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 *सीएम हेल्पलाइन - मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से पूछा आपका काम हुआ कि नहीं?*

CM Uttarakhand checked action of CM helpline


*सीएम हेल्पलाइन की सक्रियता जांचने के क्रम में सीएम ने शिकायतकर्ताओं से की बातचीत*


*सीएम ने पिछली बैठक में विभागों के लिए तय की थी डेडलाइन, अब सभी शिकायतों का समाधान हुआ*


सीएम हेल्पलाइन 1905 पर दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए दिए जाने वाले निर्देशों पर विभाग कितनी तत्परता से काम कर रहे हैं, यह जांचने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कई आवेदकों से बातचीत कर फीडबैक लिया। इस दौरान सभी शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री के पिछले दिशा-निर्देश के बाद अब उनकी शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गत दिनों सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की थी। इसमें कुछ प्रकरण ऐसे थे, जिनमें मुख्यमंत्री ने विभागों को तय समय सीमा के भीतर निस्तारण के निर्देश दिए थे। इन्हीं प्रकरणों में विभागों के स्तर से क्या कार्रवाई की गई, यह जानने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कई शिकायतकर्ताओं से बातचीत की। पहले मामले में उत्तरकाशी निवासी लक्ष्मी देवी ने शिक्षा विभाग से पारिवारिक पेंशन नहीं लग पाने की शिकायत की थी। सीएम से बातचीत में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के पिछले दिशा-निर्देश के बाद विभाग ने उनकी पारिवारिक पेंशन स्वीकृत कर दी है। इसी तरह रुद्रप्रयाग निवासी

जगदम्बा प्रसाद नौटियाल ने शिक्षा विभाग से मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो पाने की शिकायत की थी। बुधवार को उन्होंने भी सीएम पुष्कर सिंह धामी को बताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद लंबित बिलों का भुगतान हो गया है। इसी तरह उद्यान विभाग से रिटायर्ड नैनीताल निवासी बहादुर सिंह बिष्ट ने भी सीएम पुष्कर सिंह धामी को बताया कि सीएम के गत दिशा-निर्देशों के क्रम में विभाग ने उनका जीपीएफ का भुगतान कर लिया है। सभी शिकायतकर्ताओं ने इसके लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।


*सीएम ने दिखाई संवेदनशीलता*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न सिर्फ सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज होने वाली शिकायतों की समीक्षा कर रहे हैं, बल्कि वह बैठकों के बाद होने वाली कार्रवाई पर भी संवेदनशीलता के साथ नजर बनाए हुए हैं। इसी क्रम में सीएम अब पुनः शिकायतकर्ताओं से वास्तविक फीडबैक ले रहे हैं। इससे विभागों पर भी शिकायतों के निस्तारण में तत्परता दिखाने का दबाव बन रहा है।


इस अवसर प्रमुख सचिव श्री आर. के सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी.अंशुमन, गढ़वाल कमिश्नर श्री विनय शंकर पांडेय, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

 उत्तराखंड चार धाम यात्रा वर्ष 2025


• *श्री मद्महेश्वर मंदिर को भब्य रूप से फूलों से सजाया गया।* 

• *बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी।* 

•  श्री मद्महेश्वर/उखीमठ/ रूद्रप्रयाग:  21 मई।  




पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट  इस यात्रा वर्ष  आज बुधवार 21 मई  कर्क लग्न पूर्वाह्न 11. 30 बजे शुभ मुहूर्त पर विधि- विधान से ऊं नम् शिवाय के उदघोष के साथ खुल गये है। इस अवसर पर तीन सौ से अधिक तीर्थयात्री तथा स्थानीय श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था।

कपाट खुलने की प्रक्रिया के अंतर्गत साढे दस बजे से द्वार पूजा शुरू हो गयी थी इस दौरान भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली मंदिर प्रांगण में पहुंच गयी थी।



पूजा-अर्चना तथा विधि विधान पूर्वक साढे ग्यारह बजे पूर्वाह्न को श्री मद्महेश्वर जी के कपाट तीर्थयात्रियों हेतु दर्शनार्थ खोले गये कपाट खोलने  के बाद पुजारी शिवलिंग स्वामी ने भगवान मद्महेश्वर जी के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से श्रृंगार रूप दिया इसके साथ पहले  श्रद्धालुओं ने निर्वाण दर्शन तथा तत्पश्चात श्रृंगार दर्शन किये।  इससे पहले भगवान मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली ने भंडार एवं बर्तनों का निरीक्षण किया।कपाट खुलने के अवसर पर श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा तैयारियां की है।



श्री बदरीनाथ - केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने   द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर जी के कपाट खुलने पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है  आशा जताई कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान मद्महेश्वर जी के दर्शन को पहुंचेंगे।


बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं विजय कपरवाण सहित बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने श्री मद्महेश्वर मंदिर  के कपाट खुलने पर प्रसन्नता जताई है।



बीकेटीसी मीडिया प्रभारी  डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से श्री मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली बीते  रविवार 18 मई को श्री ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में विराजमान हो गयी थी

सोमवार 19 मई को   चल विग्रह डोली प्रथम पड़ाव राकेश्वरी मंदिर रांसी प्रवास को पहुंची।  मंगलवार 20 मई द्वितीय पड़ाव गौंडार प्रवास किया तथा आज   बुद्धवार 21  मई सुबह  को श्री मद्महेश्वर मंदिर पहुंची।

 आज बुधवार 21 मई को कर्क लग्न में पूर्वाह्न 11.30 बजे  द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट खुल गये है।


द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट खुलने  के अवसर पर पंच गोंडारी हक हककहूकधारी सहित बीकेटीसी पूर्व सदस्य शिवसिंह रावत,वेदपाठी अरूण नौटियाल, प्रबंधक प्रकाश पुरोहित देवरा प्रभारी देवेंद्र पटवाल, डोली यात्रा प्रभारी दीपक पंवार सहित गौंडार गांव के हक हककहूकधारी एवं तीर्थयात्री मौजूद रहे।

देहरादून:

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन देहरादून में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) द्वारा आयोजित तृतीय पर्वतारोहण अभियान ‘शौर्य’ के फ्लैग ऑफ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। 

NDRF third mountaineering  campaign flagged off by CM Dhami


*साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए सरकार संकल्पित*


मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए एनडीआरएफ के जवानों को तृतीय पर्वतारोहण अभियान जाने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा निश्चित ही हमारे जवान इस अभियान में सफल होंगे एवं इस ट्रैक पर आने वाले अन्य पर्वतारोहियों को भी मार्गदर्शन देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा विभिन्न क्षेत्रों में साहसिक गतिविधियों और खेलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। 


*युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं एनडीआरएफ के जवान*


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार, राज्य में ऐंगलिंग, साइक्लिंग, राफ्टिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग जैसी अनेक साहसिक गतिविधियों को प्रोत्साहित दे रही है। राज्य में प्रतिवर्ष टिहरी वाटर स्पोर्ट्स , नयार महोत्सव जैसी अनेकों प्रतियोगिताएं आयोजित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा एनडीआरएफ के जवान आपदा प्रबंधन में अपनी सेवाएँ देने के साथ साहसिक गतिविधियों में भाग लेकर अपने कौशल का विस्तार और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य में आने वाली हर आपदा में एन.डी.आर.एफ के जवान ग्राउंड जीरो पर रहते हैं। 


*राज्य में आपदा प्रबंधन की मजबूती की दिशा में हो रहे हैं अनेक काम*


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन की मजबूती के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आपदा प्रबंधन को आवश्यक संसाधनों, अत्याधुनिक उपकरणों और नवीनतम तकनीक से जोड़ा जा रहा है। जवानों को आधुनिक एवं तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की भी स्थापना की जा रही है। एसडीआरएफ और पुणे की इंडियन रेस्क्यू एकेडमी के बीच समझौता किया गया है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार ने उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेसीलियेंट प्रोजेक्ट योजना को मंजूरी दी है। जिसके अंतर्गत लगभग 1480 करोड़ रुपए की राशि आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने के लिए स्वीकृत की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुखवा भ्रमण के दौरान कई साहसिक खेलों के प्रतिभागियों को स्वयं फ्लैग ऑफ कर रवाना किया था। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य सरकार राज्य को साहसिक खेलों और ईको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा अक्टूबर 2022 में प्रधानमंत्री ने माणा गांव से देश के सभी सीमांत के गांवों को देश के पहले गांव की संज्ञा दी थी।


डी.जी एनडीआरएफ श्री पीयूष आनंद ने बताया कि ट्रैकिंग का यह अभियान उच्च हिमालय क्षेत्रों में रेस्क्यू करने के लिए भी सहायक सिद्ध होगा। इससे हमारे जवान उच्च हिमालय क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान करने के लिए सक्षम बनेंगे। उन्होंने कहा जब भी राज्य को एनडीआरएफ की आवश्कता पड़ती है, हम हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा टाइम ऑफ रेस्पॉन्ड को भी कम किया जा रहा है। इस अभियान में 44 सदस्यों का दल देहरादून, उत्तरकाशी, गंगोत्री, चिरबासा, भोजवासा, तपोवन तथा कीर्ति ग्लेशियर होते हुए लगभग 6,832 मीटर ऊँची 'केदार डोमश' चोटी को फतह करने के लिए जा रहे हैं। इस चुनौतीपूर्ण ट्रैक में दुर्गम पर्वतीय रास्ते और हिमनद हैं। 


इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्री विनय रोहेला, सचिव श्री विनोद सुमन मौजूद रहे।

 *एक देश एक चुनाव से और अधिक सशक्त होगा लोकतंत्र – मुख्यमंत्री



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मसूरी रोड स्थित एक होटल में “एक देश, एक चुनाव” विषय पर संयुक्त संसदीय समिति के साथ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष श्री पी. पी. चौधरी एवं समिति के सभी सदस्यगणों का स्वागत और अभिनंदन किया। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक देश एक चुनाव’ हमारे लोकतंत्र को और अधिक सशक्त, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हमारी चुनाव प्रणाली विविधताओं के बावजूद प्रभावी और मजबूत रही है, लेकिन अलग-अलग समय में चुनाव होने से बार-बार आचार संहिता लगती है, इसके चलते राज्यो के सारे काम ठप पड़ जाते हैं। जब भी चुनाव आता है, तो बड़ी संख्या में कार्मिकों को मूल कार्य से हटाकर चुनाव ड्यूटी में लगाना पड़ता है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन सालों में राज्य में विधानसभा, लोकसभा और निकाय चुनावों की आचार संहिता के कारण 175 दिन तक राज्य की प्रशासनिक मशीनरी नीतिगत निर्णय लेने की प्रक्रिया से वंचित रही। छोटे और सीमित संसाधनों वाले राज्य के लिए ये 175 दिन शासन व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन का पूर्ण व्यय भार राज्य सरकार वहन करती है और लोकसभा निर्वाचन का व्यय भार केंद्र सरकार द्वारा उठाया जाता है। दोनों चुनाव एक साथ कराए जाएं तो राज्य और केंद्र सरकार पर व्यय भार समान रूप से आधा-आधा हो जाएगा। दोनों चुनाव एक साथ कराने से कुल व्यय में लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक की बचत होगी। इसका उपयोग राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, जल, कृषि एवं महिला सशक्तिकरण जैसे अनेक क्षेत्रों में किया जा सकता है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जून से सितंबर का समय चारधाम यात्रा के साथ- साथ, बारिश का भी होता है, ऐसे में चुनावी कार्यक्रम होने से बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा जनवरी से मार्च तक वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही के समय भी चुनावी प्रक्रिया निर्धारित नहीं की जानी चाहिए। फरवरी-मार्च के माह में हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं होने से प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्यों में “एक देश एक चुनाव” महत्वपूर्ण है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि  उत्तराखण्ड के दुर्गम क्षेत्रों में मतदान केंद्रों तक पहुंचना कठिन होता है, जिसके कारण चुनाव की प्रक्रिया में अधिक समय और संसाधन लगते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में मतदाताओं के लिए चुनाव में भाग लेना भी चुनौतीपूर्ण होता है, बार -बार चुनाव होने से लोगों में मतदान के प्रति रुझान कम होता है और मतदान प्रतिशत भी घटता है।

 *चकराता में 21 मई को लगाया गया विशाल योग एवं चिकित्सा शिविर।*


*डॉ० डी० सी० पसबोला  नोडल अधिकारी के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ शिविर ।*

देहरादून: 



 चकराता ब्लाक में 21  मई 2025 को विशाल योग एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। जिसके लिए डॉ० डी० सी० पसबोला को नोडल अधिकारी बनाया गया था। 


इस सम्बन्ध में जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, देहरादून, उत्तराखंड डॉ० जी० सी० एस० जंगपांगी द्वारा आदेश जारी कर दिए गए थे। इस वर्ष का कार्य क्रम एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य थीम पर आधारित रहा।

मीडिया प्रभारी डॉ० डी० सी० पसबोला द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि योग एवं चिकित्सा शिविर कैन्ट इण्टर कालेज, चकराता ब्लाक, देहरादून में आयोजित किया गया। 

जिसके लिए अधिशासी अधिकारी आर एन मण्डल, कैन्ट छावनी परिषद, चकराता, देहरादून द्वारा पत्र जारी कर दिया गया था। 

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में अधिशासी अधिकारी आर एन मण्डल, कैन्ट छावनी परिषद, चकराता, देहरादून शामिल हुए। प्रधानाचार्य वेदप्रकाश एवं उप प्रधानाचार्य पूर्णिमा राणा सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। 

योग एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाने में कैन्ट इण्टर कॉलेज, चकराता के कार्यालय अधीक्षक संदीप जोशी का भी अमूल्य योगदान रहा है।


योग एवं चिकित्सा शिविर हेतु डॉ० पसबोला की टीम में डॉ० मन्नत कुमार, डॉ० पूनम हारीत, डॉ० राजेन्द्र तोमर जैसे अनुभवी चिकित्सा अधिकारी, विनोद मंगवाल (फार्मेसी अधिकारी), निहाल सिंह चौहान, अनुभवी योग अनुदेशक मनोज जोशी एवं रेखा को शामिल रहे। जिससे की योग एवं चिकित्सा शिविर सुचारू रूप से आयोजित किया जा सका और विद्यालय के शिक्षकों, छात्र-छात्राओं सहित चकराता क्षेत्र की जनता को योग एवं चिकित्सा शिविर का समुचित लाभ प्राप्त हुआ। शिविर में 300 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। 


 देहरादूनः


congress  rally for jawan of India  during operation sindoor

अखिल भारतीय कंाग्रेस कमेटी के निर्देश पर आपरेशन सिंदूर के माध्यम से दुश्मन देश पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ देश के सैन्य बलों के अदम्य साहस के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए उत्तराखंड प्रदेश कंाग्रेस कमेटी द्वारा दिनांक 31 मई, 2025 को हल्द्वानी में आयोजित की जाने वाली विशाल रैली की सफलता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत प्रदेश महामंत्री, संगठन श्री विजय सारस्वत को सभी कांग्रेसजनों से समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री करन माहरा द्वारा प्रदेश महामंत्री संगठन श्री विजय सारस्वत से अपेक्षा है कि वे सभी वरिष्ठ नेतागणों, विधायक, पूर्व विधायक, विधानसभा प्रत्याशी, एआईसीसी, पीसीसी सदस्य,प्रदेश पदाधिकारी, सभी अनुषांगिक संगठन, विभाग व प्रकोष्ठ के अध्यक्षगणों तथा सभी कांग्रेसजनों से समन्वय स्थापित करते हुए विशाल रैली की सफलता सुनिश्चित करने में सहयोग करेंगे।  


▪️  मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन पर राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष मे

▪️ *पेशवर दक्षता बढ़ाने के साथ ही दी जाए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी*


▪️ *महिला कार्मिकों की कार्य क्षमता को पहचानते हुए किया जाए प्रोत्साहित


 दिनांक

open talk with women police  with DGP uttarakhand

20 मई, 2025 को श्री दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड महोदय की अध्यक्षता में महिला उप निरीक्षक से लेकर पुलिस महानिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारियों से उनके अनुभव, समस्याओं और सुझावों पर सरदार पटेल भवन, देहरादून स्थित सभागार में एक ओपन डायलॉग सेशन आयोजित किया गया। विगत 25 वर्षों में पहली बार महिला कार्मिकों के साथ ऐसी खुली परिचर्चा आयोजित की गयी।*


* पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा उपस्थित महिला अधिकारियों एवं कार्मिकों के साथ विभिन्न विषयों पर संवाद एवं गहन परिचर्चा की गई, जिसमें उनके द्वारा उत्साह के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए ड्यूटी के दौरान आने वाली चुनौतियों, व्यवहारिक कठिनाइयों तथा प्रमुख मुद्दों से अवगत कराया गया एवं अपने सुझाव प्रस्तुत किए गए।


यह सेशन पुलिस मुख्यालय सहित जनपद देहरादून के समस्त *महिला उप निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर पुलिस महानिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारियों के लिए एक खुला संवाद मंच प्रदान करने पर केन्द्रित रहा।*


* इस अवसर पर हाल ही में तमिलनाडु पुलिस अकादमी, चेन्नई में आयोजित हुए 11वें राष्ट्रीय महिला पुलिस सम्मेलन (NCWP) में प्रतिभाग करके लौटी उत्तराखंड पुलिस की 06 सदस्यीय महिला टीम द्वारा भी कार्य और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन, मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन, कार्यस्थल की कार्यसंस्कृति  तथा करियर विकास एवं अवसर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किये गये।


*सेशन के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर परिचर्चा करते हुए निर्देश निर्गत किये गये-*


▪️ महिला अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करते हुए योग्यतानुसार उत्तरदायित्वपूर्ण पदों पर अवसर दिया जाये, जिससे उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल सके।


▪️ महिला कार्मिकों का साइबर सेल, एसटीएफ, एसओजी, नारकोटिक्स सेल एवं अन्य महत्वपूर्ण इकाईयों में भी रोल बढ़ाया जाए।


▪️ महिला अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा कार्यस्थल की व्यस्तता, पारिवारिक जिम्मेदारियों और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु लचीली कार्य-नीति, सहयोगी माहौल और समर्थनात्मक तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया गया।


▪️ शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहने हेतु निरंतर हेल्थ चेकअप, फिटनेस, शारीरिक प्रशिक्षण, योगाभ्यास, मेडिटेशन, खेल-कूद को बढ़ावा दिया जाये। 


▪️ प्रशिक्षण में नवीन तकनीकों की जानकारी प्रदान करने के साथ ही चुनौतीपूर्ण टास्क में महिला कार्मिकों की सहभागिता तय की जाए।


▪️ परिचर्चा के दौरान लैंगिक संवेदनशीलता, सम्मानजनक संवाद और महिला अनुकूल कार्य-नीति जैसे पहलुओं पर विशेष बल दिया गया, जिससे एक सकारात्मक और समावेशी वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।


▪️ आंतरिक शिकायत एवं सुझाव समिति का पुनर्गठन करते हुए उसे पुनः सक्रिय किया जाए, जिससे महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।


▪️ कार्यस्थलों पर छोटे बच्चों हेतु CRECHE सेन्टरों की संख्या बढ़ायी जाए, जिससे महिलाएं कार्य स्थलों पर भी परिवारिक जिम्मेदारों का निर्वहन कर सकें।


* सम्मेलन में उपस्थित महिला कर्मियों द्वारा उत्साह के साथ प्रतिभाग करते हुए अपने विचारों को खुले मंच पर साझा किया गया। *पुलिस महानिदेशक महोदय ने कहा कि, आपका कार्य और आचरण इस तरह से हो, जिस पर आपका परिवार और पूरा समाज गर्व करे तथा आप समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण बनें। साथ ही उन्होंने आज की परिचर्चा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा महिला कार्मिकों को प्रोत्साहित करते हुए प्रस्तुत समस्याओं के समाधान हेतु आश्वस्त किया।*


*उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में प्राप्त अनुभवों, विचारों तथा अनुशंसाओं को राज्य की पुलिस प्रणाली में समुचित रूप से एकीकृत किया जाएगा, जिससे महिला अधिकारियों की भूमिका और अधिक प्रभावशाली, सशक्त एवं नेतृत्वप्रधान बन सके।*


इस अवसर पर *श्री वी. मुरुगेशन, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था उत्तराखंड, श्री ए. पी. अंशुमान,  अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना एवं सुरक्षा, श्रीमती विम्मी सचदेवा रमन, पुलिस महानिरीक्षक, मुख्यालय/पी.एम., श्रीमती विमला गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, सतर्कता मुख्यालय, श्रीमती नीरू गर्ग, पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी/एटीसी, श्रीमती निवेदिता कुकरेती कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक, फायर सर्विस, श्रीमती तृप्ति भट्ट, सेनानायक, 40 पीएसी, हरिद्वार, श्रीमती रचिता जुयाल, पुलिस अधीक्षक, सतर्कता मुख्यालय, श्रीमती कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक, कानून व्यवस्था, श्रीमती ममता बोहरा, पुलिस अधीक्षक, शिकायत/एससीआरबी/पी.एम., श्रीमती शाहजहां जावेद खान, पुलिस अधीक्षक, कार्मिक, राज्य प्रान्तीय पुलिस सेवा की महिला पुलिस अधिकारियों सहित पुलिस मुख्यालय एवं देहरादून की महिला कार्मिक* उपस्थित रहीं।


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