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 लोकभवन, देहरादून में नैनीताल उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश श्री मनोज कुमार गुप्ता  से भेंट कर सीएम ने दी शुभकउन्हें नवीन दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।




*जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार : उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनसेवा पहल*


उत्तराखण्ड सरकार ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के माध्यम से शासन को सीधे जनता के बीच ले जाने का एक विस्तृत और प्रभावी प्रयास शुरू किया है। 


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में 17 दिसंबर 2025 से यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके क्षेत्र में प्रदान करना और जनसमस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।  


यह अभियान 45 दिनों तक सभी 13 जनपदों में न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों के माध्यम से चलाया जा रहा है। इस दौरान सैंकड़ों शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याएँ प्रस्तुत की हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया और लंबित शिकायतों को संबंधित विभागों द्वारा शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए हैं।  


कार्यक्रम के तहत नागरिकों को सरकारी प्रमाण पत्रों के लिये आवेदन, सामाजिक सुरक्षा व आर्थिक सहायता योजनाओं का लाभ और रोजगार तथा आजीविका से जुड़ी सेवाएँ सीधे प्राप्त हो रही हैं। अभियान में अब तक लाखों नागरिकों ने भाग लिया है तथा सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ लिया है। 


सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं भी अनेक जगहों पर जाकर जनसेवा के इस अभियान का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। सीएम कार्यालय स्तर से पूरे अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

*राज्य सरकार की ये पहल सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जवाबदेही का मॉडल है। सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी को सरकारी सेवाओं के लिये कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े बल्कि प्रशासन स्वयं जनता के द्वार जाए एवं समस्याओं का समाधान करे। इस प्रक्रिया से शासन और जनता के बीच की दूरी कम हुई है तथा लोगों में सरकार के प्रति विश्वास और सकारात्मक भावना बढ़ी है। यह अभियान उत्तराखण्ड में पारदर्शी, जवाबदेह और जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।*

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*


 

CM   dhami honored by cabinet ministers and MLA


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, विधायक श्री खजान दास, श्री किशोर उपाध्याय, श्री सहदेव पुंडीर, श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती आशा नौटियाल, श्रीमती रेनू बिष्ट, श्री बृजभूषण गैरोला, श्री शक्तिलाल शाह ने मुलाकात कर अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।


"मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान के तहत परवादून जिला कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 





उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिससे गरीबों और मजदूरों क

केंद्र सरकार ने मनरेगा के नाम को बदलकर "विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन" (VB-G RAM G) कर दिया है। इस बदलाव के साथ ही मनरेगा के मूल स्वरूप में भी बदलाव किया गया है, जिसका विरोध हो रहा है ।


बदलाव के प्रमुख बिंदु जिससे इस योजना को कमजोर किया गया है।


मनरेगा के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए है मगर कानूनी गारंटी को खत्म कर दिया गया है। केंद्र और राज्यों के बीच निधि विभाजन का अनुपात 60:40 कर दिया गया है जो पहले 90:10 था। काम की अनुमति के लिए पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता होगी। बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर किया गया है। काम का दायरा सीमित कर दिया गया है, जिसमें जल संरक्षण, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से संबंधित परिसंपत्तियों और जलवायु लचीलेपन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा । कार्य केवल मोदी सरकार द्वारा चुने हुए गांव में ही किया जाएगा । अब कोई कानूनी गारंटी नहीं रहेगी।


डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी ने कहा की 

मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलने का विरोध हो रहा है, जिससे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों को खतरा है।

नए बदलावों से ग्रामीण रोजगार का स्वरूप बदल जाएगा और यह नौकरशाही नियोजन पर निर्भर हो जाएगा बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था को कमजोर करने से मजदूरों को नुकसान होगा ।


इसको लेकर कांग्रेस द्वारा विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है ।


10 जनवरी 2026 जिला स्तरीय प्रेस वार्ता

 11 जनवरी 2026 एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध

12-29 जनवरी 2026 ग्राम पंचायतों में चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम

30 जनवरी 2026 वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन

31 जनवरी - 6 फरवरी 2026 जिला स्तर पर धरना

7-15 फरवरी 2026 राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव 16-25 फरवरी 2026 एआईसीसी स्तर पर चार क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन

 


कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल व कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप को बरकरार रखा जाए और इसमें कोई बदलाव न किया जाए। मनरेगा गरीबों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।


डोईवाला कांग्रेस द्वारा दिनांक 11 जनवरी को धर्मुचक अंबेडकर पार्क में एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया जाएगा।


प्रेस वार्ता में परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल,

डोईवाला कांग्रेस नगर अध्यक्ष करतार नेगी,कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर मनवाल, कांग्रेस पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल व  नगरपालिका सभासद गौरव मल्होत्रा मौजूद रहे।


शिवपुरी :


इंडियन वेटरन्स ऑर्गनाइजेशन के जिला अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि सशस्त्र सेना बलों का वेटरन्स डे सेलिब्रेशन 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार सुबह 11:00 बजे शहीद तात्या टोपे ग्राउंड पर मनाया जाएगा । 

 ग्वालियर सेना अस्पताल से डॉक्टर साहब आकर के मेडिकल कैंप में मेडिकल चेकअप करेंगे एवं दवाइयां भी देंगे। सभी पूर्व सैनिकों, विधवाओं  एवं इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन के सभी  पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अनुरोध है कि समय पर पधार कर कार्यक्रम को सफल बनाएं। इस अवसर पर स्टेशन कमांडर की तरफ से ग्वालियर से फील्ड रेजीमेंट के अधिकारी एवं  जवान वरिष्ठ पूर्व सैनिकों, वीर नारी, वरिष्ठ विधवाओं का सम्मान करेंगे। सभी पूर्व सैनिकों , वीर नारियों, विधवाओ से अनुरोध है कि समय पर पधारकर हमें अनुग्रहित करें।

निवेदन कर्ता -

जिला अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश शर्मा, महिला अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शर्मा, महिला उपाध्यक्ष श्रीमती गीता पंवार, कैप्टन चन्द्र किशोर चतुर्वेदी, कैप्टन हिमायतुल्ला खान, उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, महासचिव प्रवीण गुप्ता, कोषाध्यक्ष विशाल जोशी, कोऑर्डिनेटर बृजेश कुमार राठौर, शहर उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राजावत, बदरवास तहसील अध्यक्ष महेश दास बैरागी, करैरा तहसील अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर, पिछोर तहसील अध्यक्ष राम प्रकाश केवट, करैरा तहसील उपाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा, वेटरन पुष्पेंद्र जोशी, वेटरन शिवकुमार  समाधिया, वेटरन कैलाश सिंह जादौन, वेटरन मनोज दीक्षित, वेटरन मनोज कुमार शर्मा, वेटरन जितेंद्र जाट, वेटरन ताज भान सिंह परमार, वेटरन सुनील सिंह परमार, सूबेदार हरकिशोर धाकड़, एवं समस्त इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन शिवपुरी मध्य प्रदेश।


प्री-बजट कंसलटेशन में उत्तराखण्ड द्वारा प्रस्तुत प्रमुख मांगें व सुझाव-

pre budget consultation uttarakhand



• “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” को निरंतर जारी रखने का अनुरोध।

• फ्लोटिंग पॉपुलेशन के दृष्टिगत सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) हेतु नई केंद्र पोषित योजना।

• भू-जल स्तर में गिरावट को रोकने हेतु राज्य के प्रयासों (SARRA आदि) को प्रोत्साहन देने के लिए नई केंद्र पोषित योजना अथवा विशेष अनुदान।

• नीलगाय, जंगली सुअर, भालू व बंदरों द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए कृषि सुरक्षा एवं मानव–वन्यजीव संघर्ष के तहत क्लस्टर आधारित तारबंदी हेतु नई योजना/अनुदान।

• डिजिटल संप्रभुता एवं आत्मनिर्भर भारत के विजन के तहत स्टेट डेटा सेंटर्स के सुदृढ़ीकरण हेतु केंद्र पोषित योजना।

• ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेलवे नेटवर्क की तार्किक पूर्णता हेतु बागेश्वर–कर्णप्रयाग एवं रामनगर–कर्णप्रयाग रेललाइन का सर्वेक्षण, जिससे टनकपुर–बागेश्वर–कर्णप्रयाग–रामनगर रेलवे सर्किट विकसित किया जा सके।

• प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर जल जीवन मिशन के अनुरक्षण को भी केंद्र पोषित योजना में शामिल करने एवं योजना अवधि बढ़ाने का अनुरोध।

• बढ़ते शहरीकरण के दृष्टिगत जल जीवन मिशन (शहरी) हेतु आगामी बजट में वित्तीय प्रावधान।

• दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ₹2 करोड़ प्रति मेगावाट की दर से कुल ₹8,000 करोड़ की Viability Gap Funding (VGF)।

• विशेष श्रेणी राज्यों में आपदा से हुई कुल क्षति के पुनर्निर्माण हेतु सम्पूर्ण राशि SDRF से वहन किए जाने का प्रावधान।

• 60 से 79 वर्ष आयु वर्ग की वृद्धावस्था पेंशन में केंद्रांश ₹200 से बढ़ाकर ₹500 करने पर विचार।

• आंगनवाड़ी कर्मियों के मासिक मानदेय में वृद्धि।

• आगामी कुंभ आयोजन के दृष्टिगत आवश्यक आधारभूत अवसंरचना एवं अनुरक्षण हेतु विशेष वित्तीय प्रावधान।


*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का “वॉटर टावर” है और राष्ट्र को महत्वपूर्ण इको-सिस्टम सेवाएं प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार से राज्य को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को और सशक्त बनाएगा, राज्य को क्लाइमेट रेजिलिएंट बनाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने तथा विकसित भारत @2047 के संकल्प में उत्तराखण्ड की भूमिका को और सुदृढ़ करेगा।



आगामी 11 जनवरी 2026 को विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित 'उत्तराखंड बंद' के दृष्टिगत उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेश भर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।


 आम जनमानस की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि आम जनता को असुविधा न हो।





लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसकी आड़ में किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कृपया शांतिपूर्ण तरीके से अपना पक्ष रखें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।


वाहन चालक व्यापारियों एवं आम नागरिकों जन सामान्य व्यक्तियों के हितों और सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार का ऐसा कृत ना करें जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन होता हो और जनता को असुविधा होती हो। कृपया शांति और सौहार्द बनाए रखें।


सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट से बचें।

हम सभी से अपील करते हैं कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में हमारा सहयोग करें।

                              राजीव स्वरूप 

                       पुलिस महानिरीक्षक 

                                 गढ़वाल



- संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-जर्मनी सहयोग को सुदृढ़ करेगा

- संयुक्त आशय घोषणा संरचित अंतर-सरकारी सहयोग के लिए रूपरेखा स्थापित करती है

- आईआईटी रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान सहभागिता और क्षमता निर्माण को समर्थन देंगे

- समझौता स्वच्छ ऊर्जा, आपदा लचीलापन और डिजिटल प्रौद्योगिकियों सहित प्राथमिक क्षेत्रों में सहयोग को रेखांकित करता है



भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य सरकार के बीच संयुक्त आशय घोषणा (Joint Declaration of Intent – JDI) पर हस्ताक्षर के अवसर पर एक प्रमुख पहलकर्ता, सुगमकर्ता तथा शैक्षणिक भूमिका निभाई। यह घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में संरचित राज्य-स्तरीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


यह संयुक्त आशय घोषणा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग, नवाचार और कौशल विकास को सुदृढ़ करने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है तथा उच्च शिक्षा और अनुसंधान में वैश्विक सहभागिता के प्रति उत्तराखंड सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है। यह IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम द्वारा समन्वित संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, नीति संवाद और शैक्षणिक सहभागिता के माध्यम से दीर्घकालिक क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करती है।


JDI के अंतर्गत बहुआयामी सहयोग की परिकल्पना की गई है, जिसमें एक संयुक्त सूचना एवं कौशल केंद्र की स्थापना, भारत-जर्मनी स्टार्ट-अप्स पर केंद्रित एक उद्योग संपर्क कार्यालय का सृजन, संयुक्त डिग्री पहलों सहित राज्य-स्तरीय संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रमों का विकास, चिन्हित प्राथमिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, तथा दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और पारंपरिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना शामिल है।


यह सहयोग आपसी महत्व के प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें आपदा लचीलापन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां; कृषि, जलवायु और पर्यावरण निगरानी के लिए ड्रोन एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियां; स्वच्छ ऊर्जा और हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था; नवीन सामग्री और उन्नत विनिर्माण; तथा ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य सेवा और साइबर सुरक्षा में डेटा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुप्रयोग शामिल हैं।


दोनों सरकारों, IIT रुड़की, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम और अन्य संबंधित हितधारकों के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्य बल (Joint Task Force) का गठन किया जाएगा, जो प्राथमिक पहलों की पहचान करेगा, सहयोग के लिए एक रोडमैप विकसित करेगा तथा व्यापक सहयोग हेतु एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) का प्रस्ताव करेगा।


प्रतिनिधिमंडलों में IIT रुड़की के प्रतिनिधि शामिल थे, जिनका नेतृत्व निदेशक प्रो. के. के. पंत ने किया, साथ ही प्रो. वी. सी. श्रीवास्तव, डीन (अंतरराष्ट्रीय संबंध), तथा एसोसिएट प्रोफेसर अंकित अग्रवाल भी उपस्थित थे; उत्तराखंड सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा और वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. त्रिप्ता ठाकुर शामिल थीं; जबकि जर्मन प्रतिनिधिमंडल में ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर, ब्रांडेनबुर्ग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी कॉटबस-सेनफ्टेनबर्ग (BTU) के अंतरराष्ट्रीयकरण के उपाध्यक्ष प्रो. वोल्फ्राम बर्गर, तथा ब्रांडेनबुर्ग राज्य के विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय से डॉ. वीरा ज़ीगेलडॉर्फ शामिल थीं। IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम की उपस्थिति में हस्ताक्षरित यह संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए एक मार्गदर्शक रूपरेखा के रूप में कार्य करेगी तथा भविष्य की संस्थागत एवं कार्यक्रम-आधारित सहभागिताओं की नींव रखेगी।


ब्रांडेनबुर्ग संघीय राज्य की विज्ञान, अनुसंधान एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री डॉ. मान्या शुले ने कहा,

“उत्तराखंड राज्य के साथ संयुक्त आशय घोषणा विज्ञान, अनुसंधान और उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम जैसे शैक्षणिक साझेदारों के साथ सहयोग के माध्यम से हम संयुक्त अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना चाहते हैं, साथ ही हमारे क्षेत्रों के बीच स्थायी और दीर्घकालिक साझेदारियां विकसित करना चाहते हैं।”


उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा,

“उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच संयुक्त आशय घोषणा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। IIT रुड़की और जर्मनी के साझेदार विश्वविद्यालयों जैसे संस्थानों के साथ निकटता से कार्य करते हुए, हम संयुक्त अनुसंधान, कौशल विकास, स्टार्ट-अप सहभागिता और शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए सार्थक अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखते हैं, जिससे भविष्य-तैयार मानव संसाधन और सतत क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।”


इस अवसर पर बोलते हुए, IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा,

“मैं भारत के उत्तराखंड राज्य और जर्मनी के ब्रांडेनबुर्ग राज्य के बीच इस महत्वपूर्ण साझेदारी समझौते—संयुक्त आशय घोषणा—पर हस्ताक्षर होते हुए देखकर अत्यंत प्रसन्न हूं। मैं दोनों राज्यों के अधिकारियों तथा IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के संकाय सहयोगियों के प्रति उनके निरंतर समर्थन और समर्पित प्रयासों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने हमारी दोनों सरकारों की साझा दृष्टि को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। मुझे विश्वास है कि यह संयुक्त आशय घोषणा उत्तराखंड और ब्रांडेनबुर्ग के बीच अनेक नई पहलों का मार्ग प्रशस्त करेगी, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के सहयोग से सशक्त होंगी, तथा सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण में नवाचार-आधारित, सतत विकास के माध्यम से योगदान देंगी।”


यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम के अध्यक्ष प्रो. ओलिवर ग्यूंथर ने कहा,

“संयुक्त आशय घोषणा ब्रांडेनबुर्ग और उत्तराखंड के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए एक मूल्यवान रूपरेखा स्थापित करती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम, IIT रुड़की के साथ मिलकर आपसी हित के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान-प्रदान और ज्ञान-साझाकरण को समर्थन देने के लिए तत्पर है।”


राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिष्ठा वाली संस्थाओं के रूप में, IIT रुड़की और यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम इस संयुक्त आशय घोषणा के कार्यान्वयन में शैक्षणिक और समन्वयक साझेदार के रूप में सहयोग प्रदान करेंगे तथा इस रूपरेखा के उद्देश्यों के अनुरूप अनुसंधान सहयोग, क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहभागिता में योगदान देंगे।

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