Halloween party ideas 2015

 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में परिवहन विभाग के अन्तर्गत सम्भागीय निरीक्षक (प्राविधिक) पद पर नियुक्त 08 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।



 उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आपके जीवन की नई शुरूआत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव चयनित अभ्यर्थी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार करेंगे और परिवहन विभाग में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला राज्य है। राज्य में परिवहन के क्षेत्र में बहुत चुनौतियां हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वाहनों की फिटनेस जाँच, मोटर वाहन अधिनियम और नियमों के पालन कराने और सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों में सम्भागीय निरीक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, ऐसे में सड़क सुरक्षा और वाहनों की फिटनेस से संबंधित कार्यों में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। 


इस अवसर पर सचिव परिवहन श्री बृजेश कुमार संत, अपर सचिव परिवहन एवं प्रबंध निदेशक उत्तराखण्ड परिवहन निगम श्रीमती रीना जोशी एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बरेली के इन्वर्टिस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।


 उत्तराखण्ड में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू किये जाने पर इन्वर्टिस विश्वविद्यालय द्वारा सम्मान एवं अभिनंद समारोह आयोजित किया गया।  


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में यूसीसी की ऐतिहासिक पहल को साकार करने में उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता का महत्वपूर्ण योगदान है। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए एक समान और न्यायसंगत कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यूसीसी के लागू होने से राज्य के नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होने के साथ ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। अब किसी भी महिला को उत्तराधिकार या संपत्ति के अधिकार में भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह कानून लाखों महिलाओं के अधिकारों का एक सशक्त सुरक्षा कवच है, जो वर्षों से समानता की प्रतीक्षा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों के बीच समानता से समरसता स्थापित करने का एक संवैधानिक उपाय है। इसमें किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोगों द्वारा यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप के रजिस्ट्रेशन को लेकर कई प्रकार के भ्रम फैलाने का प्रयास किये जा रहे हैं। इसके पीछे मंतव्य हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इन संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों के अधिकारों एवं भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड से निकलने वाली यूसीसी की गंगा देश में एक नई चेतना जागृत करने का कार्य करेगी। यूसीसी की समरस धारा देश के दूसरे राज्यों को भी इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उनके नेतृत्व में जनहित में अनेक निर्णय लिये गये हैं। कश्मीर से धारा 370 का अंत, तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करना , नागरिकता संशोधन कानून लागू करना और फिर अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण जैसे ऐतिहासिक कार्य हुए हैं।  प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक कदम उठाया गया।


इस अवसर पर सांसद श्री क्षत्रपाल गंगवार, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. अरूण कुमार, दर्जा मंत्री उत्तराखण्ड श्री विनय रूहेला, महापौर बरेली डॉ. उमेश गौतम, विधायक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, डॉ. श्याम बिहारी लाल, श्री डी. सी. वर्मा, डॉ. एम. पी. आर्या, श्री अशोक कट्टारिया, कुलाधिपति इन्वर्टिस विश्वविद्यालय डॉ. वेद गौतम, डीन डॉ. राजेश शर्मा, कार्यकारी निदेशक श्री पार्थ गौतम सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

 बच्चों के मातृभाषा के विकास के लिए बाल साहित्य जरूरी

-धाद संस्था की ओर से फूलदेई सृजन बालपर्व के तहत बाल साहित्य में वक्ताओं ने रखे विचार

-रेसकोर्स स्थित आफिसर्स ट्रांजिट हास्टल में आयोजित कार्यक्रम में जुटे साहित्यकार

 देहरादून:



 बच्चों में साहित्य के प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से धाद साहित्य एकांश की ओर से फूलदेई सृजन बालपर्व के तहत बाल साहित्य के निमित्त विमर्श में वक्ताओं ने क्षेत्रीय भाषा को बचाने पर जोर दिया। कहा कि भाषाओं को बचाने की बात होगी तो बाल साहित्य सृजन इसका मुख्य आधार हो सकता है। बच्चों के मातृभाषा के विकास के लिए बाल साहित्य का होना जरूरी है।

रविवार को रेसकोर्स स्थित आफिसर्स ट्रांजिट हास्टल में आयोजित विमर्श में साहित्यकार और सामाजिक संगठन से जुड़े लोग शामिल हुए। उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं में बाल साहित्य विषय पर वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद् डा. नंदकिशोर हटवाल ने कहा कि उत्तराखंड की क्षेत्रीय भाषाओं में बाल साहित्य की कमी बनी हुई है। हिंदी व अंग्रेजी की तुलना में यहां की क्षेत्रीय भाषाओं में बाल साहित्य का सृजन न के बराकर है। वर्तमान में उत्तराखंड की नई पीढ़ी को उनकी मातृभाषा के प्रति प्रेम जागृत करने और चेतना विकसित करने के लिए नई पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी हे। 

बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा के सचिव और बाल प्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बाल साहित्य और सामाजिक सरोकार विषय पर विचार रखते हुए कहा कि बाल साहित्य बच्चों के लिए लिखेंगे तो बच्चा बनकर लिखना पड़ेगा। हम सभी को इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि जब भी लिख रहें हो तो बच्चों के भावना को समझकर लिखें। उन्होंने कहा कि समाज में वृद्धाश्रम खुल रहे हैं। बच्चों को संस्कारवान बनाना आज के समय में जरूरी हो गया हे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा विभाग की पूर्व उपनिदेशक डा. कमला पंत जबकि संचालन कल्पना बहुगुणा ने किया। इस मौके पर सविता मोहन, प्रो. राम विनय सिंह, राजेश्वरी सेमवाल, ड. सीमा गुप्ता, डा. मनोज पंजानि, कांता घिल्डियाल, कमला कठैत, अमाया रावत, नव्या सिंह, बीरेंद्र खंडूरी, मनोहरलाल, सुरेन्द्र अमोली, गणेश उनियाल, सुधीर सुन्द्रियाल, एसपी नौटियाल, अंबर खरबन्दा, बीएम. उनियाल, आदि मौजूद रहे।

 लाखों की संख्या में लोगों ने उठाया शिविरों का लाभ ,जनहित सर्वोपरि:मुख्यमंत्री धामी

प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड में "सेवा, सुशासन और विकास" कार्यक्रम के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविरों का सफल समापन हुआ।



 इन शिविरों ने जनता और सरकार के बीच की दूरी को कम करते हुए योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया। प्रदेश के हर जिले, हर विधानसभा और हर ब्लॉक स्तर पर आयोजित इन शिविरों में भारी संख्या में नागरिक पहुंचे, जिससे यह साबित हो गया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के विकास कार्यों पर जनता का पूर्ण विश्वास है।


*जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक सफलता*


22 मार्च से 25 मार्च तक सभी जिला मुख्यालयों में और 24 मार्च से 30 मार्च तक विधानसभा एवं ब्लॉक स्तर पर इन बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया गया। अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी सहित प्रदेश के सभी 13 जनपदों में इन शिविरों को जबरदस्त जनसमर्थन मिला। हजारों नागरिकों ने इसमें भाग लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया। इस व्यापक भागीदारी ने साबित कर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही हैं।


*स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार में बड़ा परिवर्तन*


इन शिविरों ने स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाइयां, टीकाकरण और आयुष्मान भारत योजना के तहत सैकड़ों जरूरतमंदों को राहत मिली। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृत्ति, पाठ्य पुस्तकें और डिजिटल शिक्षा उपकरण वितरित किए गए, जिससे हजारों छात्र लाभान्वित हुए।


स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुद्रा योजना और स्टार्टअप योजनाओं के तहत युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। किसानों को कृषि योजनाओं की जानकारी, अनुदान और आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ सके।


वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए विशेष पेंशन शिविरों का आयोजन किया गया, जहां हजारों लाभार्थियों को तत्काल सहायता प्रदान की गई। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी जरूरतमंद सरकारी सहायता से वंचित न रहे।


*जनता ने जताया आभार, सरकार के प्रयासों को सराहा*


शिविरों के सफल आयोजन के बाद प्रदेश के कोने-कोने से जनता ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब योजनाओं का लाभ पाना और अधिक आसान हो गया है। कई लाभार्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार की नीतियां सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं बल्कि धरातल पर क्रियान्वित हो रही हैं। इससे उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है और समस्याओं का समाधान तेजी से हुआ है।


*जनहित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "हमारी सरकार ने हमेशा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और यह बहुउद्देशीय शिविर इसी का प्रमाण हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प को साकार करते हुए हमने हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी विकास से जोड़ना ही हमारा संकल्प है।"


*भविष्य में भी जारी रहेगा जनसेवा का संकल्प*


सरकार की इस ऐतिहासिक पहल ने जनविश्वास और सुशासन को और मजबूत किया है। इस आयोजन की सफलता को देखते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की योजना बनाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। उत्तराखंड सरकार सेवा, सुशासन और विकास के मार्ग पर अटल संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

 देहरादून:

CM Dhami  at coronation hospital to see people suffering food poisioning


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों को हाल चाल जाना। 


देहरादून जनपद में फूड प्वाइजनिंग की वजह से लगभग 100 से अधिक लोग बीमार हो गये। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सहारनपुर से सप्लाई हुए कुट्टू के आटे में मिलावट की संभावना से लोगों का स्वास्थ्य खराब हुआ। 


मुख्यमंत्री ने कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों में भर्ती लोगों को समुचित इलाज देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। फूड प्वाइजनिंग की वजह से कोरोनेशन अस्पताल में 66 और दून मेडिकल कॉलेज में 44 मरीज भर्ती हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि जिन भी अस्पतालों में मरीज आ रहे हैं, उनके इलाज का पूरा प्रबंध किया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर से जिस दुकान के लिए कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ है, वह दुकान सील कर ली गई है। उस दुकान से जिन दुकानों के लिए कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ है, उनको भी सूचना दे दी गई है। सहारनपुर के जिला प्रशासन को भी देहरादून जिला प्रशासन से इसके बारे में जानकारी दी गई है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जिनके कारण यह घटना हुई है, स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिये गये हैं कि पूरे मामले की जाँच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर घटना की पूरी जाँच करेंगे। लापरवाही करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।  


इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल, एसएसपी देहरादून श्री अजय सिंह, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।


सभी कल्याणकारी योजनाओं में कोई भेदभाव नहीं- नरेंद्र सिंह नेगी


डोईवाला :


 सरकारी योजनाओं में सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास की नीति का दावा करने वाली भाजपा अब संगठन के माध्यम से इस संदेश को मजबूत करना चाहती है समाज के सभी वर्गों में अपनी पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तहत  भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चा के सहारे वार्ड नंबर 16 तेलीवाला में साबरी  वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले ईद के पावन पर्व पर लगभग 40 "सौगात ए मोदी" किट का वितरण किया!  पालिकाध्यक्ष नरेंद्र नेगी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद पर्व की मुबारकबाद देते और किट का वितरण करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं मे  किसी भी समुदाय के लिए कोई भेदभाव नहीं है! योजना में लाभार्थी वर्ग में बड़ी हिस्सेदारी मुसलमानों समुदायों की है साथ ही इससे सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा! वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष हाजी सैयद अफजल अली ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है! जिससे सभी को इसका लाभ मिलेगा! वार्ड सभासद सुरेंद्र सिंह लोधी और भाजपा वरिष्ठ कार्यकर्ता सुमेर चंद रवि ने कहा कि उत्तराखंड एक समदर्शी राज्य है जहां सभी धर्म और जातियों के लोग समान है और सभी समुदाय के लोग एक दूसरे के प्रति सभी धर्मो का सम्मान करते हैं! कार्यक्रम में भाजपा वरिष्ठ नेता सुमेर चंद रवि,  इलयास, गुलफाम, एजाज़ अहमद,उष्मान अली, ताहिर हुसैन के अलावा काफी संख्या में लोग मौजूद रहे!

  सोशल मीडिया पर लगातार पूर्व मुख्यमंत्री सीएम एवम सांसद हरिद्वार द्वारा संसद  में दिए गए इस बयान की चर्चा जोरों पर है कि उत्तराखंड के हरिद्वार उधम सिंह नगर में धड़ल्ले से अवैध खनन  हो रहा है जिस पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।

 इस संबंध में सोशल मीडिया पर उनके कार्यकर्ताओं ने बृजेश पाठक सचिन खनन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा है कि


हरिद्वार सांसद व  पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने संसद में अवैध  खनन के विषय में जो लिखित बयान दिया वह पूरी प्रमाणिकता के साथ दिया। 



 देहरादून, हरिद्वार व उधम सिंह नगर में अवैध खनन की खबरें प्रमुखता से आ रही है। कुछ दिन पूर्व ही हरिद्वार में खनन माफिया ने अवैध खनन रोकने वाले को ट्रैक्टर से कुचलनने का प्रयास किया जिसका वीडियो प्रमुखता से वायरल हुआ, साथ ही खनन के ट्रक ने लच्छीवाला टोल   के पास दो नवयुवकों  को कुचल कर दर्दनाक मौत दी।


 अवैध खनन की खबरें निरंतर मीडिया व सोशल मीडिया पर तैर रही हैं।गंगा यमुना सहित अन्य नदियों  में अवैज्ञानिक तरीकों से खनन  हो रहा है जो बाढ़  व  पर्यावरण असुंतलन का कारण बन रहा है।

कैग की रिपोर्ट में भी अवैध खनन  की बात की गई है। माननीय सांसद द्वारा इस मुद्दे को  संसद  में उठाकर एक सच्चे जनप्रतिनिधि  की मिसाल प्रस्तुत की है जो कि साहसिक व  प्रशंसनीय  है। 

वहीं दूसरी ओर  खनन सचिव ब्रजेश कुमार   द्वारा अपनी सीमाओं को पार करते हुए यह  बयान की यह सब निराधार भ्रामक और असत्यहै । उनका यह बयान समझ से परे ,  प्रदेश की जनता को गुमराह करने वाला व  अत्यंत निंदनीय है । ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

 एम्स ऋषिकेश की दूर्दुशा की वीडियो आयी समाने       


  ऋषिकेश: 



 एम्स ऋषिकेश में  मरीज के तथा उसके तीमारदार महिला के साथ स्टाफ का दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमे महिला अपने पिता को इलाज न मिलने और स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार को दिखा रही है।


 तीमरदार ने एम्स ऋषिकेश के उस पक्ष     को उजागर किया  है जहां उत्तराखंड के ही निवासी मरीजो  को सौतेलेपन का सामना करना पड़ रहा है। 

सरकारी अस्पताल में मरीज बड़ी ही उम्मीद से कदम रखता है कि बड़े खर्चों से बच पायेगा परंतु इलाज नही मिलना तो एक बात है उस पर दुर्व्यवहार करना अमनुषता को दिखाता है।

आखिर एम्स ऋषिकेश में कमी किस बात की है। स्टाफ ,इलाज, बिस्तर, दवाईयां जिस कारण उत्तराखंड के ही मरीजों को बगले झाँकनी पड रही है।


  राज्य सरकार इसे केन्द्र सरकार का मुद्दा कहकर पल्ला  छुड़ा लेती है ऐसे में जो गरीब दुर्गम स्थानों के उत्तराखंड निवासी कहाँ जाएं और क्यों दुर्व्यवहार सहन करें।

 इसका जवाब अवश्य ही सरकार और एम्स ऋषिकेश को देना चाहिए। कि यह बात कहाँ तक सच है और अगर है तो क्यों ,और नही है तो स्पष्ट अवश्य करें?

www.satyawani.com @ All rights reserved

www.satyawani.com @All rights reserved
Blogger द्वारा संचालित.