Halloween party ideas 2015

आज, हर आतंकवादी हमारी बहनों और बेटियों के माथे से सिंदूर पोंछने के परिणामों को जानता है: पीएम


 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश को  आतंकवाद के विरुद्ध देश के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आज का राष्ट्र के नाम संबोधन प्रत्येक भारतीय के मन में गर्व और आत्मविश्वास का संचार करता है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

PM modi messge to nation

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन


ऑपरेशन सिंदूर न्याय के लिए एक अटूट प्रतिज्ञा है: पीएम


आतंकवादियों ने हमारी बहनों के माथे से सिंदूर पोंछने का साहस किया; इसीलिए भारत ने आतंक के मुख्यालय को ही नष्ट कर दिया: पीएम


पाकिस्तान ने हमारी सीमाओं पर हमला करने की तैयारी की थी, लेकिन भारत ने उन्हें उनके मूल में मारा: पीएम



आतंक और बातचीत एक साथ नहीं रह सकते, आतंक और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते और पानी और खून कभी साथ-साथ नहीं बह सकते: पीएम


पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत आतंकवाद और पीओके पर केंद्रित होगी: पीएम

पोस्ट किया गया: 12 मई 2025 8:36PM पीआईबी दिल्ली द्वारा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने हाल के दिनों में भारत की शक्ति और संयम दोनों को देखा है। उन्होंने प्रत्येक भारतीय नागरिक की ओर से देश की अजेय सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को सलाम किया। प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के उद्देश्यों को प्राप्त करने में भारत के बहादुर सैनिकों द्वारा दिखाए गए अटूट साहस पर प्रकाश डाला, उनकी वीरता, लचीलापन और अदम्य भावना को स्वीकार किया। उन्होंने इस अद्वितीय वीरता को राष्ट्र की प्रत्येक माँ, बहन और बेटी को समर्पित किया।


22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए, उन्होंने कहा कि इसने देश और दुनिया को झकझोर दिया है। श्री मोदी ने इस कृत्य को आतंक का एक वीभत्स प्रदर्शन बताया, जिसमें छुट्टियों का आनंद ले रहे निर्दोष नागरिकों को उनके परिवारों और बच्चों के सामने उनकी आस्था के बारे में पूछे जाने पर बेरहमी से मार दिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह न केवल क्रूरता का कार्य था, बल्कि राष्ट्र के सौहार्द को तोड़ने का एक घिनौना प्रयास भी था। हमले पर अपनी गहरी व्यक्तिगत पीड़ा व्यक्त करते हुए, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे पूरा देश - हर नागरिक, हर समुदाय, समाज का हर वर्ग और हर राजनीतिक दल - आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग में एकजुट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने सशस्त्र बलों को आतंकवादियों को खत्म करने की पूरी आजादी दी है। उन्होंने सभी आतंकवादी संगठनों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अब देश की महिलाओं की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के प्रयासों के परिणामों को पूरी तरह से समझ गए हैं।


प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "ऑपरेशन सिंदूर केवल एक नाम नहीं है, बल्कि यह लाखों भारतीयों की भावनाओं का प्रतिबिंब है।" उन्होंने इसे न्याय के प्रति एक अटूट प्रतिज्ञा बताया, जिसे दुनिया ने 6-7 मई को पूरा होते देखा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों और प्रशिक्षण केंद्रों पर सटीक हमले किए, जिससे एक निर्णायक झटका लगा। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने कभी नहीं सोचा था कि भारत इतना साहसिक कदम उठाएगा, लेकिन जब राष्ट्र राष्ट्र प्रथम के अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के साथ एकजुट होता है, तो दृढ़ निर्णय लिए जाते हैं और प्रभावशाली परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर भारत के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने न केवल उनके बुनियादी ढांचे को बल्कि उनके मनोबल को भी चकनाचूर कर दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि बहावलपुर और मुरीदके जैसे स्थान लंबे समय से वैश्विक आतंकवाद के केंद्र के रूप में काम कर रहे थे, जो उन्हें दुनिया भर में बड़े हमलों से जोड़ते हैं, जिसमें अमेरिका के 9/11 हमले, लंदन ट्यूब बम विस्फोट और भारत में दशकों से चली आ रही आतंकवादी घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने घोषणा की कि चूंकि आतंकवादियों ने भारतीय महिलाओं की गरिमा को नष्ट करने का साहस किया था, इसलिए भारत ने आतंक के मुख्यालय को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के परिणामस्वरूप 100 से अधिक खतरनाक आतंकवादियों का सफाया हो गया, जिनमें वे प्रमुख व्यक्ति भी शामिल थे, जिन्होंने दशकों से भारत के खिलाफ खुलेआम साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ धमकियां देने वालों को शीघ्र ही निष्प्रभावी कर दिया गया है।


श्री मोदी ने कहा कि भारत के सटीक और जोरदार हमलों ने पाकिस्तान को गहरी हताशा में डाल दिया है, जिससे वह हताश हो गया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में शामिल होने के बजाय एक लापरवाह कार्रवाई की है - उसने भारतीय स्कूलों, कॉलेजों, गुरुद्वारों, मंदिरों और नागरिक घरों पर हमले किए, साथ ही सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे इस आक्रमण ने पाकिस्तान की कमजोरियों को उजागर किया, क्योंकि उसके ड्रोन और मिसाइल भारत की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों के सामने तिनके की तरह ढह गए, जिसने उन्हें आसमान में ही बेअसर कर दिया। उन्होंने टिप्पणी की कि जब पाकिस्तान ने भारत की सीमाओं पर हमला करने की तैयारी की थी, तब भारत ने पाकिस्तान के भीतर एक निर्णायक झटका दिया। भारतीय ड्रोन और मिसाइलों ने बेहद सटीक हमले किए, जिससे पाकिस्तानी एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिसका वह लंबे समय से दावा करता आ रहा था। भारत की प्रतिक्रिया के पहले तीन दिनों के भीतर, पाकिस्तान को उसकी उम्मीदों से कहीं ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा। भारत के आक्रामक जवाबी उपायों के बाद, पाकिस्तान ने तनाव कम करने के तरीके तलाशने शुरू कर दिए, और बढ़ते तनाव से राहत के लिए वैश्विक समुदाय से अपील की। उन्होंने खुलासा किया कि भारी नुकसान झेलने के बाद, पाकिस्तान की सेना ने 10 मई की दोपहर को भारत के डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक, भारत ने बड़े पैमाने पर आतंकवादी ढांचे को नष्ट कर दिया था, प्रमुख आतंकवादियों को खत्म कर दिया था और पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया था। श्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी अपील में आश्वासन दिया है कि वह भारत के खिलाफ सभी आतंकवादी गतिविधियों और सैन्य आक्रमण को रोक देगा। इस बयान के आलोक में, भारत ने स्थिति की समीक्षा की और पाकिस्तान के आतंकवादी और सैन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ अपने जवाबी अभियानों को अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला किया। उन्होंने दोहराया कि यह निलंबन कोई निष्कर्ष नहीं है - भारत आने वाले दिनों में पाकिस्तान के हर कदम का आकलन करना जारी रखेगा, यह सुनिश्चित करते हुए कि उसके भविष्य के कार्य उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप हों।


प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के सशस्त्र बल- सेना, वायु सेना, नौसेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और अर्धसैनिक इकाइयाँ- हर समय राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई अलर्ट पर रहती हैं। उन्होंने घोषणा की, "ऑपरेशन सिंदूर अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की स्थापित नीति है, जो भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है", उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवाद विरोधी उपायों में एक नया मानक, एक नया सामान्य स्थापित किया है। प्रधानमंत्री ने भारत के सुरक्षा सिद्धांत के तीन प्रमुख स्तंभों को रेखांकित किया; पहला है निर्णायक जवाबी कार्रवाई, जब भारत पर किसी भी आतंकवादी हमले का मजबूत और दृढ़ जवाब दिया जाएगा। भारत अपनी शर्तों पर जवाबी कार्रवाई करेगा, आतंकी ठिकानों को उनकी जड़ों पर निशाना बनाएगा। दूसरा है परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करना; भारत परमाणु धमकियों से नहीं डरेगा उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने एक बार फिर पाकिस्तान की परेशान करने वाली सच्चाई देखी- मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी खुलेआम शामिल हुए, जिससे साबित होता है कि राज्य प्रायोजित आतंकवाद में पाकिस्तान की गहरी संलिप्तता है। प्रधानमंत्री ने फिर से पुष्टि की कि भारत अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए निर्णायक कदम उठाता रहेगा।


इस बात पर जोर देते हुए कि भारत ने युद्ध के मैदान में पाकिस्तान को लगातार हराया है, और ऑपरेशन सिंदूर ने देश की सैन्य शक्ति में एक नया आयाम जोड़ा है, श्री मोदी ने रेगिस्तान और पहाड़ी युद्ध दोनों में भारत की उल्लेखनीय क्षमता पर प्रकाश डाला और साथ ही नए युग के युद्ध में श्रेष्ठता स्थापित की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑपरेशन के दौरान, मेड इन इंडिया रक्षा उपकरणों की प्रभावशीलता निर्णायक रूप से साबित हुई। उन्होंने टिप्पणी की कि दुनिया अब 21वीं सदी के युद्ध में एक दुर्जेय शक्ति के रूप में मेड इन इंडिया रक्षा प्रणालियों के आगमन को देख रही है।


प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ाई में एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन आतंकवाद का भी नहीं है। उन्होंने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया की गारंटी है।"


श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की सेना और सरकार ने लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाइयां अंततः पाकिस्तान के पतन का कारण बनेंगी। उन्होंने घोषणा की कि अगर पाकिस्तान को अपना अस्तित्व बचाना है, तो उसे अपने आतंकी ढांचे को खत्म करना होगा - शांति का कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने भारत के दृढ़ रुख की पुष्टि करते हुए कहा कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं रह सकते, आतंक और व्यापार समानांतर नहीं चल सकते, और खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। वैश्विक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत की लंबे समय से चली आ रही नीति को दोहराया कि पाकिस्तान के साथ कोई भी चर्चा केवल आतंकवाद पर केंद्रित होगी और पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) पर केंद्रित होगी।


बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर विचार किया और इस बात पर जोर दिया कि शांति का मार्ग शक्ति द्वारा निर्देशित होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानवता को शांति और समृद्धि की ओर बढ़ना चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रत्येक भारतीय सम्मान के साथ रह सके और विकसित भारत के सपने को साकार कर सके। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत को शांति बनाए रखने के लिए मजबूत होना चाहिए और जब आवश्यक हो, तो उस ताकत का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं ने अपने सिद्धांतों की रक्षा करने के भारत के संकल्प को प्रदर्शित किया है। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने एक बार फिर भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता को सलाम किया और भारत के लोगों के साहस और एकता के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया।

 अन्य जनपदों में भी होगा सिविल डिफेंस का विस्तार

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने दिए निर्देश

गृह विभाग को जनपद व क्षेत्र चिन्हित करते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा

एसईओसी में शासन तथा सेना के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई 

देहरादून;

civil defence meeting by CS Uttarakhand


 मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों तथा सेना व पैरा मिलिट्री फोर्सेज के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए भविष्य के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने तथा विभिन्न आपदाओं के समय त्वरित व प्रभावी रिस्पांस करने सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों तथा एजेंसियों की आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखण्ड सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। राज्य की सीमाएं चीन और नेपाल से लगी हैं, इसलिए सतर्कता और पुख्ता तैयारी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि सिविल डिफेंस के दायरे को प्रदेश के अन्य जनपदों में भी विस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में अभी सिर्फ जनपद देहरादून ही सिविल डिफेंस जनपद के रूप में अधिसूचित है। उन्होंने सचिव गृह को प्रदेश के ऐसे जनपदों तथा क्षेत्रों को चिन्हित करने को कहा जिन्हें सिविल डिफेंस के रूप में नोटिफाई किया जा सकता है। उन्होंने इसे लेकर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा तथा वर्तमान परिदृश्य की पुनरावृत्ति होने की स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रत्येक स्तर पर तैयारी को पुख्ता रखा जाए। हमें हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि सिविल एडमिनिस्ट्रेशन तथा सेना व अन्य फोर्सेज के साथ आपसी समन्वय तथा तालमेल बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि निरंतर रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाए, जिससे यह पता चलता रहे कि किन-किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष में कम से कम तीन बार इस तरह की अंतर विभागीय बैठक आयोजित की जाए। इस दौरान उन्होंने बेहतर समन्वय के लिए विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों, सेना, वायु सेना और अर्द्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों का वाट्सएप गु्रप बनाने तथा सभी विभागों तथा एजेंसियों को सिंगल प्वाइंट कांटेक्ट नामित करने के निर्देश दिए। 

बैठक में प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, डिप्टी जी0ओ0सी सब एरिया श्री आर.एस. थापा, प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, सचिव श्री नितेश कुमार झा, सचिव श्री सचिव कुर्वे, सचिव डॉ0 आर. राजेश कुमार, महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा डॉ0 पी.वी.के. प्रसाद, कमिश्नर गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, आईजी. गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, महानिरीक्षक, आई.टी.बी.पी, श्री संजय गुंज्याल, आईजी एसडीआरएफ श्री अरुण मोहन जोशी, आई.जी. अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, मुख्तार मोहसिन, महानिदेशक, सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग श्री बंशीधर तिवारी, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन श्री आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून श्री अजय सिंह, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी आदि मौजूद थे। 


विभागों के साथ बेहतर समन्वय के प्रयास किए जाएं

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए यह आवश्यक है कि विभिन्न विभागों, संस्थानों तथा एजेंसियों के मध्य आपसी सामंजस्य का मजबूत होना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पेयजल, विद्युत, अग्निशमन, परिवहन, आईटी विभाग, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, बीआरओ आदि विभागों के बीच अच्छा सामंजस्य होना जरूरी है। जितना अच्छा समन्वय होगा, आपदा के समय उतना बेहतर काम किया जा सकेगा। 


राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र मुख्य कंट्रोल रूम होगा

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि आपदाओं के दृष्टिकोण से यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र मुख्य कंट्रोल रूम रहेगा। प्रदेश में स्थापित अन्य विभागों के कंट्रोल रूम नियमित तौर पर सूचनाओं को एसईओसी के साथ साझा करेंगे। विभिन्न आपदाओं के समय समन्वय एसईओसी से किया ही जाएगा।  


सायबर वॉरफेयर पर भी नजर रखी जाए

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने किसी भी आपात स्थिति के लिए संचार व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने साइबर वारफेयर से निपटने के लिए भी आईटी विभाग को हर पल एलर्ट रहने तथा समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 


फेक न्यूज पर रखें निगरानी

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने सोशल मीडिया में फेक न्यूज की भी निगरानी करने तथा भ्रामक खबरें और सूचनाएं प्रसारित करने वाले लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सूचना तथा पुलिस विभाग को इस पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि किसी भी प्रकार की न्यूज तथा पोस्ट को प्रसारित करने से पहले जांच कर लें कि सूचना सही है या नहीं। ज्ञातव्य है कि फेक न्यूज को पोस्ट करने वाला व्यक्ति जितना दोषी है, उतना ही दोषी उसे प्रसारित और रिपोस्ट करने वाला व्यक्ति भी है और कानून तथा आईटी एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही के प्रावधान हैं।


फायर हाइड्रेंट्स की जांच की जाए

देहरादून। अग्नि संबंधित विभिन्न घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर लगे फायर हाइड्रेंट्स की जांच करने तथा आवश्यकतानुसार नए फायर हाइडें्रट्स स्थापित करने को कहा। इस संबंध में उन्होंने कमिश्नर गढ़वाल तथा कमिश्नर कुमाऊं को शीघ्र समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। 


एसईओसी में स्थापित करें सिविल डिफेंस का कंट्रोल रूम 

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि सेना के साथ जुड़े सिविल डिफेंस के हॉटलाइन नंबर को एसईओसी में स्थापित किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय हो सके। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस विभाग में स्थापित सिविल डिफेंस के कंट्रोल रूम हो एसईओसी में स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि एसईओसी में 24ग्7 मैन पावर उपलब्ध है, लिहाजा यहां से बेहतर समन्वय हो सकता है। 


महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा ऑडिट करें 

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने प्रदेश के हेलीपैड तथा छोटे एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलीपैड तथा छोटे एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस विभाग में नए पदों पर भर्ती की जाए। 


संसाधनों की जानकारी एसईओसी को उपलब्ध कराई जाए

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि विभिन्न विभागों तथा एजेंसियों के पास जो भी संसाधन उपलब्ध हैं, उनकी सूची तथा विवरण एसईओसी को उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें गतिमान किया जा सके। उन्होंने जीआईएस बेस्ड डाटाबेस बनाने के भी निर्देश दिए। 


महत्वपूर्ण संस्थानों तथा परिसंपत्तियों का सुरक्षा आडिट कराएं

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने प्रदेश के स्थापित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों, परिसंपत्तियों तथा बांधों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु खतरे की आशंका के आधार पर पुनः सुरक्षा ऑडिट करने के निर्देश दिए। 


एटीएफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा उत्तराखण्ड राज्य विभिन्न प्रकार की आपदाओं को लेकर संवेदनशील है। वायु सेना के बड़े तथा आधुनिक विमानों से राहत और बचाव कार्य संचालित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वायु सेना के बड़े विमानों के लिए हेलीपैड में एटीएफ यानी विमान के ईंधन का पर्याप्त भंडारण और सुलभ उपलब्धता हो ताकि खोज एवं बचाव अभियान में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। 


समुदायों की सहभागिता जरूरी, जारूकता हो प्रचार-प्रसार 

देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि सीमा पर हमारे देश के वीर सैनिक देश की सुरक्षा के लिए मजबूती से डटे हैं, लेकिन आम नागरिकों को भी हर पल जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि ब्लैक आउट तथा एलर्ट का सायरन बजने के दौरान लोगों को क्या करना है, इस संबंध में विस्तृत एडवाइजरी जारी की जाए तथा एसओपी बनाई जाएं। उन्होंने निरंतर अंतराल में विभिन्न प्रकार की आपदाओं से बचाव हेतु मॉक ड्रिल करने के निर्देश दिए।

केदारनाथ: 

bktc chairman  Dwevedi worshipped for jawan


श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी ) अध्यक्ष हेमन्त द्विवदी  आज श्री केदारनाथ धाम  दर्शन को पहुंचे तथा श्री केदारनाथ धाम में देश की सेना के नाम रूद्राभिषेक पूजा-अर्चना संपन्न की तथा प्रदेश एवं देश के सुख समृद्धि की कामना की।कहा कि आपरेशन सिंदूर से देश की सेना ने अपना रण कौशल दिखाया है।

उनके साथ बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कपरवाण भी पूजा में शामिल हुए।

इससे पहले श्री केदार सभा तथा तीर्थ पुरोहितों ने बीकेटीसी अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष का ढोल दमाऊं के साथ भब्य स्वागत एवं माल्यार्पण किया।


केदारनाथ धाम पहुंचकर बीकेटीसी अध्यक्ष ने यात्रा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया, दर्शन पंक्ति में तीर्थयात्रियों से भी फीडबैक लिया तथा बीकेटीसी कर्मचारियों -अधिकारियों की बैठक में निर्देशित किया कि तीर्थयात्रियों को भगवान केदारनाथ के सरल सुगम दर्शन हो सके साथ ही श्री केदार सभा के पदाधिकारियों से यात्रा के विषय में चर्चा की।


बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि 2013 की आपदा  के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में भब्य केदारपुरी का निर्माण हुआ है बड़ी संख्या में  तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम पहुंच रहे है। अभी तक ढाई लाख तीर्थयात्रियों ने श्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर लिए  है कहा कि केदारनाथ में सुरक्षा चाक-चौबंद है।


इससे पहले बीकेटीसी अध्यक्ष ने उखीमठ स्थिति श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में दर्शन, पूजा-अर्चना की तथा रावल भीमाशंकर लिंग से भी आशीर्वाद प्राप्त किया साथ ही उखीमठ स्थिति कोठा भवन के जीर्णोद्धार कार्यो का निरीक्षण किया 


केदारनाथ धाम में इस अवसर मुख्य प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी, प्रभारी अधिकारी गिरीश देवली,सीओ पुलिस अभिनव चौधरी,पुजारी बागेश लिंग केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व‌अध्यक्ष विनोद शुक्ला  श्रेयांस द्विवेदी, ओएसडी अजय जी, निजी सचिव प्रमोद नौटियाल,बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़,आर्किटेक्ट अजीत,केदार सभा महामंत्री अंकित सेमवाल वेदपाठी यशोधर मैठाणी, स्वयंबर सेमवाल रोशन‌‌ त्रिवेदी, गणेश बगवाड़ी,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, पारेश्वर त्रिवेदी कुलदीप  धर्म्वाण आदि मौजूद रहे।


श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ उखीमठ में दर्शन पूजा-अर्चना के दौरान रावल भीमाशंकर शंकर लिंग, पुजारी शिवशंकर लिंग, प्रशासनिक अधिकारी रमेश‌ नेगी, पुजारी टी गंगाधर लिंग, देवी प्रसाद तिवारी, दीपक पंवार ,विदेश शैव आदि मौजूद रहे।


  

जिले को हरहाल में करना ही है बाल भिक्षावृत्ति मुक्तः


भिक्षावृत्ति, बालश्रम से रेस्क्यू बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही लक्ष्यः डीएम


देहरादून:

child home extension by DM Dehradun


 जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में जिला बाल संरक्षण इकाई, देहरादून की जनपद देहरादून में बाल मिक्षावृत्ति उन्मूलन निवारण प्रयास अभियान के सुचारू संचालन के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

 बैठक में इंटेन्सिव केयर सेन्टर साधु राम इण्टर कॉलेज राजा रोड देहरादून में प्रवेशरत बच्चों के स्वास्थ्य जांच के सम्बन्ध में बताया गया कि प्रत्येक मंगलवार बच्चों को आरबीएसके की चिकित्सकीय टीम इटंेसिव केयर सेंटर पर बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करती है तथा बच्चों के शारीरिक विकास स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करती है। 

 मुख्यमंत्री की अमिट प्ररेणा से बाल भिक्षावृत्ति निवारण का सम्पर्ण तंत्रः जिला प्रशासन ने किया आयुष्मान भवः डीएम ने की धन व्यवस्था टीचर्स एग्रीमेंट, रेस्क्यू वाहन टीमें, एनजीओ आसरा व्यवस्था और अधिक विस्ता करते हुए  सीधा दो साल कर दिया है।  

डीएम ने कहा हमारी सिर्फ अधिकारिक नही कुछ नैतिक जिम्मेदारी भी है प्रशासन की व्यक्ति की हम सबकीः डीएम जिले को हरहाल में भिक्षावृत्ति, व बालश्रम मुक्त करने को संकल्पबद्ध हैं, जिसके लिए जिला प्रशासन का निरंतर अभियान चलाते हुए बच्चों को मुख्यधारा शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।  जिले में देखते ही देखते राजधानी में राज्य का पहला आधुनिक सुविधााओं से लेस इंटेसिव चाईल्ड सेंटर तैयार हो गया है जिसके 19 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्कूलों में दाखिला दिया गयाहै।  भिक्षावृत्ति, बालश्रम से रेस्क्यू बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही प्रशासन का लक्ष्य है। 

जिला प्रोबेशन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास के अन्तर्गत माह दिसम्बर 2024 से अप्रैल 2025 तक रेस्क्यू किये गये बाल भिक्षावृत्ति/बाल श्रम/कूडा-बीनने में संलिप्त 174 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति में 47 बच्चें जिनमें 40 बालक एवं 7 बालिकाएं है। बालश्रम में 47 बालक, कचना बिनते पाए गए 72 बच्चों को रेस्क्यू किया गया जिनमें 62 बलाक एवं 10 बालिकाएं है। अन्य रेस्क्यू 8 बच्चे, जिनमें 4 बालक 4 बालिकाएं है, जिनका इंन्टेसिव केयर सेन्टर में पंजीकरण कराया गया है तथा इन्टेंसिव सेन्टर में 146 बाहरी छात्र जिनमें 82 बालक एवं 64 बालिकाएं शामिल है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण प्रयास अभियान के अन्तर्गत गैर सरकारी संगठन आसरा ट्रस्ट, खुला आश्रय गृह समर्पण सोसाईटी व खुला आश्रय गृह सरफीना ट्रस्ट देहरादून के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर चर्चा की गई जिस पर जिलाधिकारी ने जिला प्राबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि आरएफटी निकालकर विकसित करें, जिसमें गृहों में क्या-2 सुविधाएं एवं मानक होने चाहिएं तथा इसमें प्रशासन सुपरविजन की भूमिका में रहेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह,  मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल,  जिला प्राबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, उप श्रमआयुक्त दीपक कुमार, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाई, आसरा, समर्पण एवं  सरफिना ट्रस्ट के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे। 


 

आज का राशिफल

दिनांक:- 13/05/2025, मंगलवार*

प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष, 

ज्येष्ठ 

rashifal today 13 may 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *देवर्षि नारद जयंती 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


अर्थाधीताश्चयै र्वेदास्तथा शूद्रान्न भोजिनः ।

ते द्विजाः किं करिष्यन्ति निर्विषा इव पन्नगाः ।।

।। चा o नी o।।


   जिन्होंने वेदों का अध्ययन पैसा कमाने के लिए किया और जो नीच काम करने वाले लोगो का दिया हुआ अन्न खाते है उनके पास कौनसी शक्ति हो सकती है. वो ऐसे भुजंगो के समान है जो दंश नहीं कर सकते.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -: मोक्षसंन्यासयोग:- अo-18


सन्न्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्‌ ।,

त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥,


अर्जुन बोले- हे महाबाहो! हे अन्तर्यामिन्‌! हे वासुदेव! मैं संन्यास और त्याग के तत्व को पृथक्‌-पृथक्‌ जानना चाहता हूँ॥,1॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐂मेष

यात्रा लाभदायक रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है, प्रयास करें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है। संचित कोष में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। कारोबारी सौदे बड़े हो सकते हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य प्रभावित होगा, सावधानी रखें।


🐏वृष

फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। बजट बिगड़ेगा। कर्ज लेना पड़ सकता है। शारीरिक कष्ट से बाधा उत्पन्न होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। अपरिचित व्यक्तियों पर अंधविश्वास न करें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय होगी। संतुष्टि नहीं होगी।


👫मिथुन

नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति संभव है। यात्रा लाभदायक रहेगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबारी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। आशंका-कुशंका रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। लापरवाही न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


🦀कर्क

कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चिंता बनी रहेगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। निवेश लाभदायक रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यस्तता रहेगी।


🐅सिंह

कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति निर्मित होगी। प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। व्यापार में लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। निवेश में सोच-समझकर हाथ डालें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद में न पड़ें। अपेक्षाकृत कार्य समय पर होंगे। प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। व्यस्तता रहेगी। प्रमाद न करें।


🙍‍♀️कन्या

घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। चोट व दुर्घटना से बड़ी हानि हो सकती है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। फालतू खर्च होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। शत्रुभय रहेगा।


⚖️तुला

उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। जल्दबाजी में कोई निर्णय न लें। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। कानूनी अड़चन का सामना करना पड़ सकता है। फालतू खर्च होगा। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। जोखिम बिलकुल न लें।


🦂वृश्चिक

दूर से बुरी खबर मिल सकती है। दौड़धूप अधिक होगी। बेवजह तनाव रहेगा। किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। फालतू बातों पर ध्यान न दें। मेहनत अधिक व लाभ कम होगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। शत्रुओं की पराजय होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। आय में निश्चितता रहेगी।


🏹धनु

बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। स्थायी संपत्ति से बड़ा लाभ हो सकता है। समय पर कर्ज चुका पाएंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न तथा संतुष्ट रहेंगे। निवेश शुभ फल देगा। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी, ध्यान रखें।


🐊मकर

व्यवसाय में ध्यान देना पड़ेगा। व्यर्थ समय न गंवाएं। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। जल्दबाजी से हानि संभव है। थकान रहेगी। कुसंगति से बचें। निवेश शुभ रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।


🍯कुंभ

योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोधी सक्रिय रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। आय में वृद्धि होगी। शेयर मार्केट से लाभ होगा। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। जल्दबाजी न करें। पुराना रोग उभर सकता है।


🐟मीन

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। समय की अनुकूलता का लाभ मिलेगा। व्यस्तता के चलते स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। अपने काम पर ध्यान दें।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नगला तराई, खटीमा में 254 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन मां पूर्णागिरी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया। 


मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को मंदिर कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा मंदिर में पानी व शौचालय व्यवस्था करने के निर्देश 




दिए। साथ ही कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए । उन्होंने कहा प्रदेश में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।  उन्होंने समयबद्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जो कार्यदायी संस्था अथवा ठेकेदार अच्छा कार्य नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने लोहिया हेड कैम्प कार्यालय में जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। 

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा,मेयर काशीपुर दीपक बाली, अनिल कपूर डब्बू,अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष बीजेपी कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा उपस्थित थे।

 दिल्ली :


15 मई 2025 को 05:29 बजे तक नागरिक विमान परिचालन के लिए 32 हवाई अड्डों पर लगी अस्थायी रोक हटा ली गई है।


 ये हवाई अड्डे अब तत्काल प्रभाव से नागरिक विमान परिचालन के लिए उपलब्ध हैं।


यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरलाइनों से सीधे उड़ान की स्थिति की जांच करें और नियमित अपडेट के लिए एयरलाइन की वेबसाइट पर नज़र रखें।

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.