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भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में 156वें पासिंग आउट परेड की समीक्षा की


देहरादून:

Shri lamka ay chief in POP 156th KMA dehradun

भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में दिनांक 14 जून 2025 (शनिवार) को 156वें पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन हुआ। इस गरिमामयी परेड की समीक्षा श्रीलंका के सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल लासांथा रोड्रिगो, आरएसपी, सीटीएफ-एनडीयू, पीएससी, आईजी ने की। उन्होंने IMA से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर पास आउट हो रहे ऑफिसर कैडेट्स को बधाई दी एवं उत्कृष्ट परेड, अनुशासित परिधान और अद्वितीय समन्वय के लिए प्रशिक्षकों और कैडेट्स की सराहना की। यह दौरा भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच पारंपरिक, सुदृढ़ और ऐतिहासिक सैन्य संबंधों का परिचायक है तथा आपसी सहयोग को और सशक्त बनाएगा।

इस अवसर पर 156वें नियमित पाठ्यक्रम, 45वें तकनीकी प्रवेश योजना (TES) और 139वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम के कुल 451 ऑफिसर कैडेट्स, विशेष कमीशन अधिकारियों (SCO-54) सहित नौ मित्र राष्ट्रों के 32 विदेशी कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूर्ण कर अकादमी से गौरवपूर्वक विदाई ली। यह दिन IMA के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हुआ।

परेड के दौरान ऑफिसर कैडेट्स ने 'सारे जहाँ से अच्छा' और 'कदम-कदम बढ़ाए जा' जैसे प्रेरक सैन्य धुनों पर अनुशासित और जोशीले कदमों से मार्च करते हुए अपनी प्रतिबद्धता, गर्व और आत्मविश्वास का परिचय दिया। इस ऐतिहासिक क्षण को उनके परिजन, गणमान्य अतिथि और देश-विदेश के दर्शक मीडिया के माध्यम से साक्षी बने।

परेड को संबोधित करते हुए समीक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल लासांथा रोड्रिगो ने भावुक होते हुए कहा कि IMA के पूर्व छात्र होने के नाते इस ऐतिहासिक परेड की समीक्षा करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने याद किया कि किस प्रकार एक साधारण बाल कटवाने के साथ उनकी सैन्य यात्रा की शुरुआत इसी अकादमी से हुई थी।

उन्होंने कहा कि वर्दी केवल एक पद का प्रतीक नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। एक सच्चा अधिकारी अपने चरित्र, आचरण और निर्णयों से अपने अधीनस्थों का विश्वास अर्जित करता है – यह सम्मान केवल रैंक से नहीं मिलता, यह हर दिन के कर्म से कमाया जाता है।

जनरल रोड्रिगो ने IMA के आदर्श वाक्य का उल्लेख करते हुए तीन मूलभूत जिम्मेदारियों पर बल दिया – राष्ट्र के प्रति, अपने सैनिकों के प्रति और वीर जवानों के परिवारों के प्रति। उन्होंने सैनिक के चार आधारभूत मूल्यों – अनुशासन, ईमानदारी, निष्ठा और सम्मान – को सफलता की कुंजी बताया। उनके अनुसार, अनुशासन आत्म-संयम है, ईमानदारी वह है जो तब भी बनी रहती है जब कोई देख न रहा हो, निष्ठा पद की सीमा से परे होती है, और सम्मान वह पवित्र विश्वास है जो वर्दी के साथ जुड़ा होता है।

उन्होंने कैडेट्स को याद दिलाया कि वे अब देशभक्तों की एक गौरवशाली श्रृंखला का हिस्सा बन चुके हैं और उन्हें यह वर्दी गर्व के साथ, उद्देश्य की भावना से धारण करनी चाहिए। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं को विशेष रूप से बधाई दी और अन्य कैडेट्स को भी लगातार प्रयासरत रहने के लिए प्रोत्साहित किया। विदेशी कैडेट्स को उन्होंने IMA के मूल्यों का वैश्विक दूत बताया।

अपने संबोधन में श्रीलंका सेना प्रमुख ने कहा कि IMA न केवल सैनिकों को प्रशिक्षण देती है, बल्कि राष्ट्र के भावी रक्षकों का निर्माण करती है। उन्होंने कैडेट्स से विवेकपूर्ण नेतृत्व करने, सत्य और न्याय के लिए संघर्ष करने तथा राष्ट्र की आशाओं को गर्वपूर्वक आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

अपने समापन उद्बोधन में उन्होंने कैडेट्स को IMA की महान विरासत में अपना नया अध्याय जोड़ने की प्रेरणा दी और उत्कृष्ट परेड के लिए बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि कैडेट्स अब जीवनभर चलने वाले सैन्य बंधुत्व का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के प्रेरणास्पद शब्दों के साथ अपना संबोधन समाप्त किया – “सच्चे बनो, ईमानदार बनो, निर्भीक बनो।”


समीक्षा अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए प्रमुख पुरस्कार इस प्रकार हैं:-


स्वॉर्ड ऑफ ऑनर – एकेडमी कैडेट एडजुटेंट अन्नी नेहरा

गोल्ड मेडल (मेरिट सूची में प्रथम स्थान) – एकेडमी अंडर ऑफिसर रोनित रंजन नायक

सिल्वर मेडल (मेरिट सूची में द्वितीय स्थान) – एकेडमी कैडेट एडजुटेंट अन्नी नेहरा

ब्रॉन्ज मेडल (मेरिट सूची में तृतीय स्थान) – बटालियन अंडर ऑफिसर अनुराग वर्मा

तकनीकी स्नातक कोर्स में प्रथम स्थान – सार्जेंट आकाश भदौरिया (सिल्वर मेडल)

TES-45 में प्रथम स्थान – विंग कैडेट क्वार्टर मास्टर कपिल (सिल्वर मेडल)

विदेशी कैडेट में प्रथम स्थान – विदेशी ऑफिसर कैडेट निशान बलामी (नेपाल)

चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बैनर – केरन कंपनी (स्प्रिंग टर्म 2025 में 12 कंपनियों में सर्वोच्च प्रदर्शन के लिए)


परेड के समापन अवसर पर समीक्षा अधिकारी ने सभी कैडेट्स से राष्ट्र सेवा के लिए पूर्ण समर्पण का आह्वान किया और कहा, “आप अपने कमीशनिंग के उस ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण से केवल एक कदम दूर हैं।”

 देहरादून;




केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के देहरादून कार्यालय द्वारा आज हरिद्वार स्थित पतंजलि वेलनेस सेंटर में योग पर आधारित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम की शुरुआत योगगुरु स्वामी रामदेव जी महाराज के सान्निध्य में योग अभ्यास से हुई। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों और आगंतुकों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया तथा योग के वैज्ञानिक, मानसिक, और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।


इस अवसर पर स्वामी रामदेव जी का स्वागत केंद्रीय संचार ब्यूरो के अधिकारियों द्वारा पौधा भेंट कर किया गया। स्वामी रामदेव    ने   योग को भारत की ऋषि परंपरा की अनुपम देन बताते हुए कहा कि यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का साधन है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।


उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि आगामी 21 जून, जो कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है, को पूरे उत्साह के साथ मनाएं और बड़ी संख्या में योगाभ्यास में भाग लें। उन्होंने योग जागरूकता को बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।


उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व देशभर में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा जन-जागरूकता के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य आम नागरिकों को योग के प्रति प्रेरित करना है ताकि वे अपने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बना सकें तथा एक स्वस्थ और समर्थ भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।


कार्यक्रम के अंतर्गत हरिद्वार की पंजीकृत सांस्कृतिक संस्था 'श्रीमान्त शांति खिलेराम सांस्कृतिक कला विकास समिति' द्वारा योग पर आधारित रागिनी की प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।


सीएम धामी ने मानसून के दौरान किसी भी भूस्खलन की आपात स्थिति के दौरान घटना स्थल पर 15 मिनट के भीतर अनिवार्यतः 



जेसीबी पहुंचाने के सख्त निर्देश लोक निर्माण विभाग सहित सम्बन्धित अधिकारियों को दिए हैं। 


उन्होंने तत्परता से राज्य का लैण्डस्लाइड मैप तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। 

 इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बरसात से पहले राज्य के सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट करते हुए सम्बन्धित सचिव को विशेषरूप से हल्द्वानी से कैंचीधाम, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़  रुट के पैच वर्क एवं राज्य के सभी पुलों की समीक्षा हेतु तत्काल  निरीक्षण दौरा करने के निर्देश दिए हैं। 

मानसून सीजन एवं मेडिकल आपातकाल के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुरानी एम्बुलेंस वाहनों को तत्परता से बदलने के निर्देश दिए हैं । मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मेडिकल इमजेंसी जैसी स्थिति की दृष्टि से पिथौरागढ़ एक अतिरिक्त हैलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ में हैलीपेड एवं एयपोर्ट निर्माण सम्बन्धित कार्यवाही को तीव्र करने के निर्देश  जिलाधिकारी को दिए हैं। सीएम ने मानसून के दौरान जीर्ण शीर्ण विद्यालयों का चिन्हीकरण करते हुए इनमें विद्यार्थियों का पठन-पाठन बन्द करवाते हुए तत्काल प्रभाव से शेल्टर की व्यवस्था करने के निर्देश शिक्षा विभाग एवं जिलाधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अगले तीन दिनों में स्कूल, अस्पतालों, आश्रमों जैसे स्थलों संवेदनशील  स्थलों का सुरक्षा की दृष्टि से वेरिफिकेशन  करने के निर्देश दिए हैं।  इसके साथ ही उन्होंने जलाश्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए नियमित रूप से सिल्ट हटाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं उधमसिंह नगर जेैसे  मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति के स्थायी समाधान एवं जल निकासी  को लेकर विशेषज्ञ एंजेसी की सहायता से सर्वे करते हुए प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को बन्द सड़को की रियल टाइम जानकारी की नियमित रूप से एप एवं वेबसाइट पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। 




मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को उत्तराखण्ड राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र में सभी जिलाधिकारियों के साथ मानसून सीजन एवं आपदा प्रबन्धन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। 


राज्य में आपदा के रिस्पॉन्स एवं पूर्व तैयारियों के मामलों में अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि जनजागरूकता हेतु आपदा से सम्बन्धित टॉल फ्री नम्बर, सचेत एप आदि का समुचित प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपदा के मामलों को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए टीम भावना एवं प्रभावी समन्वय से कार्य करने की नसीहत दी। इसके साथ ही उन्होंने एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के जवानों की मदद हेतु स्थानीय लोगों को भी आपदा राहत एवं बचाव कार्यों में शामिल करने एवं प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी अस्पताल, स्कलों, आश्रम सहित सभी सवेदनशील जगहों पर बिजली के खुले तारों को सुरक्षित कवर करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने  जिलाधिकारियों को तत्परता से मलबा हटवाने की कार्यवाही भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।    


  मुख्यमंत्री ने आपदा के लिहाज से संवेदनशील सभी स्थानों में पर्याप्त मात्रा में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टुकड़ियों तैनात करने के निर्देश दिए।  हेलीकॉप्टर सुरक्षा को लेकर  मुख्यमंत्री ने सभी हेलीपेडों में सुरक्षा के समुचित प्रबंध करने तथा हेलीपैडो का सेफ्टी ऑडिट करने को कहा। उन्होंने आपदाओं के दृष्टिगत पिथौरागढ़ जनपद में भी एक हेलीकॉप्टर तैनात रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पिथौरागढ़ जनपद में एयरपोर्ट के विस्तार के कार्यों तथा प्रक्रिया को तेज करने तथा मेडिकल कॉलेज के कार्य को भी शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि आपदा के समय पिथौरागढ़ जनपद के दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को समुचित उपचार मिल सके। उन्होंने मानसून के दृष्टिगत गर्भवती महिलाओं का डेटाबेस बनाने और ऐसी महिलाएं जिनकी डिलीवरी अगले चार माह में होनी है उसके लिए अभी से प्रबंध करने के निर्देश दिए। 

माननीय मुख्यमंत्री ने नैनीताल जनपद में गोला एप्रोच रोड के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने तथा यदि इस काम के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है तो शासन से उसकी मांग करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ चौकिया की पर्याप्त मात्रा में स्थापित करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने जीर्ण शीर्ण स्कूल के भवनों की मरम्मत करने तथा 15 दिन के भीतर जिला शिक्षा अधिकारी से ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा के लिहाज से संवेदनशील ऐसे स्कूल भवन जो खतरे की जद में हैं, उनकी मरम्मत जल्द से जल्द की जाए। 

चार धाम यात्रा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान विभाग द्वारा इस वर्ष अधिक बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अत्यधिक बारिश या भूस्खलन के चलते यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए और स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे रवाना किया जाए।


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न बांधो तथा जलाशय का भी निरीक्षण करने तथा इनमें जमा सिल्ट को निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है कि जलाशयों की भंडारण क्षमता कम ना हो। जलाशयों की भंडारण क्षमता कम होगी तो जिस उद्देश्य से जलाशय बनाए गए हैं उसकी पूर्ति नहीं हो पाएगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को तो रोक नहीं जा सकता लेकिन अच्छी तैयारी और उचित प्रबंधन से उनके जोखिम को काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आपदाओं का बेहतर तरीके से सामना करने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपने अनुभवों से सीखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए समुदायों की भागीदारी तथा स्वयंसेवकों की एक संगठित तीन तैयार किया जाना नितांत आवश्यक है और सभी जनपद इस दिशा में जल्द से जल्द कार्य करते हुए कार्य योजना बनाएं।  मुख्यमंत्री ने सभी रेखीय विभागों से आगामी मानसून के दौरान आपसी समन्वयी और सामंजस स्थापित करते हुए कार्य करने को कहा। साथी उन्होंने भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग करने तथा उनका डेटाबेस बनाने के निर्देश दिए ताकि प्रभावी तरीके से उनका ट्रीटमेंट किया जा सके।  मुख्यमंत्री ने कैंची बाईपास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द सभी जगह से अनापत्ति लेने संबंधी सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए सड़क निर्माण किया जाए। साथी उन्होंने क्वारब में भूस्खलन का जल्द से जल्द ट्रीटमेंट करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने सभी हेल्पलाइन तथा टोल फ्री नंबरों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए ताकि आकस्मिकता तथा आपदा की स्थिति में लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

बैठक में  उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन श्री विनय कुमार रुहेला, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, सचिव  श्री शैलेश बगौली एवं अन्य अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

 श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना के दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।


•  बीकेटीसी तथा ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित समिति ने शोक सभा आयोजित की।


श्री बदरीनाथ धाम: 

worshipped  by BKTC at Badrinath dhaam for people died in plane  crash


 अहमदाबाद में 12 जून को हुए  विमान हादसे में  दिवंगतजनों की आत्म शांति हेतु  श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा  बदरीनाथ मंदिर में सामूहिक प्रार्थना की गयी तथा शोक सभा आयोजित हुई।


श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में अहमदाबाद  में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे में दिवंगत हुए गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित सभी दिवंगतों के प्रति शोक संवेदना जताई तथा श्रद्धांजलि व्यक्त की है।


 आज श्री बदरीनाथ मंदिर में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती तथा बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, बदरीनाथ मंदिर प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी सहित सभी अधिकारियों कर्मचारियों ने   अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत हुए गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित सभी की आत्मशांति की प्रार्थना की। वहीं बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल एवं केदारनाथ धाम मुख्य प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी ने विमान दुर्घटना के दिवंगतों के प्रति संवेदना जताई है।


बदरीनाथ स्थित बीकेटीसी कार्यालय सभागार में शोक सभा में संवेदना जताई गयी।

शोक सभा में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, बीकेटीसी प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़, योगंबर नेगी, अजीत भंडारी, अमित पंवार हरीश जोशी, राहुल मैखुरी आदि मौजूद रहे।


ब्रह्मकपाल से जुड़े तीर्थ पुरोहित एवं वरिष्ठ पत्रकार डा. ब्रिजेश सती ने विमान हादसे में दिवंगतों के प्रति शोक  व्यक्त किया।ब्रह्मकपाल तीर्थ पुरोहित समिति अध्यक्ष उमेश सती ने बताया कि सुधीर हटवाल, महावीर हटवाल,मदन कोठियाल, सुरेश हटवाल, दीनदयाल कोठियाल,संजय हटवाल, प्रमोद हटवाल, सुबोध हटवाल,सुभाष   नौटियाल, हरीश सती, शक्ति हटवाल ने ब्रह्मकपाल के निकट आयोजित शोक सभा में विमान हादसे में जानगंवाने वाले लोगों प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की।

 डीएम  देहरादून ने सीएम के दिशा निर्देशों पर 

आपदा, आपातकाल जैसे हालातों में नागरिकों को अलर्ट व सुरक्षित करने हेतु; आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन देहरादून जिले में ले आये है।


शुरूआती चरण में घनी आबादी वाले 15 स्थानों यथा थानों पुलिस चौकी में स्थापित होंगे ये सायरन।


द्वितीय चरण में जिले के ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता में भी लगेंगे आधुनिक लांग रेंज सायरन 


डीएम की तैयारी एडवांस स्टेज परः सायरन के पश्चात अब आधुनिक रेपिड कम्यूनिकेशन सिस्टम जल्द


जिले में प्रथमबार डीएम बहुत जल्द मिलिट्री, पैरा मिलिट्री, एयरपोर्ट, बड़े अस्पताल, आईएसबीटी वाईटल इन्सटॉलेशन यूनिट पर लगवाने जा रहे रैपिड कम्प्यूनिकेशन सिस्टम 


तत्समय युद्व जैसी परिस्थितियों के मद्देनजर डीएम ने सिविल और मिलिट्री के आला अधिकारियों संग की थी अहम बैठक।


डीएम के आह्वान पर कई वर्षों बाद जिलें मेें इमरजेंसी कम्यूनिकेशनस; पब्लिक वार्निंग अलर्ट सिस्टम उच्चीकृत 


देहरादून :

long range sieren in Dehradun District


 जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा आपदा एवं आपातकाल स्थिति से जनमानस की सुरक्षा एवं अलर्ट करने के लिए तैयारी एडवांस स्टेज पर हैं अब देहरादून जिला आधुनिक लांग रेंज इमरजेंसी सायरन से  लेस हो रहा है। शुरूआती चरण में जिले में 16 किमी एवं 08 किमी रेंज तक सुनवाई देने वाले एडवांस टैक्नॉलाजी वाले 15 सायरन सभी प्रमुख स्थानों पर लगाए जा रहे हैं जिनका आज आपदा कन्ट्रोेलरूम में परीक्षण किया गया है। जिलें में पहली बार आर्मी, पैरामिलट्री, एयरपोर्ट, बड़े अस्पताल आदि वायटल इन्सटॉलेशन यूनिट पर जिलाधिकारी की पहल पर रेपिड कम्यूनिकेशन सिस्टम भी लगाये जा रहे हैं, इससे बाहरी आक्रमण एवं अन्य अपातकालीन स्थिति में एक ही समय पर सभी संस्थानों से एक साथ कम्प्यूनिकेशन हो सकेगा।  

युद्व एवं हवाई हमले जैसी हालात में आम नागरिकों को खतरे की चेतावनी देने और सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए राजधानी देहरादून के सभी प्रमुख स्थानों पर सायरन लगाने का काम शुरू हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल की मौजूदगी में शनिवार को जिला आपतकालीन परिचालन केंद्र में नए खरीदे गए आधुनिक सायरन का परीक्षण किया गया है। आधुनिक लांग रेज सायरन शुरूआती चरण में घनी आबादी वाले 15 स्थानों यथा थानों पुलिस चौकी में स्थापित किये जा रहे हैं। कई वर्षों बाद डीएम के आह्वान पर जिले मेें इमरजेंसी कम्यूनिकेशनस; पब्लिक वार्निंग अलर्ट सिस्टम उच्चीकृत किये जा रहे हैं। 

जिलाधिकारी के निर्देशों पर पहले चरण में देहरादून सिटी के घनी आबादी वाले पुलिस थाना-चौकियों में 08 किलोमीटर और 16 किलोमीटर रेंज के 15 सायरन लगाए जा रहे है। इनका ट्रिगर संबंधित थाना-चौकियों सहित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में भी रहेगा। शुरूआती चरण में 16 किमी रेंज के 06 तथा 08 किमी रेंज के 09 आधुनिक सायरन स्थापित किये जा रहे हैं, जिससे पूरी देहरादून सिटी में एक साथ सायरन की आवाज सुनाई दे सकेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सायरन लगाने का मकसद आपात स्थिति में आम नागरिकों से तुंरत जुडकर उनको खतरे का चेतावनी संदेश पहुंचाना है। ताकि सायरन की आवाज सुनते ही लोग खुले स्थानों से हटकर सुरक्षित स्थानों पर जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि दूसरे चरण में जनपद के ऋषिकेश, विकासनगर, चकराता एवं अन्य प्रमुख शहरों में भी चेतावनी सायरन स्थापित किए जाएंगे। 

जिलाधिकारी ने कहा कि सिटी में 1970 दशक के पुराने सायरन लगे थे। देहरादून में उस समय की आबादी के हिसाब से सायरन लगाए गए थे। वर्तमान में देहरादून की घनी आबादी में सभी स्थानों तक सायरन की आवाज पहुंचाने के लिए नए आधुनिक सायरनों की खरीद कर इनका परीक्षण कर लिया गया है। जल्द ही चिन्हित पुलिस थाना-चौकियों में इनकों स्थापित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सायरनों को उचित स्थानों पर स्थापित किया जाए। सायरन लगे स्थानों पर अवरोधक न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ताकि सायरन की आवाज आम नागरिकों तक आसानी से पहुंच सके। जिलाधिकारी ने कहा कि नए आधुनिक सायरन से सिविल डिफेंस सिस्टम को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने में मदद मिलेगी और आपात स्थिति में सिविल डिफेंस सिस्टम एक मजबूत स्तंभ की तरह नागरिक सुरक्षा मुहैया करने में कामयाब होगी। 

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएम सदर हरिगिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल जोशी, आपदा प्रबन्धन अधिकारी रिषभ सहित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे। 



देहरादून:

himadri trekking campaigain  by CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान-2025 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद विमान दुर्घटना में दिवंगत हुए सभी यात्रियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। विमान दुर्घटना में दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।


मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आईटीबीपी के वीर जवानों, अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभियान न केवल साहस और संकल्प का प्रतीक है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सामरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी का 45 सदस्यीय दल इस अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड से हिमाचल प्रदेश होते हुए लद्दाख तक लगभग 1032 किलोमीटर की कठिन यात्रा करेगा। यह अभियान न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों की निगरानी सुनिश्चित करेगा, बल्कि धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की पहचान तथा स्थानीय परंपराओं को प्रोत्साहित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि वीरभूमि उत्तराखंड से बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा करने वाले वीर जवान देश की रक्षा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, वर्ष 1962 से लगातार देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ आपदाओं के समय भी राहत व बचाव कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र बलों के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने एक बार फिर साबित किया कि देश की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख किया गया है, वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली धनराशि में वृद्धि की गई है, और बलिदानियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी में समायोजन की अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पाँच वर्ष कर दिया गया है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा, संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट, और बेटियों के विवाह हेतु विशेष अनुदान जैसी योजनाएँ भी चलाई जा रही हैं।


आईजी आईडीबीपी श्री संजय गुंज्याल ने कहा कि हिमाद्री ट्रैकिंग अभियान के तहत आईटीबीपी का दल कुल 1032 किमी की दूरी तय करेगी। इसमें दल 27 घाटियों और 27 दर्रों को पार करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ ही वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेकिंग रूट में कुल 84 वाइब्रेंट विलेज आयेंगे। इस दौरान अभियान दल द्वारा स्थानीय लोगों को 3.5 लाख फलदार पौधे भी वितरित किए जाएंगे।


इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, डीजीपी श्री दीपम सेठ, आईजी आईटीबीपी श्री गिरीश चन्द्र उपाध्याय एवं आईटीबीपी के जवान मौजूद थे।

 एसएपीटी इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० अनिरुद्ध उनियाल ने कैबिनेट से NCAHP पारित होने पर मुख्यमंत्री जी का जताया आभार, कहा स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति लाने वाला निर्णय



उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट द्वारा राष्ट्रीय सहबद्ध ( एलाएड) और स्वास्थ्य रेखदेख वृत्ति  आयोग ( NCAHP) पारित  होने के बाद स्टूडेंट असोसिएशन आफ़ फिजिकल थेरेपी (एसएपीटी इंडिया) व एनबीएफ भारत के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष  एवं पीजीआई चंडीगढ़ के फिजीयोथेर्पीसट डा० अनिरुद्ध उनियाल जी ने कैबिनेट के इस ऐतिहासिक निर्णय पर उत्तराखंड के यशस्वी मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी व पूरी कैबिनेट का ह्रदय  की गहराई से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांति साबित होगा। डा० उनियाल ने  कहा कि यह फैसला पूरे प्रदेश के फिजीयोथेरेपी डाक्टर व समस्त एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर है, उन्होंने बताया कि 24 मार्च  2021 को लोकसभा से  NCAHP विधेयक पास हुआ था, यह विधेयक मा० प्रधानमंत्री जी की नेतृत्व वाली सरकार का एक ऐतिहासिक कदम था लेकिन उसके बाद एसएपीटी इंडिया इसके राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन के लिए  निरंतर संकल्पित रही,काउंसिल के गठन में फिजीयोथेरेपी का इतिहास संघर्षपूर्ण है ,इसी कमीशन के लागू करने के लिए टीम एसएपीटी ने मा० प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री, व अन्य कई प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था,जिसके अंतर्गत डा० उनियाल ने अक्टूबर 2023 मे मा० मुख्यमंत्री उत्तराखंड जी के सामने राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए 3 मूलभूत  सूझाव का ज्ञापन सौंपा  था , जिनमे से 2 सूझाव ( सोटो उत्तराखंड, एनसीएएचपी पारित )पास हो चुके है और एक ( प्रदेश का पहला सरकारी फिजीयोथेरेपी कॉलेज) जल्दी क्रियान्वयन होने की अपेक्षा है। डा० उनियाल ने कहा कि यह कमीशन स्वास्थ्य के क्षेत्र को अब केवल डाक्टर केंद्रित न रखकर मरीज केंद्रित करेगा , कमीशन में फिजियोथेरेपी की परिभाषा डब्ल्यूएचओ, आईएलओ एवं आईएससीएफडब्ल्यू  के आधार पर है जिसमें साफ साफ  शब्दो  में "फिजीयोथेरेपी  को एक स्वायत्त  प्रोफेशनल” कहा गया है,साथ ही राज्य स्तर  पर कमीशन, रजिस्ट्रेशन एवं पेनल्टी  का भी प्रावधान  है जो कि अवैध  प्रेक्टिस पर रोक लगाएगा, इस कमीशन के माध्यम से स्वास्थ्य  सेवाए गांव एवं देहात में सुगम रुप से पहुंच पाऐंगी,यह कमीशन  फिजियोथेरेपी  एवं अन्य  एलाएड हेल्थ केयर प्रोफेशनल  के आत्मसम्मान व गौरव  को प्रदान  कर स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत एवं स्वावलम्बी उत्तराखंड की ओर एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा और यह मा० प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ सबका विकास’ के मंत्र का सबसे उचित उदाहरण है ।

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