Halloween party ideas 2015

 देहरादून ;



समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत विवाह आदि पंजीकरण के लिए देहरादून में प्रत्येक न्याय पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे।

 मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह के निर्देशों पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने न्याय पंचायतों में आयोजित होने वाले शिविरों का रोस्टर जारी कर दिया है। 

शिविरों का यह आयोजन नागरिकों की सुविधा के लिए न्याय पंचायत स्तर पर किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी शादी, विवाह, तलाक इत्यादि का स्थानीय स्तर पर पंजीकरण करवा सकें।

 देहरादून के विकासखंड न्याय पंचायत वार शिविरों के आयोजन हेतु तिथियां निर्धारित की गई है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में शिविर में प्रतिभाग करते हुए यूसीसी के अंतर्गत अपना पंजीकरण कराए।

 

विकासखंड चकराता के अंतर्गत न्याय पंचायत बुनाड बास्तिल में 28 अप्रैल, भुनाड में 29 अप्रैल, काण्डोई बोन्दर में 30 अप्रैल, मिण्डाल में 26 अप्रैल, डिमिच भन्द्रोली में 03 मई, दसऊ में 25 अप्रैल, बेगी में 02 मई, जाडी में 22 अप्रैल तथा रंगेऊ में 01 मई को पंजीकरण शिविर लगाया जाएगा।


जिला पंचायतराज अधिकारी ने बताया कि विकासखंड कालसी में 09 न्याय पंचायत है। जिसमें न्याय पंचायत डागूरा में 21 अप्रैल, कोरूवा में 23 अप्रैल, नराया में 26 अप्रैल, भंजरा में 25 अप्रैल, कोटी में 30 अप्रैल, कालसी में 01 मई, उद्पाल्टा में 05 मई, खाडी में 07 मई तथा मुन्धान में रामलीला ग्राउंड में 08 मई को पंजीकरण शिविर लगाया जाएगा।

 

विकासखंड विकासनगर के अंतर्गत न्याय पंचायत धर्मावाला में 21 अप्रैल, सोरना में 23 अप्रैल, एनफील्ड में 26 अप्रैल, सभावाला में 28 अप्रैल तथा लाघां में 30 अप्रैल को पंजीकरण शिविर लगाया जाएगा।


विकासखंड सहसपुर के अंतर्गत भगवन्तपुर में 22 अप्रैल, आरकेडिया ग्रान्ट में 23 अप्रैल, आमवाला में 28 अप्रैल, रामपुर भाऊवाला में 30 अप्रैल, झाझरा में 02 मई तथा सहसपुर में 05 मई को पंजीकरण शिविर लगाया जाएगा।


विकासखंड डोईवाला के अंतर्गत रानीपोखरी ग्रान्ट में 21 अप्रैल, माजरीग्रान्ट में 22 अप्रैल, मारखमग्रान्ट में 23 अप्रैल तथा श्यामपुर में 25 अप्रैल को शिविर लगाया जाएगा।

 

विकासखंड रायपुर के अंतर्गत 25 अप्रैल को रायपुर, 28 अप्रैल को सरोना तथा थानों में 30 अप्रैल को पंजीकरण शिविर लगाया जाएगा।  


*उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक विरासत को बढ़ाने में सहायक हो रहे हैं होम स्टे।*


*होम स्टे बन रहे हैं लोगों की आजीविका के प्रमुख साधन।*


*होम स्टे संचालाकों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्य योजना में किया जायेगा शामिल।*


Vilage to global home stay  samvad CM Dhami


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्य सेवक संवाद के तहत ‘‘गाँव से ग्लोबल तक होम स्टे’’ संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यभर से आए होमस्टे संचालकों से बातचीत कर राज्य में होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए उनके महत्वपूर्ण सुझाव लिए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा होम स्टे को तेजी से बढ़ावा दिया गया है। होम स्टे संचालक  प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को ठहरने अच्छी सुविधा के साथ राज्य की संस्कृति, परंपरा, खानपान, पहनावे से भी अवगत करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की असली आत्मा गाँवों में बसती है। जहाँ प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक विरासत का अद्भुत संगम एक ही स्थान पर देखा जा सकता है। स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने होमस्टे योजना की शुरुआत की थी। आज राज्य के दूरदराज गांवों में होमस्टे योजना अपनी एक अलग पहचान बना रही है। राज्य के पांच हजार से अधिक परिवारों ने इस योजना से जुड़कर अपने घरों के द्वार पर्यटकों के लिए खोले हैं। होम स्टे चलाने वाले सभी लोग राज्य के ब्रांड एंबेसडर हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में होम स्टे संचालकों द्वारा पारंपरिक व्यंजन को बढ़ावा देने के साथ ही राज्य की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य किया जा रहा है।  इस पहचान को हमें गाँव से ग्लोबल तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवथा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।  एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से लोगों की आजीविका वृद्धि की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए राज्य में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की शुरुआत की गई है। स्टेट मिलेट मिशन से राज्य के मिलेट को देश में अलग पहचान भी मिल रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन और पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को तेजी से बढ़ावा दिया गया है। केदारखंड की भांति मानसखंड कॉरिडोर योजना के अंतर्गत कुमाऊं क्षेत्र के धार्मिक स्थलों को विकसित किया जा रहा है। ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट किया जा रहा है। फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम लागू किया गया है। उत्तराखंड में शूटिंग करने पर फिल्म निर्माताओं को विशेष सब्सिडी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा हमारे चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। 


कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह संवाद कार्यक्रम हमारे ग्रामीण पर्यटन की दिशा में एक नई सफलता का कदम जोड़ेगा। यह कार्यक्रम केवल एक संवाद ही नहीं, बल्कि हमारे गांवों की आत्मा को वैश्विक पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी के विकास के मॉडल का भी एक मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि गांव से ग्लोबल की यह यात्रा तभी सफल होगी जब हम सब मिलकर इसे अपनाएं और इसे स्थाई पर्यटन की क्रांति में बदलें। पर्यटन विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 में 317 (तीन सौ सतरह) होमस्टे संचालकों को वित्तीय और प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया है। वर्ष 2025-26 में सभी जनपदों में यह प्रशिक्षण लागू किया जाएगा। राज्य में एक समन्वित “स्टेट टास्क फोर्स“ का गठन किया गया है, जिसमें पर्यटन, पंचायती राज, ग्राम्य विकास और स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं।


*होम स्टे संचालकों के सुझाव।*


पौड़ी जिले से आई होमस्टे संचालक श्रीमती नम्रता कंडवाल ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर भी होमस्टे रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। स्कूल और कॉलेजों के छात्र छात्राओं को होमस्टे के टूर पर भी ले जाया जा सकता है। 


मुक्तेश्वर नैनीताल से होमस्टे संचालक श्री दीपक बिष्ट ने कहा कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए इसकी प्रक्रिया का सरलीकरण करना होगा। लाभार्थियों को बैंकों से आसानी से लोन मिले, इस पर भी कार्य करने की आवश्यकता है। 


चमोली के श्री नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा राज्य में निरंतर होमस्टे को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा विभिन्न होमस्टे को सड़कों से जोड़ना चाहिए। जिससे पर्यटकों को आवाजाही में सुगमता हो और अधिक से अधिक पर्यटक होमस्टे में आ सके। उन्होंने कहा होमस्टे में कचरा प्रबंधन एवं प्लास्टिक के निस्तारण के लिए भी कार्य होना चाहिए। 


लैंसडाउन के श्री विक्की रावत ने कहा कि होमस्टे में अधिक से अधिक सस्टेनेबल आर्किटेक्चर का इस्तेमाल होना चाहिए। हमें राज्य में ही होमस्टे के मॉडल तैयार करने चाहिए। पर्यटन विभाग के माध्यम से अन्य लोगों को भी होमस्टे के नक्शे दिए जा सकते हैं। उन्होंने होमस्टे की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। 


उत्तरकाशी के अखिल पंत ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर लोगों से मिलकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। होमस्टे के लिए आयोजित होने वाली कार्यशालाओं का आयोजन भी किसी होमस्टे में ही होना चाहिए।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, सचिव श्री सचिन कुर्वे एवं अन्य लोग मौजूद थे।




आयुक्त गढवाल ने की चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा।*


*होटल व्यवसायियों के संगठनों के पदाधिकारियों से लिये सुझाव।*


*आयुक्त गढवाल ने चारधाम यात्रा के लिये ऑनलाइन पंजीकरण की सीमा 15 प्रतिशत बढाये जाने के दिये निर्देश।*

*यात्रा मार्गों पर पंजीकरण केन्द्रों की स्थापना पर जताई सहमति।

Chardhaam yatra review by commissioner  garhwal



आयुक्त गढवाल श्री विनय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता मे सोमवार को चारधाम यात्रा की तैयारी को लेकर जनपद उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग एवं चमोली के होटल व्यवसायियों  (Stakeholder)  महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुक्त ने चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने के साथ ही यात्रा के सफल संचालन हेतु होटल व्यवसायियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया।


देहरादून स्थित आयुक्त कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में होटल व्यवसायियों ने चारधाम यात्रा को लेकर अपनी-अपनी समस्यायें एवं सुझाव आयुक्त गढ़वाल के समक्ष रखते हुए मुख्य रूप से ऑनलाईन पंजीकरण की सीमा को बढाए जाने का आग्रह किया गया। इस पर आयुक्त ने अवगत कराया कि गत 5 फरवरी को आयोजित बैठक में सभी हितधारकों की मांग के अनुरूप इस वर्ष चारधाम यात्रा के लिए 60 प्रतिशत आनॅलाईन और 40 प्रतिशत ऑफलाईन पंजीकरण की सीमा तय की गयी थी। इस संबंध में विचार-विमर्श के बाद जनपदों के जिला पर्यटन अधिकारियों के सुझाव और होटल व्यवसायियो के आग्रह पर पूर्व के निर्णय में आंशिक परिर्वतन करते हुए अब ऑनलाईन पंजीकरण की सीमा को 15 प्रतिशत बढ़ा कर 75 प्रतिशत करने के निर्देश आयुक्त गढ़वाल द्वारा दिये गए। इस पर सभी होटल व्यवसायियों ने सहमति के साथ प्रसन्नता व्यक्त की।


चारधाम यात्रा में श्रद्वालुओ की भीड को देखते हुए होटल व्यवसायियांे की मांग थी कि प्रत्येक धाम हेतु चारधाम यात्रा मार्गाे पर एक-एक पंजीकरण के काउण्टर स्थापित जाये। विचार विमर्श के बाद आयुक्त गढ़वाल द्वारा ने होटल व्यवसायियो की इस मांग को भी स्वीकार किया और चारधाम यात्रा मार्गाे पर कुछ और पंजीकरण केन्द्रो को खोलने के निर्देश दिये जिसमें बद्रीनाथ धाम हेतु गौचर में, गंगोत्री धाम हेतु हीना व उत्तरकाशी में, यमुनोत्री धाम हेतु दोबाटा व डामटा में तथा केदारनाथ धाम हेतु गुप्तकाशी स्थित जी.एम.वी.एन. गेस्ट हाउस में पंजीकरण काउण्टर खोले जाने हेतु सहमति दी गयी।


आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डे ने सभी होटल व्यवसायियो से चारधाम यात्रा के बेहतर संचालन में प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुखद बनाने के लिए सभी हितधारकों को सम्मिलित प्रयास करने होंगे। 

चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने आयुक्त गढवाल मण्डल को ज्ञापन भी भेंट कर होटल व्यवसायियों द्वारा सरकार एवं प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में उपस्थित सभी होटल व्यासायियों ने आगामी यात्रा को सकुशल सम्पन्न कराने का आश्वासन दिया तथा सुझावों को अमल में लाये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।


समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक गढवाल श्री राजीव स्वरूप,  अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, ए.डी.एम उत्तरकाशी पी. एल. शाह, ए.डी.एम रूद्रप्रयाग एस.एस. राणा, उप जिलाधिकारी पोखरी अबरार अहमद, जिला पर्यटन अधिकारी देहरादून सीमा नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी चमोली राहुल चौबे, जिला पर्यटन अधिकारी उत्तरकाशी  कमल किशोर जोशी, विशेषकार्याधिकारी चारधाम यात्रा प्रबन्धन एवं नियंत्रण संगठन ऋषिकेश प्रजापति नौटियाल, इथिक्स कम्पनी के गजेन्द्र चौहान, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी शैलेन्द्र सिंह मटूड़ा, अध्यक्ष यमुना घाटी होटल एसोसिएशन सोबन सिंह राणा, अध्यक्ष श्री केदार धाम होटल एसोसिएशन प्रेमदत्त गोस्वामी, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन गंगोत्री अनिल नौटियाल सहित जनपद उत्तरकाशी से 12 सदस्य रूद्रप्रयाग से 11 एवं चमोली से 06 होटल व्यवसायी उेपस्थित रहे।

24 अप्रैल, 2025 को आयोजित होगी चारधाम यात्रा-2025 से संबंधित राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल

 

राष्ट्रीय आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (NDMA), गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (USDMA) द्वारा चारधाम यात्रा-2025 को लेकर राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने तथा चारधाम यात्रा को लेकर आईआरएस (Incident Response System) प्रणाली के तहत विभिन्न रेखीय विभागों की तैयारियों के धरातलीय परीक्षण के उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल राज्य के सात जनपदों - उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार में आयोजित की जा रही है।


इस संबंध में जानकारी देते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि दिनांक 22 अप्रैल, 2025 को टेबल टॉप अभ्यास तथा दिनांक 24 अप्रैल, 2025 को मॉक ड्रिल की जाएगी। उक्त टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTEX) तथा मॉक ड्रिल उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण (USDMA), 36 आई.टी. पार्क, देहरादून के तृतीय तल पर अवस्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC), में प्रातः 09: 55 बजे प्रारम्भ होगी।

 30 जून 2025 से प्रारंभ होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा* 


*मुख्यमंत्री के प्रयासों के क्रम में उत्तराखण्ड सरकार एवं विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित होगी यात्रा*


*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा से कैलाश मानसरोवर यात्रा की राह हुयी आसान*

Kailash mansarovar yatra 2025 started  from 30 june


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से इस वर्ष 30 जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा का संचालन उत्तराखण्ड सरकार एवं विदेश मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा से कैलाश मानसरोवर यात्रा की राह आसान हुयी है


जनपद पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत वर्ष 2020 से संचालित नहीं हुई है, परन्तु इस वर्ष  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विशेष प्रयासों से उत्तराखण्ड सरकार एवं भारतीय विदेश मंत्रालय के तत्वाधान में कैलाश मानसरोवर यात्रा-2025 संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया है।


इस वर्ष आयोजित होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा-2025 के सम्बन्ध में सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में आयोजित बैठक में कैलाश मानसरोवर यात्रा-2025 के सकुशल संचालन के सम्बन्ध में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा-2025 का संचालन कुमाऊँ मण्डल विकास निगम द्वारा किया जाएगा। यह यात्रा दिल्ली से प्रारम्भ होकर पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित की जायेगी। यात्रा दिनांक 30 जून, 2025 से प्रारम्भ होगी, जिसमें 50-50 व्यक्तियों के कुल 05 दलों (कुल 250 व्यक्तियों) द्वारा यात्रा की जायेगी।


कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाला प्रथम दल दिनांक 10 जुलाई, 2025 को लिपुलेख पास से होते हुए चीन में प्रवेश करेगा तथा अन्तिम यात्रा दल दिनांक 22 अगस्त, 2025 को चीन से भारत के लिए प्रस्थान करेगा। प्रत्येक दल दिल्ली से प्रस्थान कर टनकपुर में 01 रात्रि, धारचूला में 01 रात्रि, गुंजी में 02 रात्रि तथा नाभीढांग में 02 रात्रि रुकने के बाद (तकलाकोट) चीन में प्रवेश करेगा। कैलाश दर्शन के उपरान्त वापसी में चीन से प्रस्थान कर स्थान बूंदी में 01 रात्रि, चौकोड़ी में 01 रात्रि, अल्मोड़ा में 01 रात्रि रुकने के बाद दिल्ली पहुँचेगा। इस प्रकार यात्रा के दौरान प्रत्येक दल द्वारा कुल 22 दिनों की यात्रा की जायेगी।


यात्रा करने वाले सभी यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण सर्वप्रथम दिल्ली में किया जायेगा तथा गुंजी (पिथौरागढ़) पहुंचने पर आई. टी. बी. पी. के सहयोग से स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा।

 

*नदियों-नालों में किसी को प्लास्टिक फेंकते देखता हूँ, तो लगता है मानो किसी ने सीने पर खंजर घोप दिया: त्रिवेन्द्र*


*बाण गंगा पुनर्जीवित अभियान को सफल बनाने पर अधिकारी बल दें, ठोस कदम उठाएं: त्रिवेन्द्र*


हरिद्वार;

 बाण गंगा नदी को पुनर्जीवित करने को लेकर हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बीते शनिवार यानि 19 अप्रैल 2025 को लक्सर, हरिद्वार से इसकी शुरुआत की है| इस अभियान में पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में जनसहभागिता देखने को मिली, स्वयं सांसद हरिद्वार ने कार्यक्रम के अंतिम तक मोर्चे को संभाले रखा| मैली padi बाण गंगा में सबके साथ उतरकर स्वयं सांसद बाण गंगा नदी को साफ करते दिखे| 


इस अभियान के संबंध में आज हरिद्वार में बाण गंगा नदी के पुनर्जीवन को लेकर सांसद ने हरिद्वार जिले के सिंचाई, खनन, वन विभाग के अधिकारीयों के साथ बाण गंगा को उसके पुराने स्वरूप में लौटने, नदी को स्वच्छ, निर्मल और सुन्दर बनाने को लेकर परामर्श किया| साथ ही उनके द्वारा बाण गंगा नदी का संपूर्ण सर्वेक्षण और इसकी कार्य योजना तैयार करने करने के लिए कहा गया| उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अग्रणी रहकर इस अभियान को सफल बनाने पर बल दें, ठोस कदम उठाएं| सांसद ने कहा कि जहाँ विभागीय सहयोग और जनभागीदारी मिलती है वहां परिणाम सुखद मिलते हैं|


उन्होंने कहा कि आज के समय में प्लास्टिक का अंधाधुंध उपयोग और उसका लापरवाही से नदी-नालों में फेंका जाना न केवल पर्यावरण को गहरे ज़ख्म दे रहा है, बल्कि यह मानवीय जीवन के लिए गंभीर बीमारियों को भी न्यौता दे रहा है।सांसद ने कहा कि जब भी किसी को नदियों-नालों में प्लास्टिक फेंकते देखता हूँ, तो लगता है मानो किसी ने सीने पर खंजर घोप दिया| उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण की चिंता करते हुए आज से ही जल-जंगल-जमीन पर हो रहे मानवीय दंश को बन्द करना होगा तब जाकर ही भावी पीढ़ी को हम स्वच्छ, सुन्दर और खुशहाल वातावरण दे पाएंगे|

 देहरादून:

Drug inspectorvtraining


*स्वास्थ्य प्रणाली को आधुनिक बनाने के साथ  राज्य को स्वस्थ और सुरक्षित समाज की दिशा में महत्वपूर्ण होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम : ताजबर जग्गी*



उत्तराखंड राज्य में नवचयनित औषधि निरीक्षकों के लिए FDA भवन, देहरादून में 21 अप्रैल 2025 से एक सुदृढ़ एवं व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह नियुक्ति केवल एक पद नहीं बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त करने की एक अहम जिम्मेदारी है।


डॉ. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि राज्य में हर नागरिक को गुणवत्तायुक्त, मानक स्तर की औषधियाँ समय पर उपलब्ध हों, यह सुनिश्चित करना औषधि निरीक्षकों की मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि औचक निरीक्षण, नियमित नमूना संग्रहण, भंडारण स्थलों की निगरानी और यात्रा मार्गों पर दवा उपलब्धता जैसे बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य सेवा का एक मजबूत आधार यह है कि जनता को भरोसेमंद और प्रभावी औषधियाँ मिलें। निरीक्षकों को अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी, निष्पक्षता और सजगता के साथ कार्य करना होगा।"


अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, ताजबर सिंह जग्गी ने भी प्रशिक्षण की आवश्यकता और महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सशक्त बुनियाद है, जिस पर भविष्य की औषधि निगरानी प्रणाली का निर्माण होगा। उन्होंने कहा "प्रशिक्षण का उद्देश्य निरीक्षकों को कानूनी, नैतिक, तकनीकी और व्यावहारिक हर पहलू में दक्ष बनाना है। इससे वे नकली, घटिया और अनुचित दवाओं के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही कर सकें।" उन्होंने कहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी सप्ताहों में विभिन्न चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें कक्षा शिक्षण, प्रायोगिक अभ्यास, केस स्टडी और फील्ड विज़िट शामिल हैं। यह पहल उत्तराखंड राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को न केवल आधुनिक बनाएगी, बल्कि राज्य को स्वस्थ और सुरक्षित समाज की दिशा में अग्रसर भी करेगी।


*प्रशिक्षण में इन विषयों पर किया गया फोकस :-*


Drugs & Cosmetics Act, 1940


Narcotic Drugs & Psychotropic Substances Act, 1985


Drugs Price Control Order (DPCO)


Drugs & Magic Remedies (Objectionable Advertisements) Act


Sampling, Judicial Process, Police Coordination



प्रशिक्षण में देश के विभिन्न राज्यों से आमंत्रित अनुभवी विशेषज्ञ भी प्रतिभाग कर रहे हैं जो अपने वर्षों के अनुभव से प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।


नरेंद्र आहुजा, भूतपूर्व औषधि नियंत्रक, हरियाणा ने कहा, "औषधि निरीक्षकों की भूमिका केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं, वे जनता के स्वास्थ्य के रक्षक हैं। उन्हें तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता भी विकसित करनी होगी।"


उड़ीसा के भूतपूर्व औषधि नियंत्रक, महापात्रा ने कहा, "अंतरराज्यीय औषधि निगरानी तंत्र को समझना और उसमें सक्रिय सहभागिता आज की आवश्यकता है। औषधि निरीक्षकों को राज्यों के समन्वय में भी दक्ष होना चाहिए।"


सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुशांत महापात्रा ने अपने सत्र में औषधि से संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "विधिक ज्ञान एक निरीक्षक के लिए उतना ही आवश्यक है जितना तकनीकी ज्ञान। सही कानूनी प्रक्रिया का पालन ही कार्रवाई को टिकाऊ बनाता है।"


USFDA एवं WHO से जुड़ी विशेषज्ञ अर्चना बहुगुणा ने वैश्विक मानकों की जानकारी साझा करते हुए कहा, "यदि हम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निरीक्षण प्रणाली विकसित करें तो न केवल जनता को लाभ मिलेगा बल्कि भारतीय दवा उद्योग की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।"

 

आज का राशिफल

*दिनांक:- 22/04/2025, मंगलवार*

नवमी, कृष्ण पक्ष,

वैशाख




*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *पंचक प्रारम्भ 24:25 से 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


वृध्द्काले मृता भार्या बन्धुहस्ते गतं धनम् ।

भाजनं च पराधीनं स्त्रिः पुँसां विडम्बनाः ।।

।। चा o नी o।।


  वह आदमी अभागा है जो अपने बुढ़ापे में पत्नी की मृत्यु देखता है. वह भी अभागा है जो अपनी सम्पदा संबंधियों को सौप देता है. वह भी अभागा है जो खाने के लिए दुसरो पर निर्भर है.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:श्रद्धात्रयविभागयोग :- अo-17


कर्शयन्तः शरीरस्थं भूतग्राममचेतसः।,

मां चैवान्तःशरीरस्थं तान्विद्ध्‌यासुरनिश्चयान्‌॥,


 जो शरीर रूप से स्थित भूत समुदाय को और अन्तःकरण में स्थित मुझ परमात्मा को भी कृश करने वाले हैं (शास्त्र से विरुद्ध उपवासादि घोर आचरणों द्वारा शरीर को सुखाना एवं भगवान्‌ के अंशस्वरूप जीवात्मा को क्लेश देना, भूत समुदाय को और अन्तर्यामी परमात्मा को ''कृश करना'' है।,), उन अज्ञानियों को तू आसुर स्वभाव वाले जान॥,6॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

आय में वृद्धि होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। पुराने मित्र व संबंधी मिलेंगे। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। विरोध की संभावना, धनहानि, गृहस्‍थी में कलह, रोग से घिरने की संभावना, कुछ कार्यसिद्धि की संभावना। चिंताएं जन्म लेंगी। स्त्री पीड़ा, कुछ लाभ की आशा करें।


🐂वृष

स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। भागदौड़ रहेगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। धनागम सुस्त रहेगा। कार्य के प्रति अनमनापन रहेगा। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। कुछ लाभ की संभावना। चिंताएं कुछ कम होंगी।


👫मिथुन

लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। शत्रु भय रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में ग्राहकी अच्छी रहेगी। नौकरी में कार्य व्यवहार, ईमानदारी की प्रशंसा होगी। मशक्कत करने से लाभ होगा। चिंता होगी। शत्रु पराजित होंगे।


🦀कर्क

पार्टनर से मतभेद समाप्त होगा। नौकरी में अधिकारी का सहयोग तथा विश्वास मिलेगा। पारिवारिक व्यस्तता रहेगी। आकस्मिक व्यय से तनाव रहेगा। अपेक्षाकृत कार्यों में विलंब होगा। विवेक से कार्य करें। स्थानीय धर्मस्थल की परिवार के साथ यात्रा होगी।


🐅सिंह

लेन-देन में सावधानी रखें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। शत्रु पर विजय, हर्ष के समाचार मिलने की संभावना। कुसंग से हानि। धनागम सुखद रहेगा। प्रेमिका मिलेगी। कुछ आय होगी। माता को कष्ट रहेगा।


🙎‍♀️कन्या

कारोबारी नए अनुबंध होंगे। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्त्री कष्ट संभव। कलह से बचें। कार्य में सफलता, शत्रु पराजित होंगे। विवेक से कार्य बनेंगे। पेट रोग से पीड़ित होने की संभावना। वस्त्राभूषण की प्राप्ति के योग।


⚖️तुला

भय, पीड़ा व भ्रम की स्थिति बन सकती है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। भय-पीड़ा, मानसिक कष्ट की संभावना। लाभ तथा पराक्रम ठीक रहेगा। दु:समाचार प्राप्त होंगे। हानि तथा भय की संभावना, पराक्रम से सफलता, कलहकारी वातावरण बनेगा। भयकारक दिन रहेगा।


🦂वृश्चिक

यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। लेन-देन में सावधानी रखें। कानूनी बाधा दूर होगी। देव दर्शन होंगे। राज्य से लाभ होने की संभावना। मातृपक्ष की चिंता। वाहन-मशीनरी का प्रयोग सावधानी से करें। धनागम की संभावना। मित्र मिलेंगे। विवाद न करें।


🏹धनु

बेचैनी रहेगी। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। नेत्र पीड़ा की संभावना। धनलाभ एवं बुद्धि लाभ होगा। शत्रु से परेशान होंगे। अपमान होने की संभावना। कष्ट की संभावना। धनहानि। कष्ट-पीड़ा। शारीरिक पीड़ा होगी।


🐊मकर

प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। झंझटों में न पड़ें। आगे बढ़ने के मार्ग मिलने की संभावना। शत्रु पराजित होंगे। लाभ होगा। स्वास्थ्य ठीक होगा। अनजाना भय सताएगा। राज्य से लाभ। शत्रु शांत होंगे।


🍯कुंभ

रोजगार में वृद्धि होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। परिवार की चिंता रहेगी। लाभ होगा। अस्वस्थता का अनुभव करेंगे। चिंता से मुक्ति नहीं मिलेगी। शत्रु दबे रहेंगे। कलह-अपमान से बचें। संभावित यात्रा होगी। सावधानी बरतना होगी।


🐟मीन

जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। घर-बाहर अशांति रह सकती है। प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा के योग बनेंगे। कुछ कष्ट होने की संभावना। लाभ के योग बनेंगे। स्त्री वर्ग को कष्ट। कुसंग से कष्ट। कलहकारक दिन रहेगा। अपनी तरफ से बात को बढ़ावा न दें।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

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