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परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आम बजट पर अपना बयान जारी करते हुए कहा की आम बजट पूरी तरह से दिशाहीन और जनविरोधी है। वित्त मंत्री का भाषण केवल आंकड़ों की बाजीगरी बनकर रह गया है, जिसमें हमारे जिले के युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।

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शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन बजट में निजी क्षेत्र और सरकारी भर्तियों के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया। सरकार ने युवाओं को एक बार फिर 'पकौड़ा अर्थव्यवस्था' के भरोसे छोड़ दिया है । 

खेती की लागत दोगुनी हो गई है, खाद-बीज के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन इस बजट में न तो MSP की कानूनी गारंटी का जिक्र है और न ही किसानों की आय बढ़ाने का कोई प्रावधान। 

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों से त्रस्त जनता को उम्मीद थी कि टैक्स में बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को सरकार ने फिर से ठेंगा दिखा दिया है।

 यह बजट स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार केवल अपने चुनिंदा पूंजीपति मित्रों की तिजोरियां भरने में लगी है, जबकि गरीब और पिछड़ा वर्ग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरस रहा है।

 *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे को गुरु रविदास महाराज के नाम समर्पित करना सामाजिक समरसता की दिशा में ऐतिहासिक कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी* 



PM Modi gurur RaviVidas  airport



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर समर्पित किया जाना, उनके महान विचारों, सामाजिक चेतना और मानवता के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि है। संत रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय न केवल अत्यंत सराहनीय है, बल्कि सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, करुणा, सेवा और मानव मात्र के सम्मान का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने भेदभाव, ऊँच-नीच और असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाकर एक समतामूलक समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की, जो आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है।



श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महापुरुषों और संतों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा निरंतर सशक्त हो रही है। आदमपुर हवाई अड्डे को संत गुरु रविदास महाराज जी के नाम से जोड़ना, उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है।


मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संत रविदास जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज समरसता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।




 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज लोकभवन पहुँचकर राज्यपाल, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) को उनके जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएँ एवं बधाई दीं। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखद जीवन की कामना की।


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मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्वपूर्ण आधार है, जो मानव जीवन को सदाचार, सेवा और कर्तव्यबोध की प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत करते हैं।


मुख्यमंत्री ने आयोजन के सफल संचालन हेतु विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल एवं उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन जनमानस को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" अभियान की अवधि 20 फ़रवरी तक बढ़ाई गई* 

कोई क्षेत्र नहीं रहेगा वंचित: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर सभी जिलों में फिर लगेंगे जनसेवा कैंप* 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के  निर्देशों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा जनसेवा को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन को जन-जन के और अधिक निकट लाने के उद्देश्य से संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान की अवधि को आगे बढ़ा दिया गया है।



मुख्यमंत्री श्री धामी के मार्गदर्शन में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह अभियान अब 20 फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित किया जाएगा। इससे पूर्व यह अभियान 31 जनवरी 2026 तक निर्धारित था, जिसे जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया और कैंपों में बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही शिकायतों एवं सुझावों के प्रभावी निस्तारण को देखते हुए 20 दिनों के लिए विस्तारित किया गया है।


 *अब तक हजारों लोगों को मिला सीधा लाभ* 



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की जन-केन्द्रित सोच का परिणाम है कि 17 दिसंबर 2025 से प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे इन कैंपों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है। राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर जनता को राहत दी जा रही है।



 *छूटे हुए क्षेत्रों को भी किया जाएगा आच्छादित* 



मुख्यमंत्री श्री धामी ने निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में अब तक अभियान के अंतर्गत कैंप आयोजित नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी विस्तारित अवधि में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि प्रदेश का कोई भी नागरिक इस जनसेवा अभियान से वंचित न रहे।



 *मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश* 


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि शासन जनता के द्वार तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास का सेतु है। हर नागरिक की समस्या का समाधान सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हम पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।


 *जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश* 



मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी जिलाधिकारियों को अभियान की कार्यक्रम-रूपरेखा शीघ्र सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराने तथा नियमानुसार कैंपों के आयोजन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे अभियान को सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।


यह अभियान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार की संवेदनशील, जवाबदेह और जन-समर्पित शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।



 *जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान हमारी सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और हर नागरिक की समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश का कोई भी क्षेत्र और कोई भी नागरिक इस अभियान से वंचित न रहे।* 


— *पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*


देहरादून:




भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना प्रक्रिया के अग्रिम चरण में प्रवेश करने के दृष्टिगत जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा अपेक्षा की जा रही है कि जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, उनके साथ नियमित बैठकें आयोजित कर क्षेत्र निर्धारण, अन्तर्विभागीय समन्वय, कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना तथा अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति की कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कर त्वरित रूप से मंत्रालय को अवगत कराया जाए।

इसी क्रम में निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक  28 जनवरी 2026 को आहूत की गई। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कैन्ट बोर्ड गढ़ी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, छावनी परिषद क्लेमनटाउन को विधिवत लिखित सूचना एवं दूरभाष के माध्यम से अवगत कराए जाने के बावजूद उनके द्वारा बैठक में प्रतिभाग नहीं किया गया। इस पर निदेशक जनगणना द्वारा कड़ा रोष व्यक्त किया गया।


इसके पश्चात  31 जनवरी 2026 को पुनः बैठक आयोजित की गई, जिसकी सूचना  28 जनवरी 2026 को ही प्रेषित कर दी गई थी। साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा बैठक के महत्व को स्पष्ट करते हुए दोनों छावनी परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से दूरभाष पर संपर्क कर बैठक में प्रतिभाग करने का अनुरोध भी किया गया। इसके बावजूद दोनों अधिकारी पुनः बैठक में अनुपस्थित रहे।

अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण संबंधित छावनी क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण नहीं हो सका तथा जनगणना से संबंधित प्रारम्भिक कार्यवाही भी प्रारम्भ नहीं हो पाई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए निदेशक जनगणना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जिला प्रशासन देहरादून को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध Census Act, 1948 के अंतर्गत कार्यवाही की संस्तुति की गई है।

 जिला प्रशासन देहरादून एवं निदेशक जनगणना द्वारा संयुक्त रूप से Census Act, 1948 की धारा 6, 7 एवं 11 (जिसमें एक माह तक के कारावास का प्रावधान है) के अंतर्गत अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

जलवायु परिवर्तन के कारण समय से पहले  खिलने लगा है बुराशं।


buransh in dhanolri

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जहां एक समय  फरवरी के अंतिम में बुरांश का खिलना शुरू होता था वहीं इस बार‌ जनवरी में ही खिल गया है। पहाड़ों में बर्फ की सफेद चादर ओढ़ने के बाद जंगलों में बुरांश की लाली छा जाती है।‌ जो फरवरी मार्च और अप्रैल तक रहती है।।

 

मेष

अ, आ, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो

रोजगार में वृद्धि होगी। संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं। बड़ा लाभ होगा। जल्दबाजी न करें। प्रमाद से बचें। दूरदर्शिता एवं बुद्धिमानी से कई रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। खर्चों में कमी करना होगी। व्यापार में सही निर्णय नहीं लेने से हानि हो सकती है।

Rashifal today 01 february 2026


वृषभ

ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

राजकीय सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। थकान रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद से बचें। नए कार्यों में लाभ होने की संभावना है। परिवार की तरक्की होगी। आपको अपने कर्म पर विश्वास रखते हुए कार्य करना चाहिए।


मिथुन

का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। दिन प्रतिकूल रह सकता है। सामाजिक स्तर में परिवर्तन एवं प्रतिष्ठा को लेकर चिंतित रहेंगे। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा। अधिक लोभ-लालच न करें।


कर्क

ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो

शोक समाचार मिल सकता है। भागदौड़ अधिक होगी। थकान रहेगी। वाणी पर नियंत्रण आवश्यक है। माता-पिता का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। दिन प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी। रुका पैसा प्राप्त होने के योग हैं।


सिंह

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

रुके कार्य पूर्ण होंगे। मेहनत सफल रहेगी। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। नई योजनाओं का क्रियान्वयन होगा। बड़े लोगों से भेंट होगी, जिसका लाभ भविष्य में मिलेगा। शत्रु परास्त होंगे। आलस्य से बचकर रहें।


कन्या

ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो

बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर बढ़ेंगे। जोखिम न लें। आवास संबंधी समस्या रहेगी। रचनात्मक कामों का प्रतिफल मिलेगा। पूर्व में किए गए कार्यों का शुभ फल प्राप्त हो सकेगा। स्वाध्याय में रुचि बढ़ेगी।


तुला

रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। रोजगार में वृद्धि होगी। यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता बनी रहेगी। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखना चाहिए। श्रम अधिक करना होगा। आपके कार्यों की समाज एवं परिवार में आलोचना हो सकती है। व्यापार सामान्य चलेगा।


वृश्चिक

तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू

चोट व दुर्घटना से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। आर्थिक समस्या रह सकती है। नए कामों में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा। खर्च का बोझ बढ़ेगा।


धनु

ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे

पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। अच्‍छी खबरें मिलेंगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता रहेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। पारिवारिक वातावरण सहयोगात्मक रहेगा। आपकी बुद्धिमानी से समस्याओं का समाधान संभव है। सुख-समृद्धि बढ़ेगी।


मकर

भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी

योजना फलीभूत होगी। घर-बाहर पूछ-परख बढ़ेगी। कार्यसिद्धि होगी। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ने से व्यापारिक लाभ अधिक होने के योग हैं। यात्रा में सावधानी रखें। जल्दबाजी एवं लापरवाही से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ।


कुंभ

गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा

राजकीय सहयोग मिलेगा। रुके कार्य पूर्ण होंगे। अध्यात्म में रुचि रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। राज्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में उचित लाभ हो सकेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। जीवनसाथी की उन्नति सामाजिक सम्मान को बढ़ाएगी।


मीन

दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची

फालतू खर्च होगा। तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें, बाकी सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। मित्रों की मदद से महत्वपूर्ण कार्य पूरे होने के आसार हैं। साझेदारी में नए प्रस्ताव मिलेंगे।


 

पापा की लाडलियों के सर से उठा पिता का साया; शिक्षा पर आया संकट तो अभिभावक बन जिला प्रशासन ने संभाली कमान; शिक्षा पुनर्जीवित 


असहाय, जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा की उड़ान को पंख लगाता जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’;  अब तक 1 करोड़ से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित 


बिन पिता की बेटी जिया, अनुष्का; हिमिका, आदिका, कनक, वैश्नवी, फलक, प्रभुगन व किरत कौर, इशिका, मदिहा, दिया की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनन्दा पुनर्जीवित 

शिक्षा ही एक ऐसा टूल; हथियार जिससे  निकलते हैं सशक्तिकरण; सफलता के रास्तेः डीएम 


देहरादून, 



प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के 12 वें संस्करण में आज जिलाधिकारी सविन बसंल ने 26 बालिकाओं को स्कूल फीस राशि चैक वितरित किए। जिला प्रशासन ने 26 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई, जिनके स्कूल कालेज में बालिकाओं की फीस 6.93 लाख सीधे स्कूल खाते में हस्तांरित किये गए है। आज लाभान्वित हुई बालिकओं में 10 प्राईमरी स्तर, 8 माध्यमिक तथा 8 बालिकाओं की उच्च शिक्षा पुनर्जीवित की गई। जिला प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी एवं जनसंवेदी प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा योजना अंतर्गत अभी तक लगभग 1 करोड़ की धनराशि से 120 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। 

कु0 जिया जिनके पिता की मृत्यु उपरान्त उनकी बीफार्मा की शिक्षा बाधित हो गई थी की 39500 फीस, अनुष्का प्रजापति एमए प्रथम वर्ष पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी, जिला प्रशासन ने 871450 फीस स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा कराई। कु समीक्षा कक्षा 05 हिमिका त्यागी कक्षा 2, आदिका कक्षा4, कनक कक्षा9, वैश्नवी नौटियाल कक्षा 11ं, फलकअली कक्षा 12, प्रभुगन कौर कक्षा 7, किरत कौर कक्षा 8, शदप कक्षा 10 के पिता की मृत्यु उपरान्त पारिवारिक खराब आर्थिकी के चलते शिक्षा बाधित हो गई थी। जिला प्रशासन की नंदा-सुनंदा योजना से बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित हो गई। वैष्णवी कक्षा 12 पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित हो गई थी, इशिका सिंह बीकॉम, मदीहा बेग बीसीए प्रथम सेमेस्टर पिता की मृत्यु उपरान्त शिक्षा बाधित 67600 फीस जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबन्धन के खाते में हस्तातंरित कर शिक्षा पुनर्जीवित की। दिया बडोनी कक्षा 9 पिता की मृत्यु उपरान्त बाधित शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से पुनर्जीवित। 

कु0 सृष्टि के पिता लम्ब समय से कैंसर पीड़ित हैं जिनका उपचार चल रहा है खराब आर्थिक स्थिति के चलते उनकी बीसीए 5वें सेमस्टर की शिक्षा बाधित हो गई थी जिला प्रशासन ने 64043 फीस स्कूल में जमा कराते हुए शिक्षा पुनर्जीवित की। कु0 पलक घेयल जिनके पिता कैंसर पीड़ित है तथा माता नर्सिंग होम में काम कर परिवार चलाती है की एमएससी की शिक्षा पारिवारिक आर्थिक तंगी के कारण बाधित हो रही थी, जिला प्रशासन का सहारा मिलते ही शिक्षा पुनर्जीवित हुई। मानसी साहू जिनकी पारिवारिक स्थिति बहुत खराब है आर्थिक तंगी के कारण जियोलॉजी पीएचडी चतुर्थ सेमेस्टर की शिक्षा बाधित हो रही थी की 50 हजार फीस जिला प्रशासन द्वारा स्कूल प्रबन्धन के खाते में दी गई। 

कु0 अवनतिका राय, कक्षा 3, प्राची सिंह एसीए प्रथम सेमेस्टर,  मायरा कक्षा 7, खुशी कौर कक्षा 4, शायना सिंघानिया कक्षा 10  के पारिवार की खराब आर्थिकी की चलते शिक्षा बाधित हो गई थी जिला प्रशासन ने नंदा-सुनंदा से फीस स्कूल प्रबन्धन के खाते में जमा कराकर शिक्षा पुनर्जीवित कर दी है।

सभी बालिकाओं ने अपनी स्थिति जिलाधिकारी को बंया करते हुए मा0 मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया और अधिक मेहनत कर सफल होकर असहायों की सेवा का संकल्प लिया। 

जिलाधिकारी ने बालिकाओं का हौसला बढाते हुए कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है आप मेहनत का जज्बा कायम रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा टूल है जिससे सशक्तीकरण एंव सफलता के रास्ते निकलतें है। यदि आप मेहनत करते हैं तो आपसे छोटे भाई बहन आसपास के लोग आपसे प्रभावित होकर शिक्षा का रास्ता पकड़ते हैं। उन्होंने कहा सरकार से अनुरोध करेंगे कि इस प्रोजेक्ट को नीति में शामिल किया जाए ताकि प्रदेशभर नंदा-सुनंदा रूपी जरूरतमंद बालिकाएं जिनकी शिक्षा किसी न किसी कारण से छूट गई है को पुनर्जीवित किया जा सके। 

इस अवसर पर निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन देहरादून के ं कार्य वर्तमान में लिजेन्ड्री स्तर पर है। उन्होंने बालिकाओं का हौसला बढाते हुए कहा कि जिला प्रशासन देहरादून से जो सहायता मिल रही है उसका लाभ उठायें तथा सफल होने पर हेल्पिंग हेंड रखते हुए अन्य जरूरतमदों के जीवन के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लेते हुए मेहनत जारी रखें। 

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि जिला प्रशासन असहाय बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करने के लिए निंरतर प्रयासरत है, जिन बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई उनका फालोअप लिया जाता है।  उन्होंने बालिकाओं से शिक्षा पर फोकस रखने को कहा हौसला बढाया राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन सदैव आपके साथ है। 

इस अवसर पर निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार  सहित सीडीपीओ बाल विकास एवं बालिकाओं की माता एवं परिजन उपस्थित रहे। 


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