *


*आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता - डॉ. आर. राजेश कुमार* 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशन में उत्तराखण्ड आवास एवं विकास परिषद ने शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परिषद की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आम जनता को सुनियोजित, सुविधायुक्त एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तय की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि परिषद की योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवनस्तर और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराएं।


*प्रमुख शहरों में बनेंगे आधुनिक सामुदायिक केंद्र*

बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद द्वारा देहरादून, ऋषिकेश, रूड़की, काशीपुर सहित अन्य नगरों में आधुनिक सामुदायिक केंद्र विकसित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इन केंद्रों को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि आम नागरिक विवाह समारोह, सामाजिक कार्यक्रम एवं अन्य आयोजनों के लिए कम दरों पर इनका उपयोग कर सकें। यह पहल मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए विशेष राहत लेकर आएगी। परिषद का मानना है कि इससे सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को निजी महंगे बैंक्वेट हॉल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।


*चौड़ी सड़क, पार्क और बेहतर सुविधाओं से युक्त आवासीय कॉलोनियां*

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि समीक्षा बैठक में देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, काशीपुर, जसपुर और अल्मोड़ा में भूखण्डों और भवनों के आवंटन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। इन योजनाओं में चौड़ी सड़कें, हरित पार्क, सामुदायिक केंद्र और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परिषद का उद्देश्य है कि नागरिकों को सुनियोजित वातावरण में सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिल सके। इससे न केवल जीवनस्तर सुधरेगा बल्कि राज्य की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।


*श्रीनगर और जसपुर योजना को प्राथमिकता*

बैठक में श्रीनगर आवास योजना और जसपुर आवास योजना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करने का निर्णय लिया गया। इन योजनाओं में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध हो सकें। परिषद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं की रूपरेखा समयबद्ध तरीके से तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।


*लैंड पूलिंग मॉडल से होगा सुनियोजित विकास*

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की तर्ज पर उत्तराखण्ड में भी लैंड पूलिंग मॉडल लागू करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मॉडल के माध्यम से भूमि स्वामियों की सहभागिता से बड़ी और सुव्यवस्थित आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। इस व्यवस्था से अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगेगी और पारदर्शी, योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम नागरिकों को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ आवास उपलब्ध कराना संभव होगा। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अपर आवास आयुक्त दिनेश प्रताप सिंह, सीनियर अस्टिेंट नवीन शाह समेत अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। 


*गुणवत्ता और पारदर्शिता से होगा उत्तराखण्ड का शहरी कायाकल्प*

आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि परिषद का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को सम्मानजनक और सुविधायुक्त जीवन देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण सामाजिक दृष्टि से एक बड़ी पहल होगी, जिससे आम जनता को कम लागत में बेहतर सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवासीय योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। श्रीनगर और जसपुर योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही लैंड पूलिंग मॉडल को अपनाकर सहभागितापूर्ण और संतुलित शहरी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कुसंगति व जल्दबाजी से बचें। विवेक से कार्य करें, लाभ होगा। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। खर्च की अधिकता से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

Rashifal today


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

कोर्ट व कचहरी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। आर्थिक साधनों में बढ़ोतरी होगी। सामाजिक कार्यों में सीमित रहना चाहिए। समय का सदुपयोग होगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। बेरोजगारी दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। प्रवास में सावधानी रखें। विरोधियों एवं शत्रुओं के कारण अशांति होगी। नवीन कार्ययोजना की बातचीत में सफलता मिलने के संयोग बनेंगे।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें। व्यापार में स्वयं के निर्णय से काम कर पाएँगे। स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दबाजी न करें। साहस, पराक्रम में वृद्धि होगी। अपनी वस्तुओं को संभालकर रखें।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

मेहनत अधिक होगी। बुरी खबर मिल सकती है। लेन-देन में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। व्यापार, नौकरी में स्थिति मध्यम रहेगी। बुद्धि, विवेक से कार्य करने पर विघ्न-बाधाएँ दूर हो सकेंगी। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय में गति आएगी। आर्थिक समस्याओं का निराकरण संभव है। व्यापार, कारोबार में नई जवाबदारी बढ़ेगी। धर्म में रुचि रहेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छे समाचार मिलेंगे। विवाद से बचें। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवार में शांति का अनुभव होगा। व्यापार-व्यवसाय में अनुकूल अवसर प्राप्त होंगे। कानूनी कार्रवाई, कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहना चाहिए।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। धनार्जन होगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। प्रसिद्ध व्यक्ति से मेलजोल बढ़ेगा। मकान, वाहन के क्रय-विक्रय की चर्चा संभव है। संतान की प्रगति से मन प्रसन्न रहेगा। रुका पैसा प्राप्त होगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

अप्रत्याशित खर्च होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। वस्तुएं संभालकर रखें। आर्थिक स्थिति से ऋण की समस्या उभरेगी। चापलूसों से सावधान रहें। लेन-देन में सावधानी रखें। अनिर्णय की परिस्थिति से दूर रहना चाहिए।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। बकाया वसूली होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। भौतिक सुख-साधनों की प्राप्ति होगी। व्यापार में नई योजनाओं का श्रीगणेश संभव है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

कार्यस्थल पर सुधार होगा। नए अनुबंध हो सकते हैं। योजना फलीभूत होगी। धनार्जन होगा। आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। समाज, परिवार में आपकी सलाह को महत्व मिलेगा। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। पारिवारिक जीवन में मतभेद खत्म होंगे।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। धनार्जन होगा। प्रमाद न करें। अपनी भावनाओं को संयमित रखकर कार्य करें। भागीदारी के कार्यों में आपके द्वारा लिए गए निर्णयों से लाभ होगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा।


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