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ऋषिकेश:


दिनांक 27 मार्च 2025 को श्री गणेश खुुगशाल गण़ी निवासी पौड़ी/देहरादून तथा श्री प्रदीप सुन्दरियाल निवासी पौड़ी गढ़वाल द्वारा दूरभाष से शैलेंद्र सिंह नेगी नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश के संज्ञान  में लाया गया कि एक निराश्रित एवं मूकबधिर महिला ऋषिकेश के चन्द्रभागा पुल हरिद्वार रोड़ वीमार्ट के निकट विचरण कर रही है तथा असहाय एवं बीमार लग रही है जिसे तत्काल सहायता पहुंचानी अत्यंत आवश्यक है। 


उक्त सूचना के आधार पर शैलेंद्र सिंह नेगी नगर आयुक्त नगर निगम ऋषिकेश द्वारा श्री अभिषेक मल्होत्रा, प्रभारी सफाई निरीक्षक, नगर निगम ऋषिकेश, श्री नरेश खेरवाल, प्रभारी सुपरवाईजर, नगर निगम ऋषिकेश एवं श्रीमती मुन्नी बिन्दर, पर्यावरण मित्र, नगर निगम ऋषिकेश को वाहन सहित मौके पर भेजा गया।

 नगर निगम टीम द्वारा सम्बन्धित महिला को सकुशल मौके से रेस्क्यू कर नगर निगम के निशुल्क महिला रैन बसेरा, आई0एस0बी0टी0 ऋषिकेश में लाया गया है, जहां उन्हे निशुल्क भोजन एवं जलपान के साथ ही डोरमेट्री में बेड, बिस्तर उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही नगर आयुक्त द्वारा भी रैन बसेरा निरीक्षण किया गया, जिसमें सम्बन्धित महिला से उसके निवास सहित अन्य विवरण जानने का प्रयास किया गया है, किन्तु सम्बन्धित महिला मानसिक मूकबधिर होने के कारण स्पष्ट नही बोल पा रही है, जिस कारण यह स्पष्ट नही हो रहा है कि वह किन कारणों से अपने घर से ऋषिकेश तक पहुँची है।


 सम्बन्धित महिला से उसके बैग में रखे गये अभिलेख मांगे गये, जिसके अनुसार संबंधित महिला का नाम श्रीमती महेशी देवी उम्र 38 विकलांग (मूकबधिर) पुत्री श्री सुन्दरलाल पुत्र श्री छविलाल, ग्राम व पोस्ट सुंग, नंदानगर, जिला चमोली है। अभिलेखों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक गोपेश्वर का पत्र एवं मेडिकल रिपोर्ट तथा फटे हुए अभिलेख में नारी निकेतन भेजने का विवरण उल्लेखित है। नगर आयुक्त द्वारा जिला प्रोबेषन अधिकारी देहरादून को फोन पर सूचित कर भर्ती का अनुरोध किया गया है।


 सम्बन्धित महिला की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उसकी उचित देखभाल एवं संरक्षण हेतु  नगर निगम ऋषिकेश से श्रीमती सुलेखा, सुपरवाईजर, वाहन चालक श्री रोहित कुमार एवं श्रीमती अनिता चमोली, पी0आर0डी0 (वर्दी) के माध्यम से नारी निकेतन मे भर्ती कर दिया गया है।

 

8750 किमी लंबी 1490 बाराहमासी ग्रामीण सड़कों का होगा निर्माण

 

प्रदेश में न्यूनतम 250 तक की आबादी वाली बसावटों को बाराहमासी सड़क से जोड़ने का काम शुरू हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चौथे चरण की गाइडलाइन जारी कर दी गई है, जिसके क्रम में उत्तराखंड ग्राम्य विकास विभाग ने 8750 किमी लंबी 1490 सड़कों के निर्माण का सर्वे पूरा कर लिया है।



सड़क विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2000 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना शुरु की गई थी। योजना के प्रथम तीन चरण पूरे हो चुके हैं। जिसमें 2001 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर न्यूनतम 250 की आबादी वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है। अब केंद्र सरकार ने योजना के तहत चौथे चरण की गाइडलाइन भी जारी कर दी है, जिसके तहत 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर न्यूनतम 250 तक की आबादी वाली सभी बसावटों को सड़क से जोड़ा जाना है। इस गाडइलाइन के आधार पर उत्तराखंड में कुल 8750 किमी लंबी, 1490 ग्रामीण सड़कों का सर्वे पूरा हो चुका है। सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा ने बताया कि सर्वे के बाद इन सड़कों के लिए डीपीआर बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए जल्द केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। सड़कों के साथ जरूरत के अनुसार पुलिया, कॉजवे और बड़े पुलों का भी निर्माण किया जाएगा।


योजना की गाइडलाइन के मुताबिक, आबादी का निर्धारण राजस्व गांव या पंचायत के आधार पर नहीं बल्कि, एक निश्चित दायरे में रहने वाली आबादी को जोड़कर किया जाएगा। उत्तराखंड में डेढ़ किमी के दायरे में मौजूद बसावटों को एक साथ जोड़कर आबादी का निर्धारण किया जाएगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे विकासखंड़ों में दस किमी के दायरे में मौजूद बसावटों का जोड़कर आबादी का निर्धारण किया जाएगा। इसका लाभ उत्तराखंड जैसी छोटी बसावट वाले राज्य को मिलेगा।  


*प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत उत्तराखंड के छोटे छोटे गांवों तक सड़क पहुंचाई जा रही है। अब आबादी के लिए कलस्टर को मानक बनाए जाने से, उत्तराखंड की कम आबादी बसावटों तक भी सड़क पहुंच पाएगी। पीएमजीएसवाई योजना के चौथे चरण में जल्द काम शुरू किया जाएगा।*

 

*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री*

नन्दा गौरा योजना के 40 हजार 504 लाभार्थियों को  01 अरब 72 करोड़ 44 लाख 04 हजार रुपए की धनराशि का  मुख्यमंत्री ने  डीबीटी के माध्यम से किया वितरण ।* 


*योजना से विगत 05 वर्ष में 02 लाख 84 हजार 559 लाभार्थियों को कुल 09 अरब 68 करोड़ 64 लाख 51 हजार की धनराशि प्रदान की गई।*


*बालिका के जन्म और 12वीं पास करने पर दी जा रही है कुल 62 हजार की धनराशि।*

 

*बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे हैं अनेक कार्य-मुख्यमंत्री*



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से डीबीटी के माध्यम से नंदा गौरा योजना के 40 हजार 504 लाभार्थियों को  वित्तीय वर्ष 2024-25  में लाभान्वित 01 अरब 72 करोड़ 44 लाख 04 हजार रुपए की धनराशि का वितरण किया। इस योजना के माध्यम से विगत 05 वर्ष में 02 लाख 84 हजार 559 लाभार्थियों को कुल 09 अरब 68 करोड़ 64 लाख 51 हजार की धनराशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।


नंदा गौरा योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में कन्या के जन्म पर 11 हजार एवं एवं 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25  के लाभार्थियों में जन्म पर 08 हजार 616 बालिकाओं को 09 करोड़ 81 लाख 16 हजार की धनराशि और 12वीं पास करने वाली 31 हजार 888 बालिकाओं को 01 अरब 62 करोड़ 62 लाख 88 हजार की धनराशि मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।  नंदा गौरा योजना से बड़ी संख्या में राज्य के गरीब परिवारों की बालिकाएं लाभान्वित हो रही हैं। उत्तराखण्ड में बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना,  मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है। 


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, सचिव श्री चंद्रेश कुमार यादव, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास श्री प्रशांत आर्य और महिला सशक्तिकरण और बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया। 


इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण अभियान 2025 की थीम ‘‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’’ पर आधारित भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ और ब्रोशर का विमोचन किया। इस एप के माध्यम से लोग अपने क्षेत्र के क्रिटिकल और संकटग्रस्त जल स्त्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे। एप के माध्यम से चिन्हित स्त्रोतों का सरकार द्वारा पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जायेंगे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जल स्त्रोतों, नौलों, धारों तथा वर्षा आधारित नदियों का संरक्षण करने के उद्देश्य से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है। सारा ने विगत वर्ष  विभिन्न विभागों के मध्य सहयोग एवं समन्वय स्थापित कर प्रदेश के लगभग 6500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु उपचार कार्य करने के साथ ही लगभग 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन करने में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि सारा द्वारा, जहां एक ओर, मैदानी क्षेत्रों में केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के सहयोग से भू-जल रिचार्ज हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश की नदियों को पुनर्जीवित करने के अपने प्रथम चरण में तकनीकी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर नयार, सौंग, उत्तरवाहिनी शिप्रा एवं गौड़ी नदी के उपचार के लिए आई०आई०टी०, रूड़की एवं एन०आई०एच० रूड़की के सहयोग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि जल उन्नति, प्रगति जीवन और विकास का मुख्य आधार है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसमें जन सहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि 10 सालों में उत्तराखण्ड के विकास को बुलंदियों पर ले जाने का यही समय है, जो सही समय है।  उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अभियान को ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक व्यापक रूप से चलाया जायेगा। 


इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य के जल स्त्रोतों के सुधारीकरण और पुनर्जीवित करने के लिए सारा का गठन किया गया है। जल संरक्षण अभियान 2025 में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ भी हो गया है। इस एप के माध्यम से आम जन अपने क्षेत्रों के क्रिटिकल और सूख चुके जल स्त्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे जिससे समय रहते उनका उपचार भी संभव होगा। 


इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि जल संरक्षण अभियान 2025 एक अभियान मात्र नहीं है। राज्य की जल संपदाओं का संचयन, संरक्षण राज्यवासियों की सहभागिता से किया जा रहा। इस अभियान के तहत ग्राम स्तर पर धारा नौला संरक्षण समिति गठित है, जिससे प्रत्येक स्तर पर ग्रामवासियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके साथ ही  ग्रामपंचायतों की क्षमता विकास के लिए चरणवार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।


इस मौके पर विधायक श्री खजान दास, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, जलागम प्रबंधन से श्रीमती नीना ग्रेवाल, पर्यावरणविद श्री चंदन सिंह नयाल, श्री कुंदन सिंह पंवार और पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में 1064 हेल्पलाइन की बैठक के दौरान निर्देश दिये कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के लिए सभी विभागों द्वारा अपने स्तर से प्रयास किये जाएं। विभागों में जिन मामलों में अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, विभागों द्वारा इसके समाधान के लिए उचित कार्यवाही की जाए। एक ही स्थान पर लंबे समय से तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों का समय-समय पर ट्रांसफर किया जाए। 1064 हेल्पलाइन की प्रभावशीलता को नियमित बनाये रखने के लिए सभी विभाग विजिलेंस को सहयोग करें। सीएम हेल्पलाइन 1905 के साथ 1064 हेल्पलाइन की भी समीक्षा की जायेगी। 


मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि भ्रष्टाचार की शिकायत पर सघन जांच के साथ कठोर कार्यवाही भी की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए की शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनी रहे और भ्रष्टाचार की शिकायत होने पर यदि वह सही पाई जाती है, तो शिकायतकर्ताओं को प्रोत्साहित भी किया जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी बनाये जाएं और उनको प्रशिक्षण भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण में सभी विभाग विजिलेंस को सहयोग करें। 


बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले तीन सालों में कुल 66 लोगों को ट्रैप किया जा चुका है।  72 भ्रष्टाचारियों को हिरासत में भी लिया गया है। राजस्व विभाग, पुलिस और विद्युत विभाग में सबसे अधिक कार्मिक ट्रैप किए गए है। 2025 में टोलफ्री नंबर 1064 एवं वेबसाइट से अब तक 343 शिकायतें प्राप्त हुई है, जिन पर कार्यवाही गतिमान है। रिवॉल्विंग फंड के तहत ट्रैप की कार्यवाही में शिकायतकर्ताओं को ट्रैप की धनराशि वापस की जाने की प्रकिया शुरू की गई है। जिसमें वर्तमान में 33 लोगों को ट्रैप की धनराशि वापसी की प्रक्रिया गतिमान है। 


बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव न्याय श्री प्रदीप पंत, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, श्री एल. फैनई, श्री आर.मीनाक्षी सुदंरम, निदेशक सतर्कता श्री वी. मुरूगेशन, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून:

CM dhaami And new CS uttarakhand anand vardhan


अपर मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद वर्धन को 01 अप्रैल,2025 से मुख्य सचिव उत्तराखंड पद पर तैनात किये जाने का शासन द्वारा निर्णय लिया गया है।

 *@IndianExpress द्वारा जारी की गई 100 सबसे ताकतवर भारतीयों की सूची में  मुख्यमंत्री श्री @pushkardhami जी को देश के सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में 32वां स्थान प्राप्त हुआ है।

CM dhami in top most100  people l8st


 जबकि पिछले वर्ष वह 61वें स्थान पर थे। यह छलांग इस बात का प्रमाण है कि  मुख्यमंत्री  ने अपनी नेतृत्व क्षमता, कड़ी मेहनत और समर्पण से राज्य के विकास को नया आयाम दिया है।*


*माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा हैं, जो न केवल राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश की राजनीति में भी उनका प्रभाव और सम्मान बढ़ाते है।*


https://x.com/OfficeofDhami/status/1905444402425937988?s=08

आज का राशिफल

*दिनांक:- 28/03/2025, शुक्रवार*

चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष, 

चैत्र

 

Rashifal today 28 march 2025


*💮🚩    विशेष जानकारी   🚩💮*


 *शनि मीन में प्रवेश रात्रि 09:46 पर 


*💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮*


पादाभ्यां न स्पृशेदग्नि गुरुं ब्राह्मणमेव च ।

नैव गां च कुमारीन न वृध्दं न शिशुं तथा ।।

।। चा o नी o।।


 इन दोनों के मध्य से कभी ना जाए..

१. दो ब्राह्मण.

२. ब्राह्मण और उसके यज्ञ में जलने वाली अग्नि.

३. पति पत्नी.

४. स्वामी और उसका चाकर.

५. हल और बैल.


*🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩*


गीता -:दैवासुरसम्पद्विभागयोग :- अo-15


दम्भो दर्पोऽभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च।,

अज्ञानं चाभिजातस्य पार्थ सम्पदमासुरीम्‌॥,


हे पार्थ! दम्भ, घमण्ड और अभिमान तथा क्रोध, कठोरता और अज्ञान भी- ये सब आसुरी सम्पदा को लेकर उत्पन्न हुए पुरुष के लक्षण हैं॥,4॥,


*💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮*


देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।

नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।

विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।

जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।


🐏मेष

शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा। पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी।


🐂वृष

प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।


👫मिथुन

रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी।


🦀कर्क

शारीरिक कष्‍ट से बाधा संभव है। भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें।


🐅सिंह

पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है।


🙍‍♀️कन्या

पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।


⚖️तुला

विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा।


🦂वृश्चिक

फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।


🏹धनु

नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें। नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी। घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें।


🐊मकर

धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी।


🍯कुंभ

रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।


🐟मीन

चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा।


🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

*आचार्य  पवन  पाराशर (वृन्दावन)*

 -हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र रावत ने लोकसभा में उठाया अवैध खनन का मुददा, टास्क फोर्स गठित करने की मांग

ओवरलोडिंग रोकने हेतु सभी मुख्य मार्गो पर चैक पोस्ट लगाए जाए, दोषी ट्रक मालिकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएः त्रिवेंद्र


देहरादून:



हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज लोकसभा में अवैध खनन से भरे ट्रकों और उनसे सड़कों पर जनता की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुददे की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। 



उन्होंने लोकसभा स्पीकर के जरिए केंद्र सरकार से मांग की कि अवैध तरीके से खनन सामग्री से भरे तेज गति से सड़कों पर चल रहे वाहनों की निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए। उन्होंने अवैध खनन सामग्री ढोने वाले ट्रक मालिकों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसा दूसरी बार हुआ जब हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा सदन में हरिद्वार समेत पूरे राज्य में अवैध खनन का मुददा उठाया है। 

पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर के जिलों में रात के समय अवैध रूप से संचालित खनन ट्रकों का संचालन हो रहा है। यह कानून और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। अपितु आम जनमानस की सुरक्षा को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। यह देखा गया है कि राज्य सरकार और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बाबजूद खनन माफियाओं द्वारा रात्रि के समय ट्रकों का अवैध संचालन धडल्ले से किया जा रहा है। इन ट्रकों में भारी मात्रा में ओवरलोडिंग की जाती है। बिना किसी वैध अनुमति के खनिजों का परिवहन किया जाता है। अवैध गतिविधियों के कारण राज्य में सड़कों, पुलों के बुनायादी ढांचे को भारी क्षति हो रही है। इससे आम नागारिकों के लिए आवागमन कठिन हो गया है। सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि लापरवाही और तेज गति से वाहन संचालन के कारण सड़क दुर्घटनाओं लगातार बृद्धि हो गई है। कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। कई घायल हो चुके है। ट्रक चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और नशे की हालत में वाहन चलाना स्थानीय प्रशासन से मिलीभगत के चलते स्थिति और भी भयावह होती जा रही है। 

उन्होंने स्पीकर के जरिए कहा कि यह भी आवश्यक है कि केंद्र सरकार इस गंभीर समस्या की ओर तत्काल ध्यान दे। प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे।  त्रिवेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार और उत्तराखंड राज्य प्रशासन से आग्रह करते है कि अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए यह विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए। रात्रि के समय खनन के वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए और सख्ती से निगरानी की जाए। ओवरलोडिंग रोकने हेतु सभी मुख्य मार्गो पर चैक पोस्ट लगाए जाए। दोषी ट्रक मालिकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।  इस मामले में संलिप्त अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लापरवाही बरतने वालों पर कठोर अनुशासत्मक कार्यवाही की जाए।

 मुख्यमंत्री ने की समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण के साथ ही जनजाति कल्याण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा


*जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सुनिश्चित की जाए कारगर व्यवस्था* 


*जनसेवा से जुड़े कार्यों का बेहतर रिजल्ट उपलब्ध कराना होना चाहिए अधिकारियों का उद्देश्य* 


*अधिकारी राज्य हित में बेहतर कार्य कर सकें इसके लिए उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है*

 *बेहतर वातावरण-मुख्यमंत्री* 

प्रदेश में प्रतिमाह मुख्यमंत्री के संदेश के साथ निर्धारित तिथि को वृद्धावस्था पेंशन वितरण की व्यवस्था की जाएगी सुनिश्चित- मुख्यमंत्री

 

CM Dhami review social welfare department work



मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण के साथ ही जनजाति कल्याण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा की।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभागीय समीक्षा बैठकों में लिए जाने वाले जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। ऐसी योजनाओं पर कैबिनेट में लाए जाने से पूर्व जन सुझावों पर तथा अच्छी सोच व नियत के साथ कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा से जुड़े कार्यों का बेहतर रिजल्ट उपलब्ध कराना अधिकारियों का उद्देश्य होना चाहिए उन्होंने सभी लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा विभागों के आउटपुट का भी परीक्षण करने को कहा।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के विकास के प्रति समर्पित एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी राज्य हित में बेहतर कार्य कर सकें इसके लिए उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि सभी एकजुट होकर मन से कार्य करेंगे तो हम राज्य का बेहतर विकास कर सकेंगे। उन्होंने भविष्य में अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था पर भी रोक लगाए जाने की बात कही।


मुख्यमंत्री ने कहा हमारे बुजुर्गों को प्रतिमाह समय पर पेंशन मिले इसके लिए अब प्रतिमाह मुख्यमंत्री के संदेश के साथ निर्धारित तिथि को वृद्धावस्था पेंशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में अकेले रह रहे बुजुर्गों की उचित देखभाल के लिए भी प्रभावी प्रयासों की जरुरत बताते हुए कहा कि इसमें आंगनबाड़ी केन्द्रों को भी सहयोगी बनाया जाए।


मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त उत्तराखण्ड योजना के तहत बनाए जा रहे केन्द्रों के रखरखाव तथा योजना के प्रभावी प्रचार प्रसार पर ध्यान देने को उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी निकट भविष्य में हलद्वानी में स्थापित केन्द्र का निरीक्षण करेंगे।


मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की पेंशन  के लिए लाभार्थियों को दिए जाने वाले सर्टिफिकेट आसानी से बनाए जाने, विभाग द्वारा संचालित आई०टी०आई० से अधिक से अधिक प्लेसमेंट की व्यवस्था, वृद्ध और निराश्रित व्यक्तियों के लिए आश्रय गृह प्रदान करने के लिये प्रदेश में शेल्टर होम तथा उनके संचालन की भी कारगर व्यवस्था बनाए जाने को कहा उन्होंने सामान्य आईटीआई की भांति समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईटीआई का भी औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय बनाए जाने को कहा।


मुख्यमंत्री ने नियोजन विभाग द्वारा जारी अध्ययन रिपोर्ट में औसत प्रदर्शन वाली योजनाओं को और अधिक जन उपयोगी बनाए जाने को कहा। पूर्व माध्यमिक छात्रवृत्ति योजना, अटल आवास योजना तथा एससी वर्ग के लिए निर्मित योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार की भी मुख्यमंत्री ने जरुरत बताई।

 

बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अभी भी 46 प्रतिशत महिलायें एनिमीक हैं। इसे कम करने के लिए विभाग ठोस कार्ययोजना बनाए। मुख्यमंत्री महिला पोषक योजना के माध्यम से एनिमिया के केसों को कैसे कम किया जा सकता है इस पर ध्यान दिया जाए। दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी से पहले नजदीकी सरकारी चिकित्सालयों में देख-रेख हेतु उचित व्यवस्था बनाए जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा महिलाओं के आजीविका संवर्धन हेतु चलाई जा रही महिला समेकित योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना, नंदा गौरा योजना, कार्यशील महिला छात्रावास योजना जैसी योजनाओं के बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान दिया जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री जच्चा बच्चा शुभ जीवन प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार प्रोत्साहन योजना तथा कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण पर भी समयबद्धता के साथ कार्य किए जाने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों तथा छात्रों के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं पर भी ध्यान देने के साथ  नशा मुक्त भारत अभियान, शिल्पी ग्राम योजना, भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की तथा कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज की स्थिती पर भी ध्यान दिए जाने की जरुरत है, उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या वर्ष 2000 में 105.79 करोड़ थी, जो वर्ष 2023 में 143.81 करोड़ हो गई है जबकि उत्तराखण्ड की आबादी वर्ष 2000 में 84 लाख थी जो वर्ष 2023 में 1.275 करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह बढ़ोतरी 35 प्रतिशत तो उत्तराखण्ड के परिदृश्य में 51 प्रतिशत है।


बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्री विश्वास डाबर, मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव श्री आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. नीरज खैरवाल, निदेशक बाल विकास श्री प्रशांत आर्य, निदेशक जनजाति कल्याण श्री संजय टोलिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

उपनल कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से की भेंट

*उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनाए जाने की घोषणा किए जाने पर मुख्यमंत्री का जताया *आभार*


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को देर सांय सचिवालय में उपनल कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने भेंट की। उन्होंने उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनाए जाने की घोषणा किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। संघ के पदाधिकारियों ने उपनल कर्मचारियों के अप्रैल माह में आयोजित होने वाले अधिवेशन हेतु भी मुख्यमंत्री को आमंत्रण दिया।


इस अवसर पर उपनल कर्मचारी  महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद, कार्यकारी अध्यक्ष महेश भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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